दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने एक अहम पहल की घोषणा की है, जिसके तहत राजधानी में जल्द ही खंडित और पुरानी मूर्तियों के लिए विशेष कलेक्शन सेंटर बनाए जाएंगे। इन सेंटरों पर लोग अपने घरों में रखी टूटी या खंडित मूर्तियों को सम्मानपूर्वक जमा कर सकेंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अक्सर लोग अनजाने में धार्मिक मूर्तियों को पीपल के पेड़ के नीचे, नदियों, सड़कों या पार्कों के किनारे छोड़ देते हैं, जो न केवल पर्यावरण के लिए हानिकारक है बल्कि धार्मिक भावनाओं को भी ठेस पहुंचाता है। इस समस्या को ध्यान में रखते हुए सरकार ने यह योजना शुरू करने का निर्णय लिया है।
Delhi CM Rekha Gupta says, "We will be setting up dedicated collection centres to respectfully recycle our cherished damaged idols. Share your suggestions in this regard."
(Video source: CMO) pic.twitter.com/X1duImjvvP
— ANI (@ANI) May 19, 2026
सम्मान के साथ होगा निस्तारण
सरकार की इस पहल के तहत जमा की गई मूर्तियों को फेंका नहीं जाएगा, बल्कि उनका सम्मानजनक तरीके से निस्तारण किया जाएगा। इसके लिए रीसायकल प्रक्रिया अपनाई जाएगी, जिससे इन मूर्तियों को उपयोगी वस्तुओं में बदला जा सके।
जनता से मांगे सुझाव
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इस योजना को और प्रभावी बनाने के लिए आम जनता से सुझाव भी मांगे हैं। उन्होंने लोगों से अपील की है कि वे अपने विचार साझा करें, ताकि इस पहल को और बेहतर बनाया जा सके।
पर्यावरण और आस्था दोनों का ध्यान
दिल्ली सरकार इस योजना के लिए एक विस्तृत ब्लूप्रिंट तैयार कर रही है, जिससे धार्मिक आस्था का सम्मान बना रहे और पर्यावरण को भी कोई नुकसान न पहुंचे।
इस पहल को धार्मिक भावनाओं और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
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