उत्तराखंड की राजधानी देहरादून से एक बेहद संवेदनशील और चौंकाने वाला मामला सामने आया है। एक रिटायर्ड फौजी ने आरोप लगाया है कि उनकी बेटी को शादी के बाद ससुराल में अमानवीय यातनाएं दी गईं। शिकायत के अनुसार महिला को करीब 10 महीने तक कमरे और टॉयलेट में कैद रखा गया, उसके साथ शारीरिक और मानसिक उत्पीड़न किया गया तथा उसे उसके जुड़वा बच्चों से भी अलग कर दिया गया।
पीड़िता के पिता की शिकायत पर पुलिस ने पति, सास और ससुर के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि महिला के शरीर पर चोटों के निशान मिले हैं और मेडिकल रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
केंद्रीय विद्यालय के शिक्षक से हुई थी शादी
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, मामला देहरादून के भाऊवाला क्षेत्र का है। पीड़िता के पिता, जो भारतीय सेना में 33 वर्षों तक सेवा देने के बाद हवलदार पद से सेवानिवृत्त हुए हैं, ने सेलाकुई थाने में शिकायत दर्ज कराई।
शिकायत में कहा गया है कि वर्ष 2024 में उनकी बेटी की शादी केंद्रीय विद्यालय (KV) में कार्यरत शिक्षक राहुल खंडूरी से हुई थी। परिवार का आरोप है कि शादी के शुरुआती कुछ महीनों के बाद ही महिला को प्रताड़ित किया जाने लगा।
जुड़वा बच्चों के जन्म के बाद बढ़ा उत्पीड़न का आरोप
परिजनों के अनुसार, फरवरी 2025 में महिला ने जुड़वा बच्चों को जन्म दिया। इसके बाद कथित तौर पर उसके साथ दुर्व्यवहार और बढ़ गया।
शिकायत में कहा गया है कि ससुराल पक्ष बच्चों को अपने पास रखना चाहता था और महिला को उनसे दूर रखा जाने लगा। यहां तक कि उसे बच्चों को दूध पिलाने से भी रोकने का आरोप लगाया गया है।
10 महीने तक टॉयलेट और कमरे में कैद रखने का दावा
पीड़िता के पिता का आरोप है कि जुलाई 2025 से मई 2026 तक उनकी बेटी को घर के एक कमरे और टॉयलेट में बंद रखा गया। इस दौरान उसे परिवार और बाहरी लोगों से मिलने नहीं दिया गया।
परिजनों का दावा है कि महिला को पर्याप्त भोजन भी नहीं दिया जाता था। उसकी मां के अनुसार, उसे कई बार केवल सूखे चावल, प्याज और मिर्च देकर गुजारा करने के लिए मजबूर किया गया।
रेस्क्यू के दौरान देखकर दंग रह गए परिजन
पीड़िता के माता-पिता का कहना है कि 26 मई 2026 को वे स्वयं ससुराल पहुंचे और बेटी को वहां से लेकर आए। उनके अनुसार, शुरू में उन्हें बेटी से मिलने नहीं दिया गया, लेकिन जब वे घर के भीतर पहुंचे तो उसकी हालत देखकर स्तब्ध रह गए।
परिवार का आरोप है कि महिला के शरीर पर गंभीर चोटों के निशान थे। उसके बाल बुरी तरह खींचे गए थे और शरीर के कई हिस्सों पर चोट के निशान दिखाई दे रहे थे।
पति पर भी उत्पीड़न में शामिल होने का आरोप
परिजनों का आरोप है कि महिला के पति भी कथित उत्पीड़न में शामिल थे। शिकायत के अनुसार, जब भी वह दिल्ली से देहरादून आते थे, तब महिला के साथ मारपीट और दुर्व्यवहार किया जाता था।
परिवार ने यह भी आरोप लगाया है कि जब उन्होंने ससुराल पक्ष से बेटी की हालत के बारे में सवाल किया तो उन्हें कथित रूप से निजी तस्वीरों के जरिए धमकाने की कोशिश की गई।
पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा
सेलाकुई थाना पुलिस ने शिकायत के आधार पर महिला के पति और उसके माता-पिता के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, पीड़िता का मेडिकल परीक्षण कराया गया है। शुरुआती जांच में शरीर पर चोटों के निशान पाए गए हैं। मेडिकल रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
जांच के बाद सामने आएगी पूरी सच्चाई
फिलहाल मामला जांच के अधीन है और पुलिस सभी आरोपों की सत्यता की जांच कर रही है। मेडिकल रिपोर्ट, गवाहों के बयान और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
इस घटना ने घरेलू हिंसा, महिलाओं की सुरक्षा और वैवाहिक उत्पीड़न जैसे गंभीर मुद्दों पर एक बार फिर बहस छेड़ दी है।
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