उज्बेकिस्तान में केरल की मेडिकल छात्रा सवरिया बसंत की मौत के मामले में अब भारत में भी जांच शुरू हो गई है। केरल के अलप्पुझा जिले की हरिपाद पुलिस ने सवरिया के पिता की शिकायत पर हत्या का मामला दर्ज किया है। उज्बेकिस्तान में सवरिया के सहपाठी सादरुल अनम को वहां की पुलिस पहले ही हिरासत में ले चुकी है।
हरिपाद पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 103 के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस अब भारतीय दूतावास और विदेश मंत्रालय के माध्यम से उज्बेकिस्तान की जांच एजेंसियों से आधिकारिक दस्तावेज, केस की प्रगति और आरोपी के खिलाफ की गई कार्रवाई का विवरण मांगेगी।
सवरिया के परिवार ने इस मामले में कई गंभीर आरोप लगाए हैं। परिवार का दावा है कि छात्रा को मौत से पहले बुरी तरह पीटा गया था और उस पर धर्म परिवर्तन का दबाव भी बनाया जा रहा था। हालांकि पुलिस जांच में अभी इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और हत्या का अंतिम मकसद स्थापित होना बाकी है।
कौन थीं सवरिया बसंत?
सवरिया बसंत केरल के अलप्पुझा जिले के हरिपाद इलाके की रहने वाली थीं। वह उज्बेकिस्तान की बुखारा स्टेट मेडिकल यूनिवर्सिटी में प्रथम वर्ष की मेडिकल छात्रा थीं। उन्होंने दिसंबर 2025 में वहां मेडिकल की पढ़ाई शुरू की थी और परिवार के अनुसार पहले सेमेस्टर में उनका शैक्षणिक प्रदर्शन अच्छा रहा था।
परिवार और पड़ोसियों के अनुसार सवरिया पढ़ाई के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रमों और नेशनल सर्विस स्कीम यानी NSS की गतिविधियों में भी सक्रिय रहती थीं। उनके पिता बसंत कुवैत में काम करते हैं और बेटी की मौत की सूचना मिलने के बाद केरल लौटे।
3 जुलाई को बुखारा में क्या हुआ था?
रिपोर्टों के अनुसार घटना 3 जुलाई 2026 को उज्बेकिस्तान के बुखारा में हुई। शुरुआती जानकारी में आरोप लगाया गया कि सवरिया और उसके सहपाठी सादरुल अनम के बीच विवाद हुआ, जिसके बाद सादरुल ने कथित तौर पर लैपटॉप से उसके सिर पर हमला किया। गंभीर रूप से घायल सवरिया को अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी मौत हो गई।
उज्बेक अधिकारियों ने घटना के बाद सादरुल अनम को हिरासत में ले लिया। आरोपी भी केरल का रहने वाला और उसी मेडिकल संस्थान में प्रथम वर्ष का छात्र बताया गया है। मामले की जांच उज्बेकिस्तान में जारी है।
परिवार बोला- केवल लैपटॉप का हमला नहीं, शरीर पर थे कई घाव
सवरिया का शव भारत लाए जाने के बाद परिवार ने आरोप लगाया कि उसके शरीर पर सिर से पैर तक कई चोटों और कथित मारपीट के निशान थे।
सवरिया के मामा जनीश, जो शव वापस लाने के लिए उज्बेकिस्तान गए थे, ने दावा किया कि यह केवल अचानक हुए विवाद में लैपटॉप से किए गए एक हमले का मामला नहीं था। परिवार का कहना है कि छात्रा के शरीर पर कई चोटों ने लंबे और गंभीर हमले की आशंका पैदा की है।
इन्हीं आशंकाओं के कारण परिवार ने भारत में दोबारा पोस्टमॉर्टम कराने की मांग की।
अलप्पुझा मेडिकल कॉलेज में हुआ दूसरा पोस्टमॉर्टम
सवरिया का शव केरल पहुंचने के बाद अलप्पुझा मेडिकल कॉलेज में दोबारा पोस्टमॉर्टम किया गया।
हरिपाद पुलिस के अनुसार शुरुआती पोस्टमॉर्टम निष्कर्षों में शारीरिक हमले के प्रथमदृष्टया संकेत मिले हैं। विस्तृत रिपोर्ट से चोटों की प्रकृति, उनकी संख्या और मौत के वास्तविक कारण को समझने में मदद मिलने की उम्मीद है।
दूसरे पोस्टमॉर्टम के बाद सवरिया का अंतिम संस्कार किया गया।
धर्म परिवर्तन के दबाव का परिवार ने लगाया आरोप
मामले में सबसे गंभीर आरोप धर्म परिवर्तन के कथित दबाव को लेकर सामने आया है।
सवरिया के परिवार का दावा है कि उसके सहपाठी सादरुल अनम ने उस पर अपना धर्म बदलने का दबाव बनाया था और उसने इसके लिए इनकार कर दिया था। परिवार ने यह भी दावा किया कि अन्य छात्रों से उन्हें इस बारे में जानकारी मिली।
हालांकि यह स्पष्ट करना जरूरी है कि धर्म परिवर्तन के दबाव का दावा अभी परिवार का आरोप है। केरल पुलिस या उज्बेक अधिकारियों ने इसे हत्या का आधिकारिक रूप से स्थापित मकसद घोषित नहीं किया है। जांच पूरी होने के बाद ही यह साफ होगा कि घटना के पीछे वास्तविक कारण क्या था।
पिता की शिकायत पर हरिपाद पुलिस ने दर्ज किया हत्या का मामला
सवरिया के पिता ने अलप्पुझा जिला पुलिस प्रमुख को शिकायत देकर विस्तृत जांच की मांग की थी।
इसके बाद हरिपाद पुलिस ने BNS की धारा 103 के तहत हत्या का मामला दर्ज किया। SHO वी. विष्णु के अनुसार पुलिस को अभी उज्बेकिस्तान की कानून प्रवर्तन एजेंसियों से अपराध और वहां चल रही जांच के आधिकारिक दस्तावेज मिलने बाकी हैं।
केरल पुलिस भारतीय दूतावास और विदेश मंत्रालय के जरिए उज्बेक अधिकारियों से संपर्क करेगी।
क्या आरोपी को भारत लाया जाएगा?
सवरिया का परिवार चाहता है कि मामले की भारत में भी विस्तृत जांच हो और आरोपी के प्रत्यर्पण की संभावना पर विचार किया जाए।
हालांकि केरल पुलिस ने स्पष्ट किया है कि आरोपी को भारत लाने की प्रक्रिया अभी निश्चित नहीं है। पुलिस को पहले यह देखना होगा कि उज्बेकिस्तान में आरोपी के खिलाफ किस स्तर की कानूनी कार्रवाई और अभियोजन किया जा रहा है।
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के अनुसार, यदि उज्बेकिस्तान की एजेंसियां आरोपी के खिलाफ वहां प्रभावी अभियोजन करती हैं, तो केरल में दर्ज केस की कानूनी स्थिति अलग हो सकती है। अगर वहां कार्रवाई नहीं होती, तो भारतीय पुलिस आगे की कानूनी संभावना पर विचार करेगी। प्रत्यर्पण के सवाल पर विदेश मंत्रालय और कानूनी विशेषज्ञों से सलाह जरूरी होगी।
इसलिए फिलहाल यह कहना अधिक सटीक है कि केरल पुलिस आरोपी के प्रत्यर्पण की कानूनी संभावना की जांच करेगी, न कि उसे भारत लाने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।
भारतीय दूतावास ने परिवार को दी मदद
ताशकंद स्थित भारतीय दूतावास ने सवरिया के परिवार को मदद उपलब्ध कराई और शव को भारत वापस लाने की प्रक्रिया में सहायता की।
भारतीय दूतावास ने कहा कि वह उज्बेकिस्तान के संबंधित अधिकारियों के लगातार संपर्क में है। भारतीय राजदूत ने सवरिया के परिवार के सदस्य से भी मुलाकात की थी।
अब केरल पुलिस भी इसी राजनयिक चैनल के माध्यम से वहां की जांच की आधिकारिक जानकारी हासिल करेगी।
परिवार को क्यों है विस्तृत जांच की मांग?
परिवार का कहना है कि शुरुआती तौर पर सामने आई “विवाद के बाद लैपटॉप से हमला” वाली कहानी घटना की पूरी तस्वीर नहीं बताती।
उनके मुताबिक शरीर पर मौजूद कई चोटों, कथित यातना और धर्म परिवर्तन के दबाव से जुड़े आरोपों की अलग-अलग जांच होनी चाहिए। इसी उद्देश्य से परिवार ने भारत में दूसरा पोस्टमॉर्टम और केरल पुलिस में आपराधिक मामला दर्ज कराया।
अब पुलिस के सामने प्रमुख सवाल हैं:
सवरिया को कितनी देर तक और किन परिस्थितियों में कथित तौर पर पीटा गया?
उसके शरीर पर मिली सभी चोटें कैसे आईं?
क्या घटना अचानक हुए विवाद का परिणाम थी या उससे पहले भी उसे परेशान किया जा रहा था?
धर्म परिवर्तन के कथित दबाव के आरोपों के समर्थन में कोई स्वतंत्र सबूत या गवाही मौजूद है या नहीं?
और उज्बेकिस्तान में आरोपी के खिलाफ किस तरह का मुकदमा चलाया जाएगा?
इन सवालों के जवाब विस्तृत पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट, गवाहों के बयान और उज्बेकिस्तान की जांच के दस्तावेज सामने आने के बाद ही मिल सकेंगे।
एक होनहार छात्रा का टूट गया सपना
सवरिया मेडिकल की पढ़ाई पूरी कर डॉक्टर बनना चाहती थीं। परिवार के अनुसार वह पढ़ाई में होनहार थीं और अपने पहले सेमेस्टर में अच्छा प्रदर्शन कर चुकी थीं।
उनकी अचानक और हिंसक मौत ने परिवार और स्थानीय समुदाय को झकझोर दिया है। अब परिवार की मांग है कि भारत और उज्बेकिस्तान की एजेंसियां मिलकर मामले की पूरी सच्चाई सामने लाएं और जिम्मेदार व्यक्ति के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई सुनिश्चित करें।
फिलहाल आरोपी उज्बेकिस्तान पुलिस की हिरासत में है, केरल में हत्या का केस दर्ज हो चुका है और दोनों देशों की कानूनी प्रक्रियाओं पर आगे की कार्रवाई निर्भर करेगी।
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