प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर विदेशी मदद से सत्ता में आने और देश से झूठ बोलने का आरोप लगाने के बाद कांग्रेस सांसद एवं लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। राहुल गांधी के सोशल मीडिया पोस्ट पर पलटवार करते हुए किरेन रिजिजू ने उन पर भारत विरोधी ताकतों के एजेंडे को आगे बढ़ाने का आरोप लगाया। रिजिजू ने कहा कि दूसरों पर विदेशी समर्थन लेने का आरोप लगाने से पहले राहुल गांधी को अपने राजनीतिक रुख पर विचार करना चाहिए। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि उच्च स्तर की बहस केवल परिपक्व और समझदार लोगों के बीच ही संभव है। इस विवाद की शुरुआत प्रधानमंत्री मोदी के 31 अक्टूबर 2026 को गुजरात में राष्ट्रीय एकता दिवस के अवसर पर दिए गए भाषण से हुई थी।
राहुल गांधी के आरोपों पर किरेन रिजिजू का तीखा हमला
केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के उस बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है, जिसमें उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर विदेशी मदद से प्रधानमंत्री बनने और सत्ता में बने रहने का आरोप लगाया था।
रिजिजू ने सोशल मीडिया के माध्यम से राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि भारत के विरोधियों के एजेंडे को आगे बढ़ाने वाले लोग जब दूसरों पर विदेशी सहायता लेने का आरोप लगाते हैं, तो यह विरोधाभासी स्थिति पैदा करता है।
केंद्रीय मंत्री ने राहुल गांधी की राजनीतिक टिप्पणियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि गंभीर और उच्च स्तर की राजनीतिक बहस के लिए परिपक्वता और समझदारी आवश्यक है। रिजिजू की इस प्रतिक्रिया के बाद भाजपा और कांग्रेस के बीच राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का नया दौर शुरू हो गया है।
‘इस्लामी कट्टरपंथी धर्मनिरपेक्षता की बात करें तो…’ रिजिजू का तंज
राहुल गांधी के आरोपों का जवाब देते हुए केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने तीखी राजनीतिक तुलना का इस्तेमाल किया। उन्होंने कहा कि यह स्थिति वैसी ही है, जैसे इस्लामी कट्टरपंथी धर्मनिरपेक्षता की बात करें, अलगाववादी भारतीय राष्ट्रीय ध्वज लेकर चलें और अराजकतावादी संविधान की पुस्तक दिखाएं। रिजिजू ने आरोप लगाया कि भारत के दुश्मनों के एजेंडे को आगे बढ़ाने के बाद दूसरों पर विदेशी मदद लेने का आरोप लगाना स्वयं का उपहास करने जैसा है। उन्होंने आगे कहा कि उच्च स्तर की बहस केवल परिपक्व लोगों के बीच होती है।
It's same as islamic fundamentalists talking about secularism, separatists holding Indian flags & anarchists showing Constitution book. Pushing agendas of India's enemies yet accusing others of foreign support is self-ridiculing
Top level debates are done between matured people https://t.co/2drBkRlego
— Kiren Rijiju (@KirenRijiju) November 3, 2026
राहुल गांधी ने पीएम मोदी पर लगाया विदेशी मदद से सत्ता में आने का आरोप
इस राजनीतिक विवाद की शुरुआत कांग्रेस सांसद राहुल गांधी की सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर की गई टिप्पणी से हुई। राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के राष्ट्रीय एकता दिवस पर दिए गए भाषण पर प्रतिक्रिया देते हुए आरोप लगाया कि मोदी विदेशी मदद के कारण प्रधानमंत्री बने और विदेशी समर्थन के कारण ही सत्ता में बने हुए हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री पर देश से झूठ बोलने का भी आरोप लगाया।
राहुल गांधी के इन आरोपों के बाद भाजपा नेताओं की ओर से तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आईं। केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने राहुल गांधी के आरोपों को विरोधाभासी बताते हुए उन पर पलटवार किया।
सरदार पटेल की जयंती पर पीएम मोदी ने दी थी देश को चेतावनी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 31 अक्टूबर 2026 को गुजरात में सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती पर आयोजित राष्ट्रीय एकता दिवस कार्यक्रम को संबोधित किया था। इस दौरान उन्होंने देश की एकता, अखंडता और आंतरिक सुरक्षा से जुड़ी चुनौतियों पर बात की थी।
प्रधानमंत्री ने कहा था कि कुछ ताकतें देश को बांटने के लिए लगातार साजिशें कर रही हैं। उन्होंने दावा किया कि एक दशक से अधिक समय तक निराशा का सामना करने के बाद ऐसी ताकतें अब खुलकर सामने आ रही हैं।
पीएम मोदी ने विदेशों में होने वाली कथित गुप्त मुलाकातों, भारत विरोधी ताकतों के समर्थन और देश के विरोधियों जैसी भाषा बोलने वाले लोगों को लेकर सवाल उठाए थे। उन्होंने देशवासियों से ऐसे रुझानों को पहचानने और राष्ट्रीय एकता के खिलाफ काम करने वाली ताकतों का मिलकर मुकाबला करने की अपील की थी।
सोशल मीडिया के दुरुपयोग पर भी पीएम मोदी ने जताई चिंता
राष्ट्रीय एकता दिवस के अपने संबोधन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया के कथित दुरुपयोग को लेकर भी चिंता व्यक्त की थी। उन्होंने कहा था कि सोशल मीडिया का इस्तेमाल अफवाहें फैलाने और भारत की छवि को नुकसान पहुंचाने के लिए किया जा रहा है।
प्रधानमंत्री ने लोगों से अपुष्ट सूचनाओं और भ्रामक प्रचार के प्रति सतर्क रहने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि देश की एकता और अखंडता को मजबूत बनाए रखने के लिए समाज के सभी वर्गों को मिलकर प्रयास करना चाहिए। प्रधानमंत्री के इसी भाषण पर राहुल गांधी ने प्रतिक्रिया दी थी, जिसके बाद किरेन रिजिजू और कांग्रेस नेतृत्व के बीच बयानबाजी तेज हो गई।
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर भी विपक्ष और सरकार आमने-सामने
राहुल गांधी और किरेन रिजिजू के बीच यह राजनीतिक विवाद ऐसे समय सामने आया है, जब कांग्रेस सहित कई विपक्षी दल मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ राजनीतिक मोर्चा खोले हुए हैं।
विपक्षी दलों ने चुनावी प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं और ‘वोट चोरी’ के आरोप लगाते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग की है। कांग्रेस और अन्य विपक्षी नेताओं का कहना है कि चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करना आवश्यक है। वहीं, सत्तारूढ़ भाजपा विपक्ष के आरोपों को लेकर सवाल उठाती रही है।
विपक्ष के प्रदर्शनों और बयानों पर भी राजनीतिक विवाद
मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ चल रहे विरोध प्रदर्शनों के बीच कुछ विपक्षी नेताओं के बयानों को लेकर भी राजनीतिक विवाद सामने आया है।
उपलब्ध रिपोर्ट में दावा किया गया है कि कुछ विरोध प्रदर्शनों के दौरान सरकार बदलने की मांग और कथित तौर पर उग्र बयानबाजी की घटनाएं सामने आईं। इसके अलावा, कुछ व्यक्तियों द्वारा बांग्लादेश जैसी राजनीतिक परिस्थितियां पैदा करने और जबरन सत्ता परिवर्तन की वकालत किए जाने के आरोप भी लगाए गए हैं।
हालांकि, इन कथित बयानों को पूरे विपक्ष की आधिकारिक नीति या सामूहिक रुख के रूप में प्रस्तुत करना उचित नहीं होगा। संसद और सुप्रीम कोर्ट को नुकसान पहुंचाने संबंधी कथित टिप्पणियों की भी स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है।
भाजपा और कांग्रेस के बीच तेज हुई राजनीतिक बयानबाजी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के राष्ट्रीय एकता दिवस के संबोधन के बाद राहुल गांधी की प्रतिक्रिया और किरेन रिजिजू के पलटवार ने राजनीतिक बहस को नया मोड़ दे दिया है। भाजपा की ओर से राष्ट्रीय सुरक्षा, देश की एकता और विदेशी प्रभाव जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाया जा रहा है। दूसरी ओर, कांग्रेस नेतृत्व सरकार और चुनावी संस्थाओं के कामकाज पर सवाल उठा रहा है। दोनों पक्षों के बीच जारी आरोप-प्रत्यारोप में विदेशी समर्थन, चुनावी पारदर्शिता, लोकतांत्रिक संस्थाओं और राष्ट्रीय एकता जैसे विषय चर्चा के केंद्र में हैं।
राहुल गांधी के आरोपों पर रिजिजू के जवाब से सियासी घमासान
केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू की टिप्पणी के बाद राहुल गांधी के विदेशी मदद संबंधी आरोप पर राजनीतिक विवाद और गहरा गया है। जहां राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री मोदी की राजनीतिक स्थिति को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं, वहीं रिजिजू ने कांग्रेस नेता के रुख को विरोधाभासी बताते हुए उन पर तीखा हमला बोला है।
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