बिहार के मधेपुरा जिले में सावन की अंतिम सोमवारी पर प्रसिद्ध सिंहेश्वर मंदिर में भगवान शिव का जलाभिषेक करने के लिए श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा। सोमवार सुबह श्रद्धालुओं की संख्या अचानक बढ़ने के बाद मंदिर परिसर में अफरातफरी की स्थिति पैदा हो गई। धक्का-मुक्की के बीच श्रद्धालुओं की कतार टूट गई और कुछ देर के लिए भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। भीड़ के दबाव में प्रशासन की ओर से लगाई गई बैरिकेडिंग भी टूट गई।
घटना में करीब आधा दर्जन श्रद्धालुओं के गिरकर घायल होने की जानकारी सामने आई है। भीड़ को नियंत्रित करने में जुटा एक पुलिसकर्मी भी चोटिल हो गया। हालात की गंभीरता को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया और वरिष्ठ प्रशासनिक तथा पुलिस अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर व्यवस्था संभाली।
सुबह 8 बजे के बाद बढ़ने लगी श्रद्धालुओं की भीड़
जानकारी के अनुसार, सावन की अंतिम सोमवारी होने के कारण सिंहेश्वर मंदिर में रविवार देर रात से ही श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया था। रविवार रात करीब एक बजे सरकारी पूजा संपन्न होने के बाद मंदिर का पट श्रद्धालुओं के लिए खोला गया। इसके बाद बड़ी संख्या में शिवभक्त जलाभिषेक के लिए मंदिर परिसर में पहुंचने लगे।
सोमवार सुबह करीब 8 बजे के बाद श्रद्धालुओं की संख्या तेजी से बढ़ गई। जलाभिषेक के लिए आगे बढ़ने की कोशिश के दौरान धक्का-मुक्की शुरू हो गई। भीड़ का दबाव बढ़ने पर कतार व्यवस्था बिगड़ गई और कुछ देर के लिए भगदड़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई।
भीड़ के दबाव में टूटी बैरिकेडिंग, कई श्रद्धालु घायल
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के दबाव के कारण प्रशासन की ओर से लगाई गई बैरिकेडिंग भी टूट गई। इस दौरान करीब आधा दर्जन श्रद्धालु गिरकर घायल हो गए। भीड़ को नियंत्रित करने में जुटे पुलिसकर्मी सिद्धांत कुमार को भी चोट लगी। बताया जा रहा है कि भीड़ का दबाव इतना अधिक था कि उनकी वर्दी तक फट गई।
घायल श्रद्धालुओं को तत्काल इलाज के लिए जेएनकेटी मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुंचाया गया। घायलों में सहरसा के सोनबरसा थाना क्षेत्र के जलसीमा वार्ड-4 निवासी रूना देवी, सुपौल के मानगंज निवासी सिन्टू कुमार, सुलेना देवी और पुलिसकर्मी सिद्धांत कुमार सहित अन्य लोग शामिल बताए गए हैं।
DM-SP समेत वरिष्ठ अधिकारी पहुंचे मंदिर
सिंहेश्वर मंदिर में हालात बिगड़ने की सूचना मिलते ही मधेपुरा के डीएम, एसपी, एसडीएम और एसडीपीओ समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। अतिरिक्त पुलिस बल को भी बुलाया गया।
पुलिस और प्रशासन ने भीड़ को नियंत्रित करने के बाद श्रद्धालुओं को दोबारा कतार में लगाना शुरू किया। इसके बाद व्यवस्थित तरीके से श्रद्धालुओं को मंदिर में प्रवेश देकर भगवान शिव का जलाभिषेक कराया गया।
श्रद्धालुओं से धैर्य और शांति बनाए रखने की अपील
मंदिर न्यास समिति और जिला प्रशासन ने श्रद्धालुओं से धैर्य एवं शांति बनाए रखने की अपील की। अधिकारियों ने मंदिर परिसर में व्यवस्था बहाल करने के साथ श्रद्धालुओं की सुरक्षा को प्राथमिकता दी और भीड़ को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त इंतजाम किए।
सावन की अंतिम सोमवारी होने के कारण सिंहेश्वर मंदिर में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना पहले से थी। सुबह भीड़ अचानक बढ़ने के बाद कुछ समय के लिए व्यवस्था प्रभावित हुई, जिसे बाद में पुलिस और प्रशासन ने संभाल लिया।
एक सप्ताह पहले लखीसराय के अशोक धाम में हुआ था हादसा
बिहार में मंदिर में भारी भीड़ के दौरान अव्यवस्था की यह घटना ऐसे समय सामने आई है, जब इससे पहले 17 अगस्त को लखीसराय स्थित ऐतिहासिक अशोक धाम यानी इन्द्र दमनेश्वर महादेव मंदिर में भगदड़ की घटना हुई थी।
उस हादसे में सात महिला श्रद्धालुओं की मौत और कई लोगों के घायल होने की खबर सामने आई थी। उस समय बिजली के पोल में करंट फैलने की अफवाह के बाद भगदड़ मचने की बात कही गई थी। सावन के सोमवार पर जलाभिषेक के लिए मंदिर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे थे।
अब मधेपुरा के सिंहेश्वर मंदिर में अंतिम सोमवारी पर भारी भीड़ के बीच हुई धक्का-मुक्की ने एक बार फिर बड़े धार्मिक आयोजनों में भीड़ प्रबंधन और श्रद्धालुओं की सुरक्षा व्यवस्था के महत्व को सामने ला दिया है।
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