मानवाधिकार कार्यकर्ता शेहला रशीदने मंगलवार को जम्मू-कश्मीर में स्थिति में सुधार और लोगों की जान बचाने में मदद के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदीके नेतृत्व वाली केंद्र सरकार और जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल की तारीफ की. उल्लेखनीय है कि आईएएस अधिकारी राशिद उन याचिकाकर्ताओं में से एक हैं, जिन्होंने अनुच्छेद 370 को निरस्त करने की संवैधानिक वैधता को चुनौती दी थी, लेकिन बाद में उन्होंने अपना नाम सूची से वापस ले लिया.
5 अगस्त, 2019 को, केंद्र ने पूर्ववर्ती राज्य जम्मू और कश्मीर का विशेष दर्जा छीनने और इसे दो केंद्र शासित प्रदेशों में विभाजित करने का निर्णय लिया था. मानवाधिकार कार्यकर्ता शेहला रशीद ने अपने एक ट्वीट में कहा ” इस बात को स्वीकार करना भले ही असुविधाजनक हो, लेकिन कश्मीर में मानवाधिकार रिकॉर्ड में सुधार हुआ है.” नरेंद्र मोदी सरकार और जम्मू-कश्मीर प्रशासन के स्पष्ट रुख ने कुल मिलाकर जीवन बचाने में मदद की है. यही मेरा दृष्टिकोण है.”
https://twitter.com/Shehla_Rashid/status/1691389570414497792
शेहला रशीद ने शेयर किया वीडियो
इतना ही नहीं शेहला रशीद ने हिजबुल मुजाहिदीन के आतंकवादी के भाई रईस मट्टू के वीडियो को भी शेयर किया. जिसमें रईस मट्टू ने भारतीय तिरंगे को लहराने की बात कही थी और यहां तक कि उसने जम्मू-कश्मीर में विकास लाने के लिए बीजेपी सरकार की प्रशंसा भी की थी. रईस हिजबुल आतंकवादी जावेद मट्टू का भाई है, जो जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा एजेंसियों की सूची में शीर्ष पर है. 14 अगस्त को रईस का अपने घर से तिरंगा लहराते हुए एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया.
रईस मट्टू ने क्या कहा
इसमें मट्टू ने कहा “मैंने दिल से तिरंगा लहराया. किसी का कोई दबाव नहीं था. सारे जहां से अच्छा हिंदुस्तान हमारा, हम बुलबुले हैं इसके ये गुलिस्तां हमारा. विकास हो रहा है. पहली बार 14 अगस्त को अपनी दुकान पर बैठा हूं. पहले इस समय दुकान 2-3 दिन बंद रहती थी. छली राजनीतिक पार्टियां खेल खेल रही थीं.” यही नहीं मट्टू ने ये भी कहा कि मेरा भाई 2009 में (आतंकवादी) बन गया, उसके बाद हम उसके बारे में कुछ नहीं जानते. रईस मट्टू ने कहा कि अगर वह जीवित है, तो मैं उससे वापस आने का आग्रह करता हूं. मट्टू ने कहा, कि स्थिति बदल गई है. अब पाकिस्तान कुछ नहीं कर सकता. हम हिंदुस्तानी हैं, हैं और रहेंगे.












