हरियाणा में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के पहले चरण के बाद निर्वाचन विभाग ने ड्राफ्ट मतदाता सूची जारी कर दी है। प्रदेश में पहले से पंजीकृत करीब 2.07 करोड़ मतदाताओं में से लगभग 1.73 करोड़ मतदाताओं के सत्यापन प्रपत्र दर्ज किए गए हैं, जबकि करीब 33.84 लाख मतदाताओं के नाम ड्राफ्ट सूची में शामिल नहीं हो पाए हैं।
हालांकि, निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट किया है कि ड्राफ्ट सूची में नाम नहीं होने का अर्थ स्थायी रूप से मतदाता सूची से नाम हटना नहीं है। पात्र नागरिक 31 जुलाई से 30 अगस्त 2026 तक अपना दावा या आपत्ति दर्ज करा सकते हैं। सभी आवेदनों और आपत्तियों की जांच के बाद हरियाणा की अंतिम मतदाता सूची 3 अक्टूबर 2026 को प्रकाशित की जाएगी।
33.84 लाख मतदाताओं के नाम क्यों छूटे?
SIR अभियान के दौरान बूथ स्तर अधिकारियों ने घर-घर जाकर मतदाताओं का सत्यापन किया और गणना प्रपत्र एकत्र किए। इस प्रक्रिया के दौरान बड़ी संख्या में ऐसे मतदाता सामने आए जिनके प्रपत्र प्राप्त नहीं हुए या जिनका सत्यापन पूरा नहीं हो सका।
निर्वाचन संबंधी आंकड़ों के अनुसार, ड्राफ्ट सूची से बाहर रखे गए मतदाताओं में मुख्य रूप से ऐसे लोग शामिल हैं—
- जो सत्यापन के दौरान अपने दर्ज पते पर नहीं मिले
- जो स्थायी रूप से किसी दूसरे स्थान पर चले गए
- जिनकी मृत्यु हो चुकी है
- जिनका नाम एक से अधिक स्थानों की मतदाता सूची में दर्ज होने की आशंका है
- जिन्होंने निर्धारित समय तक गणना प्रपत्र जमा नहीं किया
- जिनके रिकॉर्ड या दस्तावेजों में विसंगतियां मिली हैं
प्रदेशभर में करीब 24.1 लाख मतदाता अनुपस्थित, स्थानांतरित या सत्यापन प्रक्रिया में जवाब नहीं देने वाली श्रेणी में पाए गए। करीब 7.7 लाख मतदाताओं को मृत और लगभग दो लाख मामलों को संभावित डुप्लीकेट पंजीकरण की श्रेणी में रखा गया है।
गुरुग्राम और फरीदाबाद में सबसे अधिक नाम बाहर
हरियाणा के शहरी और औद्योगिक जिलों में ड्राफ्ट सूची से बाहर रहने वाले मतदाताओं की संख्या अधिक दर्ज की गई है। गुरुग्राम में पहले करीब 15.5 लाख पंजीकृत मतदाता थे, जबकि ड्राफ्ट सूची में लगभग 11 लाख नाम शामिल हैं। इस प्रकार जिले के करीब 4.5 लाख मतदाताओं के नाम ड्राफ्ट सूची में नहीं हैं।
प्रतिशत के आधार पर गुरुग्राम में लगभग 30 प्रतिशत मतदाता ड्राफ्ट सूची से बाहर हैं, जो हरियाणा में सबसे अधिक है। वहीं, फरीदाबाद में करीब पांच लाख से अधिक मतदाताओं के नाम ड्राफ्ट सूची में शामिल नहीं हो पाए हैं।
गुरुग्राम और फरीदाबाद को मिलाकर लगभग 9.5 लाख मतदाता ऐसे हैं, जिनके नाम हटाने या सत्यापन के लिए चिह्नित किए गए हैं। यह प्रदेश में ड्राफ्ट सूची से बाहर रहे कुल मतदाताओं का करीब 28 प्रतिशत है।
पंचकूला, सोनीपत, पानीपत, रोहतक, झज्जर, अंबाला और करनाल जैसे जिलों में भी बड़ी संख्या में नाम ड्राफ्ट सूची में शामिल नहीं हो पाए हैं। अधिकारियों के अनुसार, शहरी क्षेत्रों में लगातार स्थान परिवर्तन, नौकरी के कारण पलायन, बंद मकान और गेटेड सोसाइटी में सत्यापन की कठिनाइयां इसके प्रमुख कारण रहे।
नाम नहीं है तो 30 अगस्त तक करें आवेदन
निर्वाचन विभाग ने पात्र मतदाताओं से अपील की है कि वे तुरंत ड्राफ्ट मतदाता सूची में अपना नाम जांचें। नाम नहीं मिलने, गलत जानकारी दर्ज होने या पता बदलने की स्थिति में 30 अगस्त 2026 तक निर्धारित फॉर्म के माध्यम से आवेदन किया जा सकता है।
किस काम के लिए कौन-सा फॉर्म?
फॉर्म 6:
18 वर्ष की आयु पूरी कर चुके नए मतदाता या ड्राफ्ट सूची से छूटे पात्र नागरिक नाम जुड़वाने के लिए फॉर्म 6 भर सकते हैं।
फॉर्म 7:
किसी अपात्र, मृत, स्थानांतरित या डुप्लीकेट मतदाता के नाम पर आपत्ति दर्ज कराने अथवा नाम हटाने का अनुरोध करने के लिए फॉर्म 7 का उपयोग किया जाता है।
फॉर्म 8:
नाम, आयु, पता, फोटो या अन्य जानकारी में सुधार और निवास स्थान बदलने के लिए फॉर्म 8 जमा किया जा सकता है।
आवेदन निर्वाचन आयोग के मतदाता सेवा पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन जमा किया जा सकता है। इसके अलावा संबंधित निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी (ERO), सहायक निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी (AERO) या बूथ स्तर अधिकारी (BLO) के पास भी फॉर्म जमा कराया जा सकता है।
नाम हटाने से पहले दिया जाएगा नोटिस
निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट किया है कि बिना निर्धारित कानूनी प्रक्रिया पूरी किए किसी पात्र मतदाता का नाम अंतिम सूची से नहीं हटाया जाएगा। जिन मतदाताओं के रिकॉर्ड में गड़बड़ी, आयु संबंधी अंतर, पारिवारिक विवरण में विसंगति या संदिग्ध पंजीकरण मिला है, उनकी बूथ स्तर पर दोबारा जांच की जाएगी।
आवश्यकता पड़ने पर संबंधित मतदाता को नोटिस जारी किया जाएगा और दस्तावेज प्रस्तुत करने तथा अपना पक्ष रखने का अवसर दिया जाएगा। इसके बाद ही निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी किसी नाम को जोड़ने, संशोधित करने या हटाने पर फैसला करेंगे।
ERO के फैसले के खिलाफ अपील का अधिकार
यदि कोई मतदाता निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी के निर्णय से संतुष्ट नहीं है तो उसे अपील करने का अधिकार भी दिया गया है। संबंधित व्यक्ति पहले जिला मजिस्ट्रेट के समक्ष अपील कर सकता है। इसके बाद भी राहत नहीं मिलने पर मुख्य निर्वाचन अधिकारी के समक्ष अपील की जा सकती है।
अंतिम मतदाता सूची 3 अक्टूबर को
31 जुलाई से 30 अगस्त तक मिलने वाले सभी दावों और आपत्तियों की जांच तथा निस्तारण 28 सितंबर तक पूरा किए जाने का कार्यक्रम है। इसके बाद हरियाणा की अंतिम मतदाता सूची 3 अक्टूबर 2026 को जारी की जाएगी।
निर्वाचन आयोग का कहना है कि इस पूरी प्रक्रिया का उद्देश्य मतदाता सूची से मृत, स्थानांतरित, डुप्लीकेट और अपात्र प्रविष्टियों को हटाना तथा प्रत्येक पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची में सुनिश्चित करना है।
ऐसे में हरियाणा के मतदाताओं के लिए जरूरी है कि वे समय रहते अपना नाम और विवरण जांच लें। ड्राफ्ट सूची में नाम नहीं मिलने पर अंतिम तिथि का इंतजार किए बिना दावा प्रस्तुत करें, ताकि आगामी चुनावों में मतदान के अधिकार से वंचित न होना पड़े।
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