उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले में रिश्तों को शर्मसार कर देने वाली सनसनीखेज वारदात सामने आई है। मोदीनगर थाना क्षेत्र के बुदाना गांव में बुधवार देर रात कथित तौर पर एक बेटे ने अपने ही पिता की पिस्टल से गोली मारकर हत्या कर दी। घटना के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया। पुलिस ने हत्या का मुकदमा दर्ज कर आरोपी की गिरफ्तारी के लिए चार टीमें गठित की हैं।
मृतक की पहचान 52 वर्षीय हरिओम चौधरी के रूप में हुई है। वह क्षेत्र के संपन्न किसानों में गिने जाते थे। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, उनके पास करीब 75 बीघा कृषि भूमि और दिल्ली-मेरठ रोड पर जीवन अस्पताल के सामने एक बड़ी मार्केट है। परिवार की कुल संपत्ति की कीमत लगभग 150 करोड़ रुपये बताई जा रही है।
घटना की सूचना मिलते ही डीसीपी देहात सुरेंद्रनाथ तिवारी, एसीपी मोदीनगर भास्कर वर्मा और स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर शव को कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। फॉरेंसिक टीम ने भी मौके से साक्ष्य जुटाए हैं।
संपत्ति अपने नाम कराने को लेकर चल रहा था विवाद
पुलिस के अनुसार, हरिओम चौधरी के परिवार में पत्नी अनीता, बड़ा बेटा निखिल नेहरा और छोटा बेटा नीशू शामिल हैं। बताया जा रहा है कि आरोपी निखिल अत्यधिक शराब पीने का आदी है, जिसके कारण परिवार में अक्सर विवाद होता रहता था।
हरिओम ने पहले ही निखिल को मार्केट में कुछ दुकानें और करीब 25 बीघा जमीन दे रखी थी। इसके बावजूद निखिल कथित तौर पर जमीन पूरी तरह अपने नाम कराने की मांग कर रहा था। हरिओम को आशंका थी कि नशे और गलत आदतों के कारण उनका बेटा संपत्ति बेच सकता है। इसी मुद्दे को लेकर पिता-पुत्र के बीच लंबे समय से तनाव चल रहा था।
शराब के नशे में घर लौटा था आरोपी
पुलिस की प्रारंभिक जांच के अनुसार, बुधवार रात हरिओम ने अपनी पत्नी और छोटे बेटे के साथ खाना खाया था। उस समय निखिल घर पर मौजूद नहीं था। देर रात करीब 12 बजे वह कथित तौर पर नशे की हालत में घर पहुंचा।
पिता ने शराब पीकर आने पर उसे डांट लगाई। इसी दौरान दोनों के बीच विवाद बढ़ गया। मां और छोटे भाई ने बीच-बचाव करने की कोशिश की, लेकिन हाथापाई के दौरान निखिल ने पिस्टल निकालकर पिता पर फायरिंग कर दी।
कई गोलियां लगने से मौके पर हुई मौत
परिवार के सदस्यों और प्रारंभिक पुलिस जांच के अनुसार, पहली गोली हरिओम के चेहरे पर लगी और वह जमीन पर गिर गए। इसके बाद भी आरोपी ने कथित तौर पर कई और गोलियां चलाईं। हरिओम के चेहरे और छाती सहित शरीर के विभिन्न हिस्सों में गोली लगने की बात सामने आई है।
गंभीर रूप से घायल हरिओम की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। गोलीबारी की आवाज सुनकर आसपास के लोग भी मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक आरोपी फरार हो चुका था।
वर्ष 2018 में छोटे भाई पर भी की थी फायरिंग
पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी निखिल का पहले भी हिंसक विवादों से संबंध रहा है। आरोप है कि वर्ष 2018 में उसने अपने छोटे भाई नीशू पर भी जानलेवा हमला करते हुए गोली चलाई थी। उस घटना में नीशू घायल हो गया था।
पुलिस आरोपी के पुराने आपराधिक रिकॉर्ड की जांच कर रही है। इसके साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि हत्या से पहले निखिल किन लोगों के साथ था और उसने कहां शराब पी थी।
हत्या में इस्तेमाल पिस्टल की भी जांच
पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि वारदात में इस्तेमाल की गई पिस्टल किसके नाम पर पंजीकृत थी। पुलिस हथियार के लाइसेंस, कारतूस और घटनास्थल से मिले अन्य साक्ष्यों की जांच कर रही है।
परिवार के सदस्यों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है, ताकि आरोपी के भागने के रास्ते और संभावित ठिकानों की जानकारी मिल सके।
आरोपी की गिरफ्तारी के लिए चार टीमें गठित
पुलिस ने पीड़ित परिवार की तहरीर के आधार पर आरोपी निखिल के खिलाफ हत्या सहित संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। उसकी तलाश के लिए चार विशेष पुलिस टीमें गठित की गई हैं।
पुलिस टीमें आरोपी के रिश्तेदारों, दोस्तों और संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि आरोपी को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा। इस घटना के बाद बुदाना गांव और आसपास के क्षेत्र में दहशत और तनाव का माहौल है।
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