झारखंड की राजधानी रांची के हरमू इलाके में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की प्रतिमा पर कथित तौर पर कालिख पोतने और अभद्र टिप्पणी लिखे जाने का मामला सामने आया है। घटना को लेकर झारखंड बीजेपी ने कड़ी आपत्ति जताते हुए अज्ञात लोगों के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। पार्टी ने घटना में शामिल लोगों की जल्द पहचान कर गिरफ्तारी और कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
इस मामले को लेकर बीजेपी के पूर्व झारखंड प्रदेश अध्यक्ष और पूर्व राज्यसभा सांसद दीपक प्रकाश के नेतृत्व में पार्टी नेताओं का एक प्रतिनिधिमंडल अरगोड़ा थाने पहुंचा। बीजेपी नेताओं ने घटना को डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी का अपमान बताते हुए पुलिस से त्वरित और निष्पक्ष जांच की मांग की।
श्यामा प्रसाद मुखर्जी की प्रतिमा पर कालिख पोतने का आरोप
बीजेपी के मुताबिक, रांची के हरमू स्थित डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की प्रतिमा को अज्ञात असामाजिक तत्वों ने निशाना बनाया। पार्टी का आरोप है कि प्रतिमा पर कालिख पोती गई और उस पर अभद्र टिप्पणी लिखकर उसे अपमानित करने का प्रयास किया गया।
घटना सामने आने के बाद स्थानीय बीजेपी नेताओं और कार्यकर्ताओं में नाराजगी देखी गई। पार्टी के नेताओं ने इसे गंभीर मामला बताते हुए पुलिस प्रशासन से दोषियों की जल्द पहचान करने की मांग की है।
अरगोड़ा थाने पहुंचा BJP का प्रतिनिधिमंडल
घटना के विरोध में दीपक प्रकाश के नेतृत्व में बीजेपी नेताओं का प्रतिनिधिमंडल अरगोड़ा थाना पहुंचा। पार्टी की ओर से अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई।
बीजेपी के हरमू मंडल अध्यक्ष इंद्रजीत यादव की ओर से शिकायत दी गई है। पार्टी ने पुलिस से मामले की जांच कर घटना में शामिल लोगों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की।
‘घटना से BJP कार्यकर्ताओं को पहुंची पीड़ा’
दीपक प्रकाश ने घटना की निंदा करते हुए कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जनसंघ के संस्थापक अध्यक्ष और बीजेपी की वैचारिक परंपरा के प्रमुख व्यक्तित्वों में शामिल रहे हैं।
उन्होंने कहा कि मुखर्जी की प्रतिमा पर कालिख पोतने और उसे कथित तौर पर नुकसान पहुंचाने की कोशिश से बीजेपी कार्यकर्ताओं को पीड़ा और आघात पहुंचा है।
दीपक प्रकाश ने कहा कि डॉ. मुखर्जी ने अपना जीवन राष्ट्रहित के लिए समर्पित किया और जम्मू-कश्मीर से जुड़े मुद्दों पर संघर्ष किया। ऐसे में उनकी प्रतिमा को अपमानित करने की घटना गंभीर और दुर्भाग्यपूर्ण है।
‘प्रतिमा को नुकसान पहुंचा सकते हैं, विचारों को नहीं’
दीपक प्रकाश ने आरोप लगाया कि अज्ञात लोगों ने जानबूझकर प्रतिमा को अपवित्र करने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि किसी प्रतिमा को नुकसान पहुंचाया जा सकता है, लेकिन डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के विचारों को मिटाया नहीं जा सकता।
बीजेपी नेता ने कहा कि देश के महापुरुष चाहे किसी भी जाति, धर्म या वर्ग से आते हों, उनकी प्रतिमाएं उनके योगदान, त्याग और राष्ट्रीय चेतना की प्रतीक होती हैं।
उन्होंने कहा कि किसी महापुरुष की प्रतिमा के प्रति घृणा प्रदर्शित करना, उसे क्षतिग्रस्त करना या अपमानित करना सभ्य समाज की पहचान नहीं हो सकती।
हेमंत सोरेन सरकार पर दीपक प्रकाश का हमला
इस घटना को लेकर बीजेपी ने झारखंड की हेमंत सोरेन सरकार को भी निशाने पर लिया है। दीपक प्रकाश ने राज्य की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार में असामाजिक तत्वों के हौसले बढ़ गए हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में अपराधियों और असामाजिक तत्वों में कानून का डर कम हुआ है और इसी कारण वे महापुरुषों की प्रतिमाओं को अपमानित करने जैसी घटनाओं को अंजाम देने की हिम्मत कर रहे हैं।
ये आरोप बीजेपी नेता दीपक प्रकाश की ओर से राज्य सरकार के खिलाफ लगाए गए हैं।
गिरफ्तारी नहीं हुई तो आंदोलन की चेतावनी
दीपक प्रकाश ने पुलिस और राज्य सरकार से घटना में शामिल लोगों की तत्काल पहचान कर गिरफ्तारी की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि दोषियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होने की स्थिति में बीजेपी इस मुद्दे को लेकर सड़कों पर उतरेगी।
उन्होंने इस घटना को सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने की कोशिश बताते हुए कहा कि पुलिस को मामले की गंभीरता को देखते हुए जल्द कार्रवाई करनी चाहिए।
बीजेपी ने कहा है कि जांच में जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाए, उसके खिलाफ कानून के तहत सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।
BJP ने इन धाराओं के तहत कार्रवाई की मांग की
बीजेपी की ओर से दी गई शिकायत में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 324, 298, 196, 352 और 356 समेत संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत मामला दर्ज कर कार्रवाई की मांग की गई है।
इसके अलावा पार्टी ने अपनी शिकायत में Prevention of Insults to National Honour Act, 1971 का भी उल्लेख करते हुए पुलिस से कानूनी पहलुओं की जांच करने और लागू होने वाले प्रावधानों के तहत कार्रवाई करने की मांग की है।
किस घटना पर कौन-सी धारा कानूनी रूप से लागू होती है, इसका अंतिम निर्धारण पुलिस जांच और न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर होगा।
पुलिस जांच और आरोपियों की पहचान पर नजर
फिलहाल बीजेपी ने अज्ञात लोगों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराकर त्वरित जांच की मांग की है। इस मामले में सबसे अहम सवाल घटना को अंजाम देने वालों की पहचान और इसके पीछे की वजह को लेकर है।
बीजेपी ने इसे राजनीतिक और सामाजिक रूप से गंभीर घटना बताते हुए कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है। अब पुलिस की जांच के बाद ही साफ हो सकेगा कि प्रतिमा को नुकसान पहुंचाने के पीछे कौन लोग थे और घटना का मकसद क्या था।
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