कनाडा के अल्बर्टा प्रांत के एडमॉन्टन में स्थित नानकसर सिख गुरुद्वारे में शुक्रवार, 21 अगस्त 2026 की सुबह एक गंभीर घटना सामने आई। एक 27 वर्षीय शख्स कथित तौर पर गुरुद्वारे में घुसा और प्रार्थना स्थल की ओर जाने की कोशिश करने लगा। कर्मचारियों द्वारा उसे रोकने के दौरान विवाद बढ़ गया, जिसके बाद दो श्रद्धालुओं पर चाकू से हमला किया गया। एडमॉन्टन पुलिस के अनुसार हमले में 75 वर्षीय और 51 वर्षीय दो पुरुष घायल हुए हैं। दोनों को अस्पताल ले जाया गया और उनकी चोटें जानलेवा नहीं बताई गई हैं।
सुबह करीब 5 बजे गुरुद्वारे में हुआ हमला
एडमॉन्टन पुलिस सर्विस (EPS) के मुताबिक शुक्रवार सुबह करीब 5:05 बजे नानकसर सिख गुरुद्वारे में चाकूबाजी की सूचना मिलनी शुरू हुई। पुलिस का कहना है कि आरोपी गुरुद्वारे में दाखिल हुआ और प्रार्थना क्षेत्र तक पहुंचने का प्रयास कर रहा था। वहां मौजूद कर्मचारियों ने उसे रोका तो टकराव बढ़ गया और इसी दौरान दो लोगों को चाकू मार दिया गया।
घटना के बाद गुरुद्वारे में मौजूद लोगों ने साहस दिखाते हुए आरोपी को मौके पर ही काबू कर लिया। पुलिस अधिकारी करीब 5:10 बजे घटनास्थल पर पहुंचे और 27 वर्षीय आरोपी को हिरासत में ले लिया।
Canadian Prime Minister Mark Carney tweets, "The attack at the Nanaksar Gurdwara in Edmonton this morning is appalling. My thoughts are with the two people who were injured and the wider community that is shaken by this terrible event. No one should ever feel unsafe in their… pic.twitter.com/liv8dbPtak
— ANI (@ANI) August 22, 2026
75 और 51 वर्षीय श्रद्धालु अस्पताल में भर्ती
पुलिस के अनुसार हमले में घायल दोनों व्यक्तियों की उम्र 75 और 51 वर्ष है। आपातकालीन स्वास्थ्य कर्मचारियों ने दोनों को प्राथमिक उपचार देने के बाद अस्पताल पहुंचाया। उनकी चोटों को पुलिस ने non-life-threatening यानी जान को खतरा पैदा करने वाली नहीं बताया है।
क्या नफरत की वजह से किया गया हमला?
हमले का मकसद अभी साफ नहीं हुआ है। एडमॉन्टन पुलिस की Investigative Response Team मामले की जांच कर रही है और Hate Crimes Unit को भी जांच में शामिल किया गया है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या गुरुद्वारे और सिख समुदाय को निशाना बनाते हुए नफरत से प्रेरित होकर हमला किया गया था।
पुलिस प्रमुख वॉरेन ड्रिशेल ने कहा कि इस तरह की हिंसा के लिए एडमॉन्टन में कोई जगह नहीं है और सिख समुदाय की सुरक्षा को गंभीरता से लिया जा रहा है। उन्होंने इस बात पर भी राहत जताई कि घटना में ज्यादा गंभीर चोटें या मौत नहीं हुई।
आरोपी का हिंसक अपराधों का पुराना रिकॉर्ड
मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक गिरफ्तार 27 वर्षीय आरोपी पुलिस के लिए पहले से जाना-पहचाना है और उसके खिलाफ हिंसक अपराधों का रिकॉर्ड वर्ष 2015 तक जाता है। रिपोर्ट में कहा गया है कि वह हमले से एक दिन पहले ही एक संघीय जेल से रिहा हुआ था, जहां वह aggravated assault और एक पुलिस अधिकारी पर हमले से जुड़े मामले में सजा काट रहा था। उसे निर्धारित हाफवे हाउस में रिपोर्ट करना था, लेकिन कथित तौर पर वह वहां नहीं पहुंचा।
सिख धर्मग्रंथ की बेअदबी के दावे की भी चर्चा
World Sikh Organization of Canada से जुड़ी रिपोर्टों में दावा किया गया है कि घटना के दौरान गुरुद्वारे में मौजूद श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी से भी बेअदबी हुई। हालांकि इस पहलू को लेकर उपलब्ध रिपोर्टों में अलग-अलग दावे सामने आए हैं। पुलिस की आधिकारिक शुरुआती रिलीज में धर्मग्रंथ की बेअदबी की पुष्टि नहीं की गई है, इसलिए इस दावे को फिलहाल जांच के अधीन माना जाना चाहिए।
PM मार्क कार्नी ने हमले की निंदा की
कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने घटना को भयावह बताते हुए हमले में घायल लोगों और एडमॉन्टन के सिख समुदाय के प्रति संवेदना व्यक्त की। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि किसी भी व्यक्ति को अपने धार्मिक या पूजा स्थल पर असुरक्षित महसूस नहीं होना चाहिए। साथ ही उन्होंने घटना पर तेजी से कार्रवाई करने के लिए एडमॉन्टन पुलिस की सराहना की।
सिख समुदाय की सुरक्षा को लेकर फिर उठे सवाल
गुरुद्वारे जैसी धार्मिक जगह के भीतर हुई इस हिंसक घटना के बाद कनाडा में सिख समुदाय की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर चिंता बढ़ गई है। फिलहाल पुलिस आरोपी के मकसद, घटना से पहले उसकी गतिविधियों और संभावित Hate Crime एंगल की जांच कर रही है। पुलिस ने साफ किया है कि 27 वर्षीय आरोपी के खिलाफ आरोप तय करने की प्रक्रिया जारी है।
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