देश के करोड़ों किसानों के लिए केंद्र सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में 2027-28 रबी मार्केटिंग सीजन के लिए गेहूं समेत छह प्रमुख रबी फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) में बढ़ोतरी को मंजूरी दी गई है। गेहूं के MSP में ₹25 प्रति क्विंटल की वृद्धि की गई है, जिसके बाद नया समर्थन मूल्य ₹2,610 प्रति क्विंटल हो गया है।
पिछले रबी मार्केटिंग सीजन 2026-27 में गेहूं का MSP ₹2,585 प्रति क्विंटल था। सरकार का कहना है कि MSP में बढ़ोतरी का उद्देश्य किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य उपलब्ध कराने के साथ उत्पादन लागत पर उचित रिटर्न सुनिश्चित करना है।
गेहूं का MSP ₹2,610 प्रति क्विंटल
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव के मुताबिक, गेहूं की अनुमानित उत्पादन लागत करीब ₹1,264 प्रति क्विंटल है, जबकि 2027-28 के लिए इसका MSP ₹2,610 प्रति क्विंटल तय किया गया है।
इस हिसाब से घोषित MSP अनुमानित उत्पादन लागत के दोगुने से भी अधिक है। सरकार का कहना है कि MSP तय करते समय किसानों की लागत और उन्हें मिलने वाले मार्जिन को महत्वपूर्ण आधार बनाया गया है।
गेहूं देश की सबसे महत्वपूर्ण रबी फसलों में शामिल है। इसकी बुवाई आमतौर पर अक्टूबर के आसपास शुरू होती है और कटाई मार्च-अप्रैल से होती है। ऐसे में रबी सीजन से पहले MSP की घोषणा किसानों को फसल संबंधी निर्णय लेने में मदद कर सकती है।
#WATCH | Delhi: Union Minister Ashwini Vaishnaw says, "Today, three major decisions with far-reaching nationwide impact were taken. The first decision concerns fixing the Minimum Support Price (MSP) for Rabi crops. For crops such as wheat, barley, gram, lentils, rapeseed, masoor,… pic.twitter.com/o8ZQwCWfqc
— ANI (@ANI) September 30, 2026
जौ का MSP ₹2,286 प्रति क्विंटल
सरकार ने गेहूं के अलावा जौ (Barley) के न्यूनतम समर्थन मूल्य में भी बढ़ोतरी की है। जौ का MSP ₹2,150 से बढ़ाकर ₹2,286 प्रति क्विंटल कर दिया गया है।
इस तरह जौ के समर्थन मूल्य में ₹136 प्रति क्विंटल की वृद्धि की गई है।
चने का MSP बढ़कर ₹5,958
रबी सीजन की प्रमुख दलहन फसल चना (Gram) के MSP में भी बढ़ोतरी को मंजूरी मिली है। चने का समर्थन मूल्य ₹5,875 से बढ़ाकर ₹5,958 प्रति क्विंटल किया गया है।
इससे चना उत्पादक किसानों को पिछले सीजन के मुकाबले ₹83 प्रति क्विंटल अधिक MSP मिलेगा।
मसूर के किसानों को ₹390 प्रति क्विंटल का फायदा
मसूर (Lentil) के MSP में अपेक्षाकृत बड़ी बढ़ोतरी की गई है। मसूर का न्यूनतम समर्थन मूल्य ₹7,000 से बढ़ाकर ₹7,390 प्रति क्विंटल कर दिया गया है।
इस प्रकार मसूर उत्पादकों के लिए MSP में ₹390 प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी हुई है।
सरसों का MSP ₹6,613 प्रति क्विंटल
तिलहन उत्पादन को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से सरसों (Rapeseed-Mustard) के MSP में भी उल्लेखनीय वृद्धि की गई है।
सरसों का समर्थन मूल्य ₹6,200 से बढ़ाकर ₹6,613 प्रति क्विंटल किया गया है। यानी किसानों को पिछले सीजन की तुलना में ₹413 प्रति क्विंटल अधिक MSP मिलेगा।
कुसुम के MSP में सबसे बड़ी बढ़ोतरी
घोषित रबी फसलों में कुसुम (Safflower) के MSP में बड़ी बढ़ोतरी की गई है। इसका न्यूनतम समर्थन मूल्य ₹6,540 से बढ़ाकर ₹7,215 प्रति क्विंटल किया गया है।
इस हिसाब से कुसुम के MSP में ₹675 प्रति क्विंटल की वृद्धि हुई है।
324 लाख टन खरीद का अनुमान, किसानों को ₹90,962 करोड़ का भुगतान
सरकार के अनुमान के मुताबिक, 2027-28 के मार्केटिंग सीजन में करीब 324 लाख टन रबी फसलों की खरीद हो सकती है। इसके एवज में किसानों को कुल मिलाकर करीब ₹90,962 करोड़ का भुगतान किए जाने का अनुमान है।
MSP तय करने में कृषि लागत एवं मूल्य आयोग (CACP) की सिफारिशों को महत्वपूर्ण आधार बनाया जाता है। इसके साथ उत्पादन लागत, मांग-आपूर्ति की स्थिति, घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतों के रुझान तथा अन्य आर्थिक पहलुओं को भी ध्यान में रखा जाता है।
गेहूं उत्पादन का लक्ष्य 12.1 करोड़ टन
कृषि मंत्रालय ने 2026-27 फसल वर्ष के लिए देश में गेहूं उत्पादन का लक्ष्य करीब 12.1 करोड़ टन रखा है।
गेहूं का MSP बढ़ाने के पीछे किसानों को बेहतर मूल्य देने के साथ देश में उत्पादन को प्रोत्साहित करना भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। गेहूं खाद्य सुरक्षा की दृष्टि से देश की सबसे अहम फसलों में शामिल है।
मोदी कैबिनेट में अन्य अहम फैसलों पर भी मुहर
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में किसानों के लिए रबी फसलों का MSP बढ़ाने के अलावा अन्य महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर भी निर्णय लिए जाने की जानकारी सामने आई है।
इनमें रिन्यूएबल एनर्जी को बिजली ग्रिड से जोड़ने और ट्रांसमिशन व्यवस्था को बेहतर बनाने से संबंधित इंफ्रास्ट्रक्चर कार्यक्रम तथा दिल्ली की ट्रैफिक व्यवस्था को आधुनिक बनाने के लिए Intelligent Traffic Management System (ITMS) से संबंधित कदम शामिल बताए गए हैं।
किसानों के लिहाज से सबसे बड़ा फैसला रबी फसलों के MSP में बढ़ोतरी है। गेहूं से लेकर दलहन और तिलहन तक छह प्रमुख फसलों के समर्थन मूल्य में वृद्धि का लाभ संबंधित फसलों की सरकारी खरीद कराने वाले किसानों को मिलेगा।
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