पवित्र कांवड़ यात्रा 2026 की शुरुआत के साथ धर्मनगरी हरिद्वार में शिवभक्तों की भीड़ उमड़ने लगी है। इस बीच स्वयं को ‘EX-मुस्लिम’ बताने वाले सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर सलीम वास्तिक अपने चार साथियों के साथ कांवड़ लेने हरिद्वार पहुँचे हैं। यह समूह गाजियाबाद से आया है और विश्व शांति, सामाजिक सद्भाव तथा देश में अमन-चैन की कामना के साथ धार्मिक अनुष्ठान और कांवड़ यात्रा करने की बात कह रहा है।
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, सलीम वास्तिक और उनके साथी बुधवार, 29 जुलाई को हरिद्वार की रोड धर्मशाला पहुँचे थे। धर्मशाला परिसर में उनके द्वारा हवन-यज्ञ शुरू किए जाने पर समिति से जुड़े कुछ लोगों और पंडितों ने आपत्ति जताई। इसे लेकर दोनों पक्षों के बीच विवाद बढ़ गया और मौके पर तनाव की स्थिति बन गई।
सूचना मिलने के बाद पुलिस घटनास्थल पर पहुँची और दोनों पक्षों से बातचीत की। शहर कोतवाल कुंदन सिंह राणा के हवाले से बताया गया कि कानून-व्यवस्था और शांति बनाए रखने के उद्देश्य से समूह को रोड धर्मशाला छोड़कर किसी अन्य सुरक्षित आश्रम में जाने की सलाह दी गई। इसके बाद सलीम वास्तिक और उनके साथी दूसरे आश्रम में चले गए।
6 अगस्त तक हवन करने का दावा
सलीम वास्तिक और उनके साथियों का कहना है कि वे धार्मिक आस्था के साथ विश्व शांति और सामाजिक सौहार्द की कामना करने हरिद्वार आए हैं। समूह ने दूसरे स्थान पर भी अपना हवन-यज्ञ जारी रखने की बात कही है।
बताया जा रहा है कि उनका विशेष हवन कार्यक्रम 6 अगस्त तक चलेगा। इसके अगले दिन, यानी 7 अगस्त को समूह हरकी पैड़ी से पवित्र गंगाजल भरेगा और कांवड़ लेकर गाजियाबाद के लिए रवाना होगा।
समूह की योजना गाजियाबाद स्थित प्रसिद्ध डासना देवी मंदिर परिसर में भगवान शिव का जलाभिषेक करने की है। सलीम वास्तिक ने कथित तौर पर कहा कि आपत्ति और विवाद के बावजूद उनका धार्मिक अनुष्ठान शांतिपूर्ण ढंग से जारी रहेगा। मीडिया रिपोर्ट में भी समूह के 7 अगस्त को गंगाजल लेकर डासना पीठ लौटने की बात कही गई है।
कौन हैं सलीम वास्तिक?
सलीम वास्तिक सोशल मीडिया पर सक्रिय इन्फ्लुएंसर और यूट्यूबर बताए जाते हैं। वे स्वयं को ‘EX-मुस्लिम’ और सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में प्रस्तुत करते हैं। धार्मिक और सामाजिक विषयों पर दिए गए उनके बयानों के कारण वे अक्सर सोशल मीडिया पर चर्चा में रहते हैं।
उन पर फरवरी 2026 में गाजियाबाद क्षेत्र में हमला किए जाने का दावा भी विभिन्न सोशल मीडिया और मीडिया रिपोर्टों में किया गया था। हमले की परिस्थितियों और आरोपियों से संबंधित दावों की स्वतंत्र आधिकारिक पुष्टि के बिना उन्हें निर्णायक तथ्य के रूप में प्रस्तुत नहीं किया जाना चाहिए।
सलीम वास्तिक के हरिद्वार आगमन और प्रस्तावित कांवड़ यात्रा को देखते हुए स्थानीय पुलिस तथा खुफिया तंत्र सतर्क बताया जा रहा है। प्रशासन का प्रमुख उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि धार्मिक कार्यक्रम शांतिपूर्ण रहे और किसी भी पक्ष की गतिविधि से कानून-व्यवस्था प्रभावित न हो।
अनीषा बानो ने बताई यात्रा में शामिल होने की वजह
इस समूह में राजस्थान की रहने वाली अनीषा बानो भी शामिल हैं। अनीषा के अनुसार, उन्होंने करीब दो वर्ष पहले इस्लाम छोड़ दिया था। उन्होंने दावा किया कि वर्ष 2024 में उनके पति ने उन्हें तलाक दे दिया था और उनके दोनों बच्चे पति के पास हैं।
अनीषा का कहना है कि उन्हें बच्चों से मिलने नहीं दिया जा रहा। इसी कारण वे अपने बच्चों की सुरक्षा, स्वास्थ्य और सलामती की विशेष प्रार्थना के साथ हवन तथा कांवड़ यात्रा में शामिल हुई हैं।
अनीषा ने कहा कि वे भगवान शिव से अपने बच्चों के सुरक्षित और सुखी जीवन की कामना करेंगी। उनके निजी जीवन तथा बच्चों की अभिरक्षा से संबंधित ये बातें उनका व्यक्तिगत पक्ष हैं; इस संबंध में दूसरे पक्ष या किसी न्यायिक दस्तावेज की जानकारी सामने नहीं आई है।
कांवड़ यात्रा को लेकर हरिद्वार में सुरक्षा व्यवस्था
कांवड़ यात्रा 30 जुलाई से शुरू होने के साथ हरिद्वार और दिल्ली-एनसीआर से जुड़े मार्गों पर सुरक्षा एवं यातायात व्यवस्था कड़ी की गई है। दिल्ली-हरिद्वार हाईवे सहित कई मार्गों पर भारी वाहनों के लिए प्रतिबंध और डायवर्जन लागू किए गए हैं, ताकि कांवड़ियों की यात्रा सुरक्षित और व्यवस्थित रह सके।
प्रशासन ने श्रद्धालुओं से निर्धारित मार्गों का पालन करने, अफवाहों से बचने और किसी भी विवाद की स्थिति में पुलिस को सूचना देने की अपील की है।
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