केरल के कोल्लम जिले से नाबालिग लड़की के कथित यौन शोषण का गंभीर मामला सामने आया है। पुलिस ने 16 वर्षीय लड़की के यौन शोषण के आरोप में मुस्लिम धर्मगुरु और व्लॉगर मुहम्मद नियास जौहरी को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि आरोपी ने प्रार्थना के जरिए बीमारी ठीक करने का भरोसा दिलाकर पीड़िता और उसके रिश्तेदार को अपने धार्मिक संस्थान में बुलाया था। इसके बाद उसने कथित तौर पर नाबालिग का यौन शोषण किया और धमकाकर अलग-अलग स्थानों पर भी उसके साथ दुर्व्यवहार किया। मामला सामने आने के बाद ओचिरा स्थित ‘हबीबिया इस्लामिक अकादमी’ को बंद कर दिया गया है। पुलिस आरोपी के मोबाइल फोन की जांच कर रही है और अन्य संभावित पीड़िताओं के संबंध में भी जानकारी जुटाई जा रही है।
कोल्लम में धर्मगुरु पर नाबालिग के यौन शोषण का गंभीर आरोप
केरल के कोल्लम जिले के ओचिरा क्षेत्र में 16 वर्षीय लड़की के कथित यौन शोषण के मामले ने स्थानीय स्तर पर चिंता बढ़ा दी है। पुलिस ने इस मामले में मुहम्मद नियास जौहरी नामक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है, जो धार्मिक गतिविधियों के साथ सोशल मीडिया पर व्लॉगिंग से भी जुड़ा बताया जा रहा है।
आरोपी ओचिरा में संचालित ‘हबीबिया इस्लामिक अकादमी’ का निदेशक बताया गया है। शिकायत के अनुसार, उसने धार्मिक प्रार्थना के माध्यम से बीमारी ठीक करने का दावा करके पीड़िता के परिवार का विश्वास हासिल किया। पुलिस के सामने आए आरोपों के मुताबिक, इसी विश्वास का फायदा उठाकर उसने नाबालिग के साथ यौन शोषण की घटनाओं को अंजाम दिया। फिलहाल मामले की जांच जारी है।
बीमारी ठीक करने के बहाने अकादमी में बुलाने का आरोप
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, आरोपी ने 16 वर्षीय लड़की और उसके एक रिश्तेदार को यह भरोसा दिलाया कि धार्मिक प्रार्थना के माध्यम से रिश्तेदार की बीमारी ठीक हो सकती है। इसके बाद दोनों को ओचिरा स्थित हबीबिया इस्लामिक अकादमी में बुलाया गया। शिकायत के अनुसार, इसी संस्थान में आरोपी ने पहली बार नाबालिग का कथित यौन शोषण किया।
आरोप है कि इसके बाद उसने लड़की को धमकाया और अलग-अलग स्थानों पर ले जाकर उसके साथ दोबारा यौन शोषण किया। पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि आरोपी ने पीड़िता को किस प्रकार विश्वास में लिया और कथित घटनाओं के दौरान किन परिस्थितियों का फायदा उठाया।
अक्टूबर और नवंबर 2025 में हुई थीं कथित घटनाएं
प्राप्त जानकारी के मुताबिक, नाबालिग के साथ कथित यौन शोषण की घटनाएं अक्टूबर और नवंबर 2025 के दौरान हुई थीं। बताया जा रहा है कि पीड़िता ने शुरुआत में इन घटनाओं के बारे में किसी अधिकारी को जानकारी नहीं दी थी। बाद में उसने अपने दोस्तों को आपबीती बताई, जिसके बाद मामला पुलिस तक पहुंचा।
शिकायत दर्ज होने के बाद पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू की और आरोपी की तलाश की। यह मामला इस बात को भी रेखांकित करता है कि यौन शोषण की शिकायतों में पीड़ित बच्चों को सुरक्षित वातावरण, गोपनीयता और मनोवैज्ञानिक सहायता उपलब्ध कराना कितना महत्वपूर्ण है।
दोस्तों को बताई आपबीती, फिर पुलिस तक पहुंचा मामला
रिपोर्ट के अनुसार, नाबालिग लड़की ने अपने साथ हुई कथित घटनाओं की जानकारी दोस्तों को दी थी। इसके बाद संबंधित लोगों ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराने की पहल की। पुलिस ने शिकायत के आधार पर आरोपी मुहम्मद नियास जौहरी को ओचिरा स्थित संस्थान से हिरासत में लिया।
उपलब्ध रिपोर्ट में दावा किया गया है कि पूछताछ के दौरान आरोपी ने अपराध स्वीकार किया है। पुलिस मामले से संबंधित परिस्थितियों और संभावित सबूतों की जांच कर रही है।
आरोपी के मोबाइल फोन की जांच, अन्य पीड़िताओं की आशंका
जांच के दौरान पुलिस को आशंका है कि इस मामले के अतिरिक्त अन्य लड़कियां भी कथित यौन शोषण का शिकार हुई हो सकती हैं। इसी संभावना को ध्यान में रखते हुए आरोपी के मोबाइल फोन और उससे जुड़े डिजिटल साक्ष्यों की जांच की जा रही है।
पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि क्या आरोपी ने अन्य नाबालिगों के साथ भी इसी प्रकार का व्यवहार किया था और क्या किसी अन्य व्यक्ति को कथित घटनाओं की जानकारी थी।
ओचिरा की हबीबिया इस्लामिक अकादमी बंद
मामला सामने आने के बाद ओचिरा स्थित ‘हबीबिया इस्लामिक अकादमी’ को बंद किए जाने की जानकारी सामने आई है। यह वही संस्थान है, जहां आरोपी मुहम्मद नियास जौहरी निदेशक के रूप में कार्यरत बताया जा रहा है। उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार, इस धार्मिक शिक्षण संस्थान में लगभग 40 बच्चे पढ़ाई कर रहे थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए इन बच्चों की काउंसलिंग कराने की योजना बनाई गई है। इसका उद्देश्य बच्चों को आवश्यक मनोवैज्ञानिक सहायता उपलब्ध कराना और उनकी सुरक्षा तथा कल्याण सुनिश्चित करना है।
संस्थान की गतिविधियों और सुरक्षा व्यवस्था की भी जांच
इस मामले के सामने आने के बाद धार्मिक शिक्षण संस्थान की गतिविधियों और वहां बच्चों की सुरक्षा से संबंधित व्यवस्थाओं पर भी सवाल उठे हैं। पुलिस की जांच में यह स्पष्ट किया जाना बाकी है कि कथित घटनाएं किन परिस्थितियों में हुईं और संस्थान में बच्चों की सुरक्षा के लिए क्या व्यवस्थाएं मौजूद थीं। किसी भी शैक्षणिक या धार्मिक संस्थान में बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और यौन शोषण की शिकायतों पर समयबद्ध कार्रवाई करना आवश्यक है।
विशेषज्ञों के अनुसार, बच्चों से जुड़े संस्थानों में शिकायत दर्ज कराने की सुरक्षित व्यवस्था, प्रशिक्षित कर्मचारी और नियमित जागरूकता कार्यक्रम बच्चों के संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
नाबालिगों के खिलाफ यौन अपराधों पर सख्त कानून
भारत में बच्चों के खिलाफ यौन अपराधों से निपटने के लिए यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण अधिनियम यानी POCSO Act, 2012 लागू है। इस कानून के तहत 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों के खिलाफ यौन अपराधों के मामलों में विशेष कानूनी प्रावधान हैं।
केरल पुलिस की जांच जारी, अन्य संभावित पीड़िताओं की तलाश
केरल के कोल्लम जिले में सामने आए इस मामले में पुलिस आरोपी मुहम्मद नियास जौहरी से जुड़े आरोपों की विस्तृत जांच कर रही है।
जांच का प्रमुख उद्देश्य पीड़िता की शिकायत से संबंधित साक्ष्य जुटाना, कथित घटनाओं की परिस्थितियों की पुष्टि करना और अन्य संभावित पीड़िताओं के बारे में जानकारी प्राप्त करना है।
हबीबिया इस्लामिक अकादमी को बंद किए जाने और वहां पढ़ने वाले बच्चों की काउंसलिंग की योजना के बीच स्थानीय प्रशासन की आगे की कार्रवाई पर भी नजर बनी हुई है। फिलहाल आरोपी गिरफ्तार है और मामले में अंतिम कानूनी निष्कर्ष अदालत की प्रक्रिया के बाद ही सामने आएगा।
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