केंद्र सरकार ने पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI से कथित तौर पर समर्थित शहजाद भट्टी नेटवर्क (SBN) के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने शहजाद भट्टी नेटवर्क को गैर-कानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम यानी UAPA के तहत आतंकवादी संगठन घोषित किया है। गृह मंत्रालय की ओर से जारी गजट नोटिफिकेशन के अनुसार UAPA की धारा 35(1)(a) के तहत SBN को अधिनियम की पहली अनुसूची में शामिल किया गया है।
गृह मंत्रालय ने इस कार्रवाई को आतंकवाद के खिलाफ केंद्र सरकार की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति से जोड़ा है। मंत्रालय के अनुसार शहजाद भट्टी नेटवर्क सीमा पार से हथियारों, विस्फोटकों और नशीले पदार्थों की तस्करी के साथ युवाओं और छोटे अपराधियों को आतंकवादी गतिविधियों के लिए कट्टरपंथी बनाने और उनका इस्तेमाल करने में कथित रूप से शामिल रहा है।
कौन है शहजाद भट्टी?
शहजाद भट्टी को पाकिस्तान से जुड़ा गैंगस्टर बताया जाता है, जिसका नेटवर्क अब संगठित अपराध के साथ आतंकवादी गतिविधियों से भी जोड़ा जा रहा है। भारतीय सुरक्षा एजेंसियां उसके नेटवर्क और भारत में मौजूद कथित सहयोगियों की गतिविधियों की जांच कर रही हैं।
भट्टी के ठिकाने को लेकर अलग-अलग समय पर अलग जानकारियां सामने आई हैं। जहां कुछ रिपोर्टों में उसके दुबई में रहने की बात कही गई, वहीं जुलाई में पंजाब से जुड़े आतंकी मामलों की जांच के दौरान NIA के हवाले से उसके ब्राजील में छिपे होने की जानकारी सामने आई थी।
गृह मंत्रालय ने क्या कहा?
गृह मंत्रालय ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट पर कार्रवाई की जानकारी देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आतंकवाद के प्रति ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति को आगे बढ़ाते हुए शहजाद भट्टी नेटवर्क को UAPA के तहत आतंकवादी संगठन घोषित किया गया है।
मंत्रालय के मुताबिक यह नेटवर्क सीमा पार से हथियारों, विस्फोटकों और नशीले पदार्थों की तस्करी में कथित रूप से शामिल रहा है। इसके साथ ही नेटवर्क पर युवाओं और छोटे अपराधियों को आतंकवाद की ओर धकेलने का भी आरोप है।
सरकार का दावा है कि नेटवर्क भारत के लोकतांत्रिक ढांचे और सांप्रदायिक सद्भाव को निशाना बनाने के उद्देश्य से डिजिटल माध्यमों पर नफरत फैलाने वाली सामग्री भी प्रसारित करता रहा है।
Pursuing PM Shri @narendramodi Ji's vision of zero tolerance against terror, the MHA declares the Shahzad Bhatti Network as a terrorist organisation under the UAPA.
The group is involved in smuggling of arms, explosives and narcotics across borders, apart from inciting youths…
— गृहमंत्री कार्यालय, HMO India (@HMOIndia) September 16, 2026
अगस्त में 14 राज्यों में हुई थी बड़ी कार्रवाई
शहजाद भट्टी नेटवर्क के खिलाफ सुरक्षा एजेंसियों ने अगस्त में भी बड़े स्तर पर कार्रवाई की थी। देश के 14 राज्यों में चलाए गए अभियान के दौरान 200 से अधिक संदिग्धों और नेटवर्क से कथित रूप से जुड़े लोगों को गिरफ्तार किए जाने की जानकारी सामने आई थी।
इस अभियान का उद्देश्य भारत में फैले नेटवर्क के कथित मॉड्यूल, सहयोगियों और लॉजिस्टिक सपोर्ट सिस्टम को तोड़ना था। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी उस समय कार्रवाई से जुड़ी जानकारी साझा की थी।
नेटवर्क के खिलाफ 80 से ज्यादा FIR
गृह मंत्रालय के मुताबिक शहजाद भट्टी नेटवर्क से संबंधित मामलों में अब तक 80 से ज्यादा FIR दर्ज की जा चुकी हैं। ये मामले UAPA के अलावा भारतीय न्याय संहिता (BNS), आर्म्स एक्ट, नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्सटेंस (NDPS) एक्ट और विस्फोटक पदार्थ अधिनियम समेत विभिन्न कानूनों के तहत दर्ज किए गए हैं।
जांच एजेंसियों की कार्रवाई में कथित तौर पर IED, पाकिस्तान ऑर्डनेंस फैक्ट्री की मार्किंग वाले ग्रेनेड, पिस्तौल, जिंदा कारतूस और निगरानी अथवा जासूसी में इस्तेमाल किए जाने वाले CCTV कैमरे भी बरामद किए गए हैं। गृह मंत्रालय का कहना है कि ये बरामदगी नेटवर्क के सीमा पार संबंधों की ओर इशारा करती है।
सोशल मीडिया के जरिए युवाओं की भर्ती का आरोप
जांच एजेंसियों के अनुसार शहजाद भट्टी पर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल कर भारत में युवाओं से संपर्क करने का भी आरोप है। NIA की जांच से जुड़ी रिपोर्टों के मुताबिक भट्टी कथित रूप से सोशल मीडिया के माध्यम से युवाओं को अपने नेटवर्क से जोड़ता था और बाद में उन्हें WhatsApp समूहों में शामिल किया जाता था।
एजेंसियों का आरोप है कि इन ऑनलाइन नेटवर्क के जरिए युवाओं को अलग-अलग आपराधिक और आतंकी गतिविधियों के लिए निर्देश दिए जाते थे। सुरक्षा एजेंसियों के लिए इस नेटवर्क का डिजिटल ढांचा भी जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा बना हुआ है।
UAPA के तहत आतंकी संगठन घोषित होने का क्या मतलब?
UAPA की पहली अनुसूची में किसी संगठन को शामिल किया जाना केंद्र सरकार की ओर से उसके खिलाफ एक महत्वपूर्ण कानूनी कदम है। इससे संगठन और उससे जुड़ी गतिविधियों के खिलाफ आतंकवाद-रोधी कानून के तहत कार्रवाई का कानूनी आधार मजबूत होता है।
शहजाद भट्टी नेटवर्क को आतंकवादी संगठन घोषित किए जाने के बाद जांच एजेंसियों का फोकस उसके भारत स्थित नेटवर्क, कथित फंडिंग चैनलों, हथियार और ड्रग्स तस्करी से जुड़े रास्तों तथा डिजिटल भर्ती तंत्र पर और बढ़ सकता है।
सीमा पार आतंकी नेटवर्क पर सरकार का सख्त रुख
केंद्र सरकार लगातार यह कहती रही है कि आतंकवाद, आतंकी फंडिंग और सीमा पार से संचालित नेटवर्क के खिलाफ उसकी नीति ‘जीरो टॉलरेंस’ की है। शहजाद भट्टी नेटवर्क को UAPA के तहत आतंकवादी संगठन घोषित करने की कार्रवाई को भी इसी नीति के तहत उठाया गया कदम बताया गया है।
अब सुरक्षा एजेंसियों के सामने नेटवर्क से जुड़े बाकी कथित सदस्यों, फंडिंग और लॉजिस्टिक चैनलों तथा विदेश से इसके संचालन से जुड़े सबूतों की जांच महत्वपूर्ण होगी।
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