मध्य प्रदेश के उज्जैन में सिंहस्थ की तैयारियों के तहत चल रहे सड़क चौड़ीकरण प्रोजेक्ट और शाही मस्जिद से जुड़े विवाद में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर पीठ ने जिला प्रशासन और शाही मस्जिद कमेटी के बीच बनी सहमति के आधार पर संबंधित याचिका का निपटारा कर दिया है। समझौते के मुताबिक, सड़क चौड़ीकरण के लिए मस्जिद की करीब 3 फीट जमीन और कुछ दुकानों को हटाया जाएगा, जबकि मस्जिद की बड़ी मीनार को दूसरी दिशा में स्थानांतरित किया जाएगा।
हाईकोर्ट ने नगर निगम की ओर से दिए गए आश्वासनों को भी महत्वपूर्ण माना है और स्पष्ट किया है कि ये आश्वासन नगर निगम के लिए बाध्यकारी होंगे। इसके बाद सिंहस्थ प्रोजेक्ट के तहत सड़क चौड़ीकरण और शाही मस्जिद से जुड़े हिस्से पर आगे की कार्रवाई का रास्ता साफ हो गया है।
हाईकोर्ट ने समझौते के आधार पर किया याचिका का निपटारा
शाही मस्जिद से जुड़े सड़क चौड़ीकरण विवाद का मामला मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर पीठ तक पहुंचा था। सुनवाई के दौरान जिला प्रशासन और शाही मस्जिद कमेटी के बीच बनी सहमति को अदालत के सामने रखा गया।
इसी समझौते को आधार बनाते हुए हाईकोर्ट ने याचिका का निपटारा कर दिया। इसका अर्थ है कि अब दोनों पक्षों को आपसी सहमति में तय शर्तों के मुताबिक आगे बढ़ना होगा। नगर निगम ने इस दौरान जो आश्वासन दिए हैं, उन्हें लेकर अदालत ने स्पष्ट किया कि वे निगम पर बाध्यकारी होंगे।
शाही मस्जिद की 3 फीट जगह हटाने पर बनी सहमति
प्रशासन और शाही मस्जिद कमेटी के बीच हुए समझौते के मुताबिक, सड़क चौड़ीकरण के लिए मस्जिद की करीब 3 फीट जगह प्रभावित होगी।
इसके साथ ही सड़क के दायरे में आने वाली कुछ दुकानों को भी हटाया जाएगा। समझौते में प्रभावित दुकानों के बदले दूसरी जगह उपलब्ध कराने की बात कही गई है।
मस्जिद की बड़ी मीनार को तोड़ने के बजाय उसे दूसरी दिशा में स्थानांतरित किए जाने पर भी सहमति बनी है। इस व्यवस्था के जरिए सड़क चौड़ीकरण की जरूरत और धार्मिक स्थल से जुड़े पक्षों की चिंताओं के बीच समाधान निकालने का प्रयास किया गया है।
कंठाल चौराहे से गोपाल मंदिर तक 15 मीटर चौड़ी होगी सड़क
पूरा मामला उज्जैन में आगामी सिंहस्थ की तैयारियों से जुड़ा है। सिंहस्थ के दौरान शहर में लाखों श्रद्धालुओं और वाहनों की आवाजाही को ध्यान में रखते हुए प्रशासन विभिन्न बुनियादी ढांचा परियोजनाओं पर काम कर रहा है।
इसी के तहत कंठाल चौराहे से गोपाल मंदिर तक की सड़क को 15 मीटर चौड़ा किया जा रहा है। सड़क चौड़ीकरण के प्रस्तावित दायरे में शाही मस्जिद का भी कुछ हिस्सा आ रहा था। इसे लेकर मस्जिद कमेटी और प्रशासन के बीच विवाद की स्थिति बनी थी। बाद में बातचीत के जरिए दोनों पक्षों में सहमति बनी और यही समझौता हाईकोर्ट के सामने रखा गया।
सड़क चौड़ीकरण के दायरे में आए 15 धार्मिक स्थल
कंठाल चौराहे से गोपाल मंदिर तक सड़क चौड़ीकरण के दायरे में केवल शाही मस्जिद ही नहीं, बल्कि कुल 15 धार्मिक स्थल प्रभावित बताए गए हैं। इनमें से 12 धार्मिक स्थलों से संबंधित प्रभावित हिस्सों को पहले ही हटाया जा चुका है। शाही मस्जिद को लेकर विवाद अदालत तक पहुंचने के कारण मामला चर्चा में आ गया था।
अब हाईकोर्ट में याचिका के निपटारे के बाद प्रशासन के लिए समझौते की शर्तों के अनुसार आगे की कार्रवाई का रास्ता खुल गया है।
मस्जिद का हिस्सा हटाने के दौरान हुआ था हंगामा
सोमवार सुबह शाही मस्जिद के सड़क चौड़ीकरण की जद में आने वाले हिस्से को हटाने की कार्रवाई के दौरान मौके पर तनाव पैदा हो गया था। बड़ी संख्या में लोग वहां जमा हो गए और कार्रवाई को लेकर विरोध शुरू हो गया।
पुलिस के मुताबिक, स्थिति बिगड़ने के दौरान पथराव भी हुआ। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने बल प्रयोग किया और आंसू गैस के गोले छोड़े। तनाव को देखते हुए इलाके में भारी संख्या में पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई और मस्जिद के आसपास आवाजाही पर भी नियंत्रण लगाया गया।
महिला थाना प्रभारी घायल, 15 लोग हिरासत में
इस घटनाक्रम के दौरान एक महिला थाना प्रभारी के घायल होने की जानकारी भी सामने आई। पुलिस ने हंगामे और पथराव के बाद कार्रवाई करते हुए 15 लोगों को हिरासत में लिया। इसके अलावा माहौल बिगाड़ने के आरोप में 7 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज किए जाने की जानकारी सामने आई है। इनमें एक सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर भी शामिल बताया गया है।
इन लोगों पर लगे आरोपों की जांच पुलिस कर रही है और अंतिम कानूनी जिम्मेदारी जांच तथा न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर तय होगी।
शाही मस्जिद कितनी पुरानी? अलग-अलग दावे
विवाद के बीच उज्जैन की शाही मस्जिद की उम्र को लेकर भी अलग-अलग दावे सामने आए हैं। उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर इसे 100 साल से अधिक पुराना बताया जा रहा है।
दूसरी ओर मस्जिद के इमाम का दावा है कि शाही मस्जिद का इतिहास 600 साल से भी अधिक पुराना है। मस्जिद की वास्तविक ऐतिहासिक आयु को लेकर सामने आए ये अलग-अलग दावे भी विवाद के दौरान चर्चा का विषय बने हुए हैं।
सिंहस्थ की तैयारियों में सड़क चौड़ीकरण पर जोर
उज्जैन में होने वाले सिंहस्थ को देखते हुए प्रशासन शहर की सड़कों, यातायात व्यवस्था और अन्य बुनियादी ढांचे को बेहतर बनाने पर काम कर रहा है। कंठाल चौराहे से गोपाल मंदिर तक सड़क का चौड़ीकरण इसी व्यापक योजना का हिस्सा है।
प्रशासन का उद्देश्य सिंहस्थ के दौरान बढ़ने वाली भीड़ के मद्देनजर प्रमुख मार्गों पर यातायात को सुगम बनाना है। हालांकि, इस प्रक्रिया में धार्मिक और अन्य पुरानी संरचनाओं के प्रभावित होने से कई जगह संवेदनशील स्थिति भी पैदा हुई है।
हाईकोर्ट के फैसले के बाद आगे क्या होगा?
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर पीठ की ओर से याचिका का निपटारा किए जाने के बाद अब प्रशासन और शाही मस्जिद कमेटी के बीच हुए समझौते के मुताबिक आगे की कार्रवाई की जाएगी।
समझौते के तहत मस्जिद की करीब तीन फीट जगह सड़क चौड़ीकरण के लिए दी जाएगी, प्रभावित दुकानों को हटाकर उनके लिए वैकल्पिक व्यवस्था की जाएगी और बड़ी मीनार को दूसरी दिशा में शिफ्ट किया जाएगा।
साथ ही नगर निगम को अदालत के सामने दिए गए अपने आश्वासनों का पालन करना होगा। ऐसे में अब प्रशासन के सामने चुनौती समझौते को जमीन पर लागू करते हुए कानून-व्यवस्था और सामाजिक सौहार्द बनाए रखने की होगी।
हमारी यूट्यूब चैनल को लाइक, शेयर और सब्सक्राइब करे
Like, Share and Subscribe our YouTube channel