प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार, 27 अगस्त 2026 को ‘खेलो इंडिया संवाद – खेल की बात, पीएम मोदी के साथ’ कार्यक्रम के जरिए देशभर के युवाओं और उभरते खिलाड़ियों से संवाद किया। प्रधानमंत्री वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कार्यक्रम से जुड़े और युवाओं को खेल, फिटनेस, नेतृत्व, अनुशासन और विकसित भारत के निर्माण में उनकी भूमिका को लेकर संदेश दिया। यह कार्यक्रम राष्ट्रीय खेल दिवस 2026 से जुड़े देशव्यापी आयोजनों का हिस्सा है।
देशभर के युवाओं से जुड़े पीएम मोदी
‘खेलो इंडिया संवाद’ का आयोजन मेरा युवा भारत (MY Bharat) द्वारा केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय के तहत किया गया। कार्यक्रम में देश के प्रत्येक जिले के दो कॉलेजों सहित 1,500 से अधिक शिक्षण संस्थानों और अन्य केंद्रों पर युवा जुड़े। अलग-अलग राज्यों में छात्र-छात्राओं, युवा खिलाड़ियों, खेल हस्तियों और जनप्रतिनिधियों ने इसमें भाग लिया।
इस पहल का मकसद युवाओं को भारत की खेल यात्रा से जोड़ना, उनके विचार और सुझाव जानना तथा खेलों के माध्यम से राष्ट्र निर्माण में उनकी भागीदारी को मजबूत करना है। कार्यक्रम में खेल के साथ युवा नेतृत्व, नागरिक जिम्मेदारी, फिटनेस, वॉलंटियरिंग और विकसित भारत जैसे विषयों पर भी जोर दिया गया।
#WATCH | Delhi: Prime Minister Narendra Modi says, "On this 15th of August, I presented India's sports vision to the nation from the Red Fort. When I speak of sports, it is not limited merely to winning medals. It is a campaign to unite India's sporting prowess and youth power in… pic.twitter.com/7lZSfkpaCh
— ANI (@ANI) August 27, 2026
‘युवाओं के मन में आने चाहिए नए आइडिया’
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने युवाओं से नए विचारों और इनोवेशन को अपनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि देश के युवाओं के मन में नए आइडिया आने चाहिए और उन्हें अपने विचारों को आगे बढ़ाने का अवसर मिलना चाहिए।
पीएम मोदी ने खेलों की अहमियत बताते हुए कहा कि खेल केवल शारीरिक क्षमता बढ़ाने का माध्यम नहीं हैं, बल्कि वे जीवन की चुनौतियों का सामना करना भी सिखाते हैं। खेलों से अनुशासन, टीम भावना, नेतृत्व और हार के बाद दोबारा खड़े होने की क्षमता विकसित होती है।
लाल किले से रखा था भारत का नया Sports Vision
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले से रखे गए भारत के स्पोर्ट्स विजन का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि देश की खेल नीति का लक्ष्य केवल अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में मेडल जीतना नहीं है, बल्कि भारत की विशाल युवा शक्ति और खेल क्षमता को विकसित भारत के निर्माण से जोड़ना है।
पीएम मोदी के मुताबिक खेल भारत के सामाजिक और आर्थिक विकास का भी महत्वपूर्ण माध्यम बन सकते हैं। बेहतर खेल संस्कृति विकसित होने से युवाओं में फिटनेस बढ़ने के साथ रोजगार और खेल से जुड़े उद्योगों के लिए भी नए अवसर पैदा होते हैं।
#WATCH | Delhi: Prime Minister Narendra Modi says, "Those who play, they blossom, and 'blossoming' in sports does not merely mean winning on the field. It signifies the blossoming of the individual and the family, as well as enhancing the nation's pride. When an athlete succeeds,… pic.twitter.com/UiGdQVAn9O
— ANI (@ANI) August 27, 2026
PM मोदी बोले- ‘जो खेलते हैं, वे खिलते हैं’
प्रधानमंत्री ने युवाओं को खेलों के लिए प्रेरित करते हुए कहा, “जो खेलते हैं, वे खिलते हैं।” उन्होंने कहा कि खेल में खिलने का अर्थ केवल मैदान पर जीत हासिल करना नहीं है, बल्कि इसका मतलब व्यक्ति, परिवार और पूरे समाज का विकास भी है।
पीएम मोदी ने कहा कि जब कोई खिलाड़ी बड़ी उपलब्धि हासिल करता है तो उसकी सफलता केवल व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं रहती। उसके साथ उसके परिवार, स्कूल, कॉलेज, जिले और राज्य की पहचान भी मजबूत होती है।
कई बार किसी सफल खिलाड़ी की वजह से दुनिया किसी छोटे शहर या जिले को पहचानना शुरू कर देती है। इस तरह खिलाड़ी न केवल देश के लिए पदक जीतता है बल्कि अपने क्षेत्र और समुदाय के लिए भी नई पहचान तैयार करता है।
2036 ओलंपिक की तैयारी पर भी फोकस
‘खेलो इंडिया संवाद’ के प्रमुख विषयों में भारत की 2036 ओलंपिक महत्वाकांक्षा भी शामिल रही। सरकार के मुताबिक युवाओं में प्रतिभा की वैज्ञानिक पहचान, पारदर्शी चयन व्यवस्था और खिलाड़ियों के दीर्घकालिक विकास पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
कार्यक्रम के माध्यम से युवाओं को भारत के भविष्य के स्पोर्ट्स इकोसिस्टम को लेकर अपने सुझाव देने का अवसर भी दिया गया। सरकार का लक्ष्य जमीनी स्तर से बेहतर खिलाड़ियों की पहचान कर उन्हें प्रशिक्षण, तकनीक और आवश्यक खेल सुविधाएं उपलब्ध कराना है।
खेल से विकसित भारत का संकल्प
कार्यक्रम में खेलों को ‘विकसित भारत @2047’ के विजन से भी जोड़ा गया। सरकार का मानना है कि फिट और अनुशासित युवा देश के विकास में अधिक प्रभावी भूमिका निभा सकते हैं।
युवा संवाद में खेलों के अलावा नागरिक जिम्मेदारी, भविष्य के लिए जरूरी कौशल, वॉलंटियरिंग और MY Bharat प्लेटफॉर्म को और प्रभावी बनाने जैसे विषयों को भी शामिल किया गया।
नशा मुक्त युवा अभियान में खेलों की बड़ी भूमिका
खेलो इंडिया संवाद में ‘नशा मुक्त युवा’ को भी प्रमुख विषय बनाया गया है। सरकार खेल और युवा नेटवर्क का इस्तेमाल नशे के खिलाफ जागरूकता बढ़ाने के लिए करना चाहती है। खेलों के जरिए युवाओं को फिटनेस, अनुशासन और सकारात्मक जीवनशैली की तरफ आकर्षित करने पर फोकस किया जा रहा है।
युवाओं और खेलों को मिली नई प्राथमिकता: मनसुख मंडाविया
केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री मनसुख मंडाविया भी इस अभियान से जुड़े। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में युवाओं और खेलों को नई प्राथमिकता मिली है।
मंडाविया ने कहा कि युवाओं को केवल भविष्य के नागरिक के रूप में नहीं बल्कि भारत के वर्तमान और भविष्य दोनों की शक्ति के रूप में देखा जा रहा है। युवाओं को विकसित भारत के संकल्प से जोड़कर उन्हें राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भागीदार बनाने पर जोर दिया जा रहा है।
‘खेल केवल गतिविधि नहीं, राष्ट्रीय प्राथमिकता’
मनसुख मंडाविया ने कहा कि सरकार ने खेलों को सिर्फ मनोरंजन या एक सामान्य गतिविधि के रूप में देखने की सोच में बदलाव किया है। अब खेलों को राष्ट्रीय प्राथमिकता और देश के विकास के महत्वपूर्ण माध्यम के तौर पर आगे बढ़ाया जा रहा है।
खेलो इंडिया, फिट इंडिया और MY Bharat जैसी पहलों के माध्यम से सरकार देश में मजबूत खेल संस्कृति विकसित करने के साथ युवाओं को नेतृत्व और सामाजिक जिम्मेदारी से भी जोड़ रही है।
युवा सीधे दे सकेंगे अपने सुझाव
इस कार्यक्रम की खास बात युवाओं की भागीदारी रही। छात्र और युवा खिलाड़ी खेलों के भविष्य, स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर, भविष्य के कौशल और वॉलंटियरिंग जैसे विषयों पर अपने विचार साझा कर सकते हैं। कई स्थानों पर युवाओं के सुझावों को दस्तावेज के रूप में तैयार कर नीति-निर्माण से जुड़े स्तर तक पहुंचाने की व्यवस्था भी की गई है।
राष्ट्रीय खेल दिवस से पहले देशव्यापी अभियान
भारत में हर साल 29 अगस्त को हॉकी के महान खिलाड़ी मेजर ध्यानचंद की जयंती पर राष्ट्रीय खेल दिवस मनाया जाता है। इसी से जुड़े आयोजनों के तहत 27 अगस्त को खेलो इंडिया संवाद का आयोजन किया गया है।
सरकार का उद्देश्य इस कार्यक्रम के जरिए युवाओं, खिलाड़ियों, शिक्षण संस्थानों और नीति निर्माताओं को एक साझा मंच पर लाकर खेल और राष्ट्र निर्माण के बीच मजबूत संबंध स्थापित करना है।
भारत को Sporting Nation बनाने पर जोर
‘खेलो इंडिया संवाद’ के जरिए केंद्र सरकार ने एक बार फिर संदेश दिया है कि भारत की खेल महत्वाकांक्षा अब केवल पदकों तक सीमित नहीं है। इसका लक्ष्य फिटनेस को जन आंदोलन बनाना, जमीनी स्तर पर प्रतिभाओं की पहचान करना, विश्वस्तरीय खिलाड़ी तैयार करना और युवाओं को देश के सामाजिक एवं राष्ट्रीय विकास से जोड़ना है।
प्रधानमंत्री मोदी के ‘जो खेलते हैं, वे खिलते हैं’ संदेश के साथ सरकार की कोशिश खेलों को युवाओं के दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने और भारत को भविष्य में एक मजबूत Sporting Nation के रूप में स्थापित करने की है।
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