जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले में नियंत्रण रेखा (LoC) पर पाकिस्तान ने एक बार फिर आतंकवादियों की घुसपैठ कराने की कोशिश की, जिसे भारतीय सेना के सतर्क जवानों ने नाकाम कर दिया। शुक्रवार, 17 जुलाई 2026 की रात तारकुंडी फॉरवर्ड एरिया में संदिग्ध गतिविधि दिखाई देने के बाद भारतीय सैनिकों ने तत्काल कार्रवाई की। इसके बाद पाकिस्तान की चौकियों की ओर से छोटे हथियारों से गोलीबारी की गई।
अधिकारियों के अनुसार, दोनों तरफ से करीब दो घंटे तक रुक-रुक कर फायरिंग होती रही। राहत की बात यह है कि इस घटना में भारतीय सुरक्षा बलों को किसी प्रकार का नुकसान नहीं हुआ। ऑपरेशन सिंदूर के बाद नियंत्रण रेखा पर इसे पहली बड़ी गोलीबारी की घटना माना जा रहा है।
रात करीब 10 बजे दिखी संदिग्ध गतिविधि
सुरक्षा अधिकारियों ने बताया कि शुक्रवार रात लगभग 10 बजे तारकुंडी क्षेत्र में तैनात भारतीय जवानों ने सीमा के पास कुछ संदिग्ध लोगों की गतिविधि देखी। शुरुआती आकलन में आशंका जताई गई कि पाकिस्तान की ओर से आतंकवादियों को गोलीबारी की आड़ में भारतीय सीमा में प्रवेश कराने की कोशिश की जा रही थी।
संदिग्ध गतिविधि दिखाई देते ही भारतीय सैनिकों ने मोर्चा संभाला और घुसपैठियों को रोकने के लिए फायरिंग शुरू कर दी। इसके जवाब में पाकिस्तान की अग्रिम चौकियों से भी छोटे हथियारों से गोलीबारी की गई। दोनों पक्षों के बीच करीब दो घंटे तक रुक-रुक कर फायरिंग होती रही।
भारतीय सेना की सतर्कता से विफल हुई घुसपैठ
भारतीय सेना की त्वरित और प्रभावी कार्रवाई के कारण घुसपैठ की कोशिश सफल नहीं हो सकी। सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि पाकिस्तानी चौकियों से की गई गोलीबारी का उद्देश्य आतंकवादियों को कवर फायर देना था, ताकि वे अंधेरे का फायदा उठाकर भारतीय सीमा में प्रवेश कर सकें।
हालांकि, भारतीय जवानों की सतर्कता और जवाबी कार्रवाई के कारण संदिग्ध लोग आगे नहीं बढ़ सके। अधिकारियों ने बताया कि गोलीबारी में भारतीय पक्ष को किसी तरह की जनहानि या नुकसान नहीं हुआ है।
तारकुंडी और आसपास के क्षेत्रों में सर्च ऑपरेशन
शनिवार सुबह सेना ने तारकुंडी फॉरवर्ड एरिया और आसपास के इलाकों में व्यापक तलाशी अभियान शुरू कर दिया। सर्च ऑपरेशन का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई घुसपैठिया अंधेरे और गोलीबारी का फायदा उठाकर भारतीय क्षेत्र में प्रवेश करने में सफल न हुआ हो।
सेना ने पूरे संवेदनशील इलाके की घेराबंदी कर दी है। घने जंगलों, पहाड़ी रास्तों और सीमावर्ती क्षेत्रों में जवानों की अतिरिक्त तैनाती की गई है। संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के लिए आधुनिक निगरानी उपकरणों, नाइट विजन डिवाइस और अन्य तकनीकी संसाधनों का इस्तेमाल किया जा रहा है।
पूरे राजौरी सेक्टर में हाई अलर्ट
घटना के बाद राजौरी सेक्टर में सुरक्षा बलों को हाई अलर्ट पर रखा गया है। नियंत्रण रेखा से सटे इलाकों में गश्त बढ़ा दी गई है और पाकिस्तान की ओर होने वाली प्रत्येक गतिविधि पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है।
सुरक्षा एजेंसियां पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही हैं। यह भी पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि घुसपैठ का प्रयास करने वाले आतंकवादियों की संख्या कितनी थी और उन्हें पाकिस्तान की किन चौकियों से मदद दी जा रही थी।
ऑपरेशन सिंदूर के बाद पहली बड़ी गोलीबारी
अधिकारियों के अनुसार, ऑपरेशन सिंदूर के बाद नियंत्रण रेखा पर यह पहली बड़ी गोलीबारी मानी जा रही है। शुरुआती जानकारी में संकेत मिले हैं कि पाकिस्तान की ओर से की गई फायरिंग आतंकवादियों को भारतीय सीमा में घुसाने की रणनीति का हिस्सा हो सकती है।
भारतीय सेना ने एक बार फिर स्पष्ट कर दिया है कि सीमा पर किसी भी संदिग्ध गतिविधि या घुसपैठ की कोशिश का तत्काल और प्रभावी जवाब दिया जाएगा। फिलहाल तलाशी अभियान जारी है और पूरे क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत कर दी गई है।
हमारी यूट्यूब चैनल को लाइक, शेयर और सब्सक्राइब करे
Like, Share and Subscribe our YouTube channel