अमेरिका के अलास्का में हुए भीषण विमान हादसे को लेकर शुरुआती जांच में चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है। अलास्का के एक सुदूर मिलिट्री एयरपोर्ट पर छोटा चार्टर विमान लैंडिंग के दौरान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। हादसे में विमान में सवार सभी 8 लोगों की मौत हो गई। मृतकों में छह यात्री और दो क्रू मेंबर शामिल हैं। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, हादसे के समय इलाके में घना कोहरा था और पायलट को रनवे स्पष्ट रूप से दिखाई नहीं दे रहा था।
यह हादसा एंकरेज से करीब 450 मील यानी लगभग 725 किलोमीटर पश्चिम में स्थित केप न्यूएनहैम लॉन्ग रेंज रडार साइट एयरपोर्ट पर हुआ। बताया जा रहा है कि विमान की पहली लैंडिंग कोशिश सफल नहीं हुई थी। इसके बाद दूसरी बार लैंडिंग की कोशिश के दौरान विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया।
घने कोहरे के बीच इंस्ट्रूमेंट्स के भरोसे था पायलट
नेशनल ट्रांसपोर्टेशन सेफ्टी बोर्ड (NTSB) की शुरुआती जानकारी के अनुसार, खराब मौसम और कोहरे के कारण पायलट को रनवे देखने में परेशानी हो रही थी। ऐसे में लैंडिंग के दौरान पायलट को काफी हद तक विमान के इंस्ट्रूमेंट्स पर निर्भर रहना पड़ा।
हालांकि, हादसे की अंतिम वजह जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी। शुरुआती परिस्थितियों में खराब विजिबिलिटी और तेजी से बदलते मौसम को महत्वपूर्ण पहलू माना जा रहा है।
आर्मी कोर ऑफ इंजीनियर्स के दो कर्मचारियों की भी मौत
हादसे में मारे गए छह यात्रियों और दो पायलटों की पहचान शुरुआती तौर पर सार्वजनिक नहीं की गई। जानकारी के अनुसार, मृतकों में अमेरिकी आर्मी कोर ऑफ इंजीनियर्स के दो कर्मचारी भी शामिल थे।
केप न्यूएनहैम की यह रडार साइट सामरिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है। इसे 1950 के दशक में सोवियत संघ की ओर से संभावित मिसाइल हमले की अग्रिम चेतावनी देने वाले नेटवर्क के हिस्से के रूप में विकसित किया गया था। मौजूदा समय में यह अलास्का के एयरस्पेस और आसपास की गतिविधियों की निगरानी करने वाले रिमोट रडार नेटवर्क का हिस्सा है।
पहाड़ी ढलान पर बनी है बजरी वाली एयरस्ट्रिप
जिस एयरपोर्ट पर हादसा हुआ, वहां की एयरस्ट्रिप पहाड़ी ढलान पर बनी हुई है और इसकी सतह बजरी की है। ऐसी परिस्थितियों में लैंडिंग के दौरान पायलटों को विशेष सावधानी बरतनी पड़ती है।
फ़ेडरल एविएशन एडमिनिस्ट्रेशन (FAA) की ओर से भी यहां आने वाले पायलटों को GPS और दूसरे नेविगेशन इंस्ट्रूमेंट्स के इस्तेमाल की सलाह दी जाती है।
क्रैश के आसपास तेजी से बिगड़ी विजिबिलिटी
मौसम संबंधी आंकड़े भी जांच में अहम हो सकते हैं। नेशनल वेदर सर्विस से जुड़ी जानकारी के अनुसार, एयरपोर्ट के ऑटोमेटेड ऑब्जर्वेशन सिस्टम ने हादसे से कुछ मिनट पहले कम ऊंचाई वाले बादल और कोहरा दर्ज किया था।
इसके बाद मौसम तेजी से बिगड़ा। हादसे के करीब 15 मिनट बाद दर्ज अगले अपडेट में विजिबिलिटी घटकर एक-चौथाई मील यानी लगभग 0.40 किलोमीटर से भी कम हो गई थी। इससे संकेत मिलता है कि दुर्घटना के आसपास के समय में मौसम की स्थिति तेजी से बदल रही थी।
‘हमारे मिलिट्री परिवार के लिए बहुत बड़ा नुकसान’
अमेरिकी एयर फोर्स के लेफ्टिनेंट जनरल रॉबर्ट डेविस ने हादसे पर दुख जताते हुए विमान में सवार लोगों को कठिन परिस्थितियों में जरूरी मिशन पूरा करने वाले समर्पित प्रोफेशनल बताया।
उन्होंने इस दुर्घटना को मिलिट्री परिवार और उन समुदायों के लिए बहुत बड़ा नुकसान बताया, जिनकी वे सेवा करते थे।
बेहद अहम है केप न्यूएनहैम रडार साइट
केप न्यूएनहैम लॉन्ग रेंज रडार साइट एक रिमोट सैन्य प्रतिष्ठान है। एयरपोर्ट का प्रबंधन पैसिफिक एयर फोर्सेज रीजनल सपोर्ट सेंटर करता है। यह अलास्का में मौजूद रिमोट रडार साइट्स के नेटवर्क का हिस्सा है, जिसका इस्तेमाल क्षेत्र के एयरस्पेस और सीमावर्ती इलाकों में विमानों की गतिविधियों को ट्रैक करने के लिए किया जाता है।
फिलहाल विमान दुर्घटना की जांच जारी है। जांच एजेंसियां मौसम, पायलट के फैसलों, विमान की तकनीकी स्थिति और लैंडिंग से जुड़े डेटा की पड़ताल कर रही हैं। हादसे की निश्चित वजह जांच पूरी होने के बाद सामने आने की उम्मीद है।
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