दिल्ली में बांसुरी स्वराज से जुड़ा एक विवाद इन दिनों सुर्खियों में है। आम आदमी पार्टी (AAP) पर आरोप है कि उसने स्वराज का एक एडिटेड वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किया, जिससे उनकी छवि को नुकसान पहुंचा।
इस मामले में सुनवाई करते हुए साकेत कोर्ट के जज गुरविंदर पाल सिंह ने AAP और उसके नेताओं सौरभ भारद्वाज और अंकुश नारंग को विवादित कंटेंट आगे साझा करने से रोक दिया है।
कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि किसी भी व्यक्ति की प्रतिष्ठा बेहद महत्वपूर्ण होती है और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के नाम पर उसे नुकसान नहीं पहुंचाया जा सकता। अदालत ने प्रथम दृष्टया माना कि वीडियो से गलत संदेश गया और इससे बांसुरी स्वराज की छवि प्रभावित हो सकती है।
Delhi Court directs Aam Aadmi Party, Saurabh Bharadwaj and others to immediately remove and stop circulating allegedly defamatory videos targeting BJP MP Bansuri Swaraj, holding that her reputation would suffer irreparable harm if the content remained in the public domain.
— ANI (@ANI) April 23, 2026
अदालत ने यह भी निर्देश दिया कि 48 घंटे के भीतर सभी विवादित पोस्ट हटाए जाएं। यदि ऐसा नहीं किया जाता है, तो स्वराज स्वयं सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से इन्हें हटाने की कार्रवाई कर सकती हैं।
यह विवाद 19 अप्रैल 2026 को पोस्ट किए गए एक वीडियो से शुरू हुआ, जिसमें दावा किया गया था कि स्वराज ने अपनी गिरफ्तारी की योजना खुद बनाई थी। बांसुरी स्वराज ने इसे साजिश करार दिया है, जबकि AAP ने आरोपों को खारिज किया है।
मामले की अगली सुनवाई 13 मई 2026 को निर्धारित की गई है।
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