पंजाब के लुधियाना में एक धार्मिक स्थल पर हुए हमले और तोड़फोड़ के मामले ने तनाव पैदा कर दिया है। EWS कॉलोनी, ताजपुर रोड स्थित वाल्मीकि मंदिर में करीब दो दर्जन लोगों के घुसकर पथराव और तोड़फोड़ करने का आरोप है। घटना में 20 वर्षीय गौरव नाम का युवक गंभीर रूप से घायल हो गया।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि इलाके में कथित तौर पर नशीले पदार्थ बेचने का विरोध किए जाने के बाद रंजिश में यह हमला किया गया। पुलिस ने घायल युवक की शिकायत पर छह नामजद और 20 से 25 अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। फिलहाल आरोपियों की तलाश और पूरे घटनाक्रम की जांच जारी है।
6 जुलाई को EWS कॉलोनी में क्या हुआ?
पुलिस और स्थानीय लोगों से जुड़ी रिपोर्टों के अनुसार घटना सोमवार, 6 जुलाई 2026 को लुधियाना की EWS कॉलोनी में हुई।
आरोप है कि करीब 20 से 25 लोग हथियारों के साथ इलाके में पहुंचे और वाल्मीकि मंदिर को निशाना बनाया। हमलावरों पर मंदिर की ओर पत्थर फेंकने, खिड़कियों के शीशे तोड़ने और परिसर में उत्पात मचाने के आरोप हैं।
घटना का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें कुछ लोग तलवारों और अन्य हथियारों के साथ दिखाई देने का दावा किया गया है। कुछ रिपोर्टों में पिस्तौल होने की बात भी कही गई है, हालांकि सभी हथियारों की प्रकृति की आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।
20 साल के गौरव पर हमला, अस्पताल में इलाज जारी
हमले के दौरान 20 वर्षीय गौरव को भी कथित तौर पर घेरकर पीटा गया।
रिपोर्टों के अनुसार उसके सिर पर गंभीर चोट आई और एक हाथ में फ्रैक्चर हुआ। उसे इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहां उसका उपचार जारी है।
पुलिस ने गौरव की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू की है।
नशा बेचने के विरोध से शुरू हुई थी रंजिश?
स्थानीय निवासी चंदरपाल और वाल्मीकि समाज के सदस्यों का आरोप है कि EWS कॉलोनी में कुछ लोग कथित तौर पर नशीले पदार्थ बेचते थे।
उनका कहना है कि मोहल्ले के बुजुर्गों और समुदाय के लोगों ने कई बार उनसे यह गतिविधि बंद करने को कहा था। स्थानीय लोगों का दावा है कि वे युवाओं को नशे से बचाने और इलाके को नशामुक्त रखने की कोशिश कर रहे थे।
आरोप है कि इसी विरोध के कारण दोनों पक्षों में रंजिश बढ़ी और बाद में हमला किया गया।
हालांकि यह ध्यान रखना जरूरी है कि हमले की वजह वास्तव में कथित नशा बिक्री का विरोध ही था या कोई दूसरी पुरानी रंजिश भी इसमें शामिल थी—इसका अंतिम निष्कर्ष पुलिस जांच के बाद ही सामने आएगा।
वाल्मीकि मंदिर में पथराव और तोड़फोड़ का आरोप
स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि हमलावर केवल सड़क पर मारपीट तक सीमित नहीं रहे बल्कि मंदिर परिसर में भी घुस गए।
आरोपों के अनुसार:
मंदिर पर पथराव किया गया, खिड़कियों के शीशे तोड़े गए और परिसर में तोड़फोड़ की गई।
समुदाय के सदस्यों ने इसे धार्मिक स्थल की मर्यादा से जुड़ा गंभीर मामला बताते हुए कठोर कार्रवाई की मांग की है।
महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों पर हमले के भी आरोप
स्थानीय लोगों की ओर से यह भी आरोप लगाया गया है कि घटना के दौरान महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों के साथ मारपीट की गई।
हालांकि उपलब्ध प्रमुख रिपोर्टों में इन सभी व्यक्तिगत आरोपों की अलग-अलग स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए पुलिस अब वीडियो, गवाहों के बयान और अन्य साक्ष्यों के आधार पर घटनाक्रम की जांच कर रही है।
देर रात थाने के बाहर प्रदर्शन
घटना के बाद वाल्मीकि समाज और स्थानीय निवासियों में भारी आक्रोश फैल गया।
बड़ी संख्या में लोग देर रात पुलिस थाना डिवीजन नंबर-7 के बाहर जमा हो गए और प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी और मामले में सख्त कार्रवाई की मांग की।
कुछ प्रदर्शनकारियों ने SC/ST Act और धार्मिक स्थल से जुड़े अपराधों की धाराओं में कार्रवाई की भी मांग की।
किन लोगों के खिलाफ दर्ज हुआ केस?
पुलिस ने छह नामजद आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। इनके नाम हैं:
शेरा, आर्यन, पवन बाल्यान, मुल्ला, दीपु और सूरज।
इनके अलावा हमले में शामिल होने के आरोप में 20 से 25 अज्ञात लोगों को भी केस में शामिल किया गया है।
पुलिस के अनुसार सभी नामजद आरोपी EWS कॉलोनी, ताजपुर रोड क्षेत्र के रहने वाले बताए गए हैं।
करीब 30 लोगों पर पुलिस केस
छह नामजद और 20 से 25 अज्ञात लोगों को मिलाकर पुलिस केस में करीब 30 लोगों की भूमिका जांच के दायरे में है।
हालांकि केस दर्ज होना दोषसिद्धि नहीं है। प्रत्येक आरोपी की वास्तविक भूमिका पुलिस जांच, उपलब्ध वीडियो, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और अन्य साक्ष्यों के आधार पर तय होगी।
पुलिस किन धाराओं के तहत कर रही कार्रवाई?
मामले में मारपीट, गंभीर चोट, गलत तरीके से रोकने, हथियारबंद भीड़ और गैरकानूनी जमावड़े से जुड़े भारतीय न्याय संहिता के प्रावधानों में कार्रवाई की रिपोर्ट है।
आपके मूल ड्राफ्ट में “धारा 3351” लिखी गई है, जो संभवतः टाइपिंग त्रुटि है। FIR की प्रमाणित प्रति उपलब्ध न होने के कारण सभी धाराओं की अंतिम सूची को तथ्य के रूप में प्रकाशित करना उचित नहीं होगा।
प्रकाशन के लिए सुरक्षित भाषा होगी:
“पुलिस ने मारपीट, गंभीर चोट, रास्ता रोकने, हथियारबंद दंगा और गैरकानूनी जमावड़े से जुड़े BNS प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया है।”
वायरल वीडियो की जांच कर रही पुलिस
घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया है।
रिपोर्टों में दावा किया गया है कि वीडियो में कई लोग हथियारों के साथ दिखाई दे रहे हैं। पुलिस आरोपियों की पहचान और उनकी अलग-अलग भूमिका तय करने के लिए वीडियो समेत अन्य डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर रही है।
आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी
जांच अधिकारी के अनुसार, आरोपियों का पता लगाने और उन्हें पकड़ने के लिए कार्रवाई जारी है।
पुलिस नामजद आरोपियों के संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है और वीडियो के आधार पर अज्ञात लोगों की पहचान की कोशिश की जा रही है।
10 जुलाई 2026 तक उपलब्ध प्रमुख रिपोर्टों में आरोपियों की गिरफ्तारी की पुष्टि सामने नहीं आई है।
इलाके में पहले भी नशे के खिलाफ हुई है पुलिस कार्रवाई
EWS कॉलोनी और आसपास के इलाकों में नशीले पदार्थों की कथित बिक्री को लेकर पहले भी पुलिस अभियान चलाए गए हैं।
मई 2025 में लुधियाना पुलिस ने इसी EWS कॉलोनी में एक बड़े अभियान के दौरान आठ कथित ड्रग पेडलरों को गिरफ्तार करने और पांच मामले दर्ज करने की जानकारी दी थी। हालांकि उस पुराने अभियान का मौजूदा मंदिर हमले के आरोपियों से कोई सीधा संबंध अभी स्थापित नहीं हुआ है।
यह पिछला रिकॉर्ड केवल इस बात का व्यापक संदर्भ देता है कि इलाके में नशा तस्करी को लेकर पहले भी पुलिस कार्रवाई होती रही है।
वाल्मीकि समाज की मांग- सभी आरोपियों को जल्द पकड़ा जाए
समुदाय के प्रतिनिधियों का कहना है कि वे इलाके को नशे से बचाने के लिए आवाज उठा रहे थे और इसके बाद कथित हमला हुआ।
उनकी प्रमुख मांग है कि:
हमले में शामिल सभी लोगों की पहचान हो, आरोपियों को जल्द गिरफ्तार किया जाए, मंदिर में हुई कथित तोड़फोड़ की निष्पक्ष जांच हो और इलाके में नशे की कथित बिक्री पर कठोर कार्रवाई की जाए।
पुलिस के सामने अब तीन बड़ी जांच
इस मामले में पुलिस के सामने तीन प्रमुख सवाल हैं।
पहला, मंदिर और गौरव पर हुए हमले में कौन-कौन शामिल था?
दूसरा, क्या हमले की वास्तविक वजह कथित नशा बिक्री का विरोध था या कोई अन्य पुरानी रंजिश?
तीसरा, सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में दिख रहे लोगों और हथियारों की वास्तविक भूमिका क्या थी?
इन सभी सवालों का जवाब जांच पूरी होने के बाद ही साफ होगा।
लुधियाना मंदिर हमले से इलाके में तनाव
वाल्मीकि मंदिर पर कथित हमले और युवक के घायल होने की घटना ने स्थानीय समुदाय में गुस्सा पैदा कर दिया है।
पुलिस ने छह नामजद और 20 से 25 अज्ञात लोगों पर मामला दर्ज किया है। वायरल वीडियो और अन्य साक्ष्यों की जांच की जा रही है तथा आरोपियों की तलाश जारी है।
फिलहाल स्थानीय लोगों के कथित नशा बिक्री से जुड़े आरोप और हमले के वास्तविक मकसद की पुलिस जांच चल रही है। अंतिम कानूनी निष्कर्ष जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही सामने आएगा।
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