महाराष्ट्र के मुंबई से सटे मीरा-भायंदर में लंबे समय से चल रहे जमीन विवाद में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 81 वर्षीय स्कूल मित्र असगर अली वोरा की शिकायत के बाद BJP विधायक नरेंद्र मेहता ने विवादित जमीन पर अपना दावा और कब्जा छोड़ने तथा प्लॉट पर निर्माण के लिए मिली अनुमति वापस करने की बात कही है। इसके साथ ही विधायक ने वोरा के खिलाफ पहले की गई शिकायत भी वापस लेने का फैसला किया है।
असगर अली वोरा ने हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात कर जमीन विवाद में हस्तक्षेप की मांग की थी। वोरा का आरोप था कि BJP विधायक नरेंद्र मेहता से जुड़ी कंस्ट्रक्शन कंपनी ने भायंदर में उनकी जमीन पर कब्जा कर लिया था। प्रधानमंत्री से मुलाकात के कुछ दिनों बाद मामले में हुई उच्चस्तरीय बैठक और उसके बाद सामने आए घटनाक्रम ने इस वर्षों पुराने विवाद को नई दिशा दी है।
वडनगर में PM मोदी के साथ पढ़े थे असगर अली वोरा
असगर अली वोरा का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से पुराना परिचय है। वोरा के मुताबिक, उन्होंने गुजरात के वडनगर स्थित बी.एन. स्कूल में नरेंद्र मोदी के साथ पढ़ाई की थी। जमीन से जुड़े अपने लंबे विवाद को लेकर उन्होंने 8 सितंबर को प्रधानमंत्री से मुलाकात की और मामले में मदद की गुहार लगाई।
वोरा का कहना है कि प्रधानमंत्री के सामने उन्होंने पूरे जमीन विवाद की जानकारी रखी और उन्हें सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली। इसके बाद संबंधित सरकारी अधिकारियों के स्तर पर मामले को लेकर गतिविधियां तेज हुईं।
1989 में खरीदी थी करीब 2,810 वर्ग मीटर जमीन
असगर अली वोरा के अनुसार उन्होंने वर्ष 1989 में भायंदर ईस्ट के नवघर इलाके में लगभग 2,810 वर्ग मीटर जमीन खरीदी थी। उनका आरोप है कि वर्ष 2011 में ‘स्वयं बिल्डर्स’ और नरेंद्र मेहता की ‘सेवन इलेवन कंस्ट्रक्शंस’ ने इस प्लॉट पर कब्जा कर लिया।
वोरा का दावा है कि वह पिछले करीब 15 वर्षों से अपनी जमीन को लेकर विभिन्न सरकारी विभागों और एजेंसियों के सामने मामला उठा रहे थे। लंबे समय तक समाधान नहीं निकलने के बाद उन्होंने सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात कर अपनी शिकायत उनके सामने रखी।
मंत्रालय में हुई अहम बैठक
प्रधानमंत्री से मुलाकात के बाद महाराष्ट्र सरकार के अधिकारियों ने भी मामले को लेकर कदम बढ़ाए। मंगलवार को मुख्यमंत्री के प्रिंसिपल सेक्रेटरी श्रीकर परदेशी की मौजूदगी में मंत्रालय में महत्वपूर्ण बैठक हुई।
इस बैठक में असगर अली वोरा और विधायक नरेंद्र मेहता के अलावा मीरा-भायंदर महानगरपालिका के कमिश्नर राधा विनोद शर्मा और टाउन प्लानर पुरुषोत्तम शिंदे भी मौजूद रहे। बैठक में विवादित जमीन से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की गई।
नरेंद्र मेहता ने निर्माण की अनुमति वापस करने की बात कही
बैठक के दौरान नरेंद्र मेहता ने टाउन प्लानिंग विभाग को एक पत्र सौंपा। इसमें उन्होंने विवादित जमीन का कब्जा छोड़ने और प्लॉट के लिए उन्हें दी गई निर्माण अनुमति वापस करने की बात कही।
रिपोर्ट के मुताबिक, मेहता ने अपने पत्र में यह भी कहा कि संबंधित जमीन वर्ष 2019 में मर्विन फर्नांडिस से खरीदी गई थी। इस तरह जमीन की खरीद और उसके मालिकाना हक को लेकर दोनों पक्षों के अलग-अलग दावे सामने आए हैं।
असगर अली वोरा के खिलाफ शिकायत भी लेंगे वापस
जमीन से कब्जा छोड़ने और निर्माण अनुमति वापस करने के अलावा विधायक नरेंद्र मेहता ने असगर अली वोरा के खिलाफ पहले दर्ज कराई गई शिकायत को भी वापस लेने की बात कही है।
पुलिस कमिश्नर को लिखे अलग पत्र में मेहता ने कहा कि दोनों पक्षों के बीच समझौता हो गया है और इसी वजह से वह वोरा के खिलाफ की गई अपनी पुरानी शिकायत वापस ले रहे हैं।
15 साल पुराने जमीन विवाद में बड़ी राहत
असगर अली वोरा के दावे के मुताबिक वह करीब 15 वर्षों से इस जमीन को लेकर अलग-अलग स्तरों पर अपनी शिकायत उठा रहे थे। ऐसे में ताजा घटनाक्रम उनके लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है।
इस पूरे मामले ने इसलिए भी खास ध्यान खींचा क्योंकि वोरा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पुराने स्कूल मित्र बताए जाते हैं और उन्होंने व्यक्तिगत रूप से प्रधानमंत्री से मुलाकात कर अपनी शिकायत रखी थी। इसके कुछ ही दिनों बाद प्रशासनिक स्तर पर बैठक हुई और विवादित जमीन को लेकर महत्वपूर्ण फैसला सामने आया।
हालांकि जमीन के मालिकाना हक से जुड़े दोनों पक्षों के पुराने दावे अलग-अलग रहे हैं। ताजा घटनाक्रम में विधायक की ओर से कब्जा और निर्माण अनुमति छोड़ने तथा शिकायत वापस लेने की बात सामने आने के बाद इस लंबे विवाद के समाधान की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है।
हमारी यूट्यूब चैनल को लाइक, शेयर और सब्सक्राइब करे
Like, Share and Subscribe our YouTube channel