भारत और अमेरिका के बीच आर्थिक और रणनीतिक संबंध लगातार मजबूत होते जा रहे हैं। इसी बीच अमेरिका के डिप्टी सेक्रेटरी ऑफ स्टेट Christopher Landau ने भारत को दुनिया की सबसे बड़ी ताकतों में से एक बताते हुए कहा है कि भारत-अमेरिका ट्रेड डील अब अंतिम चरण में पहुंच चुकी है।
उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच कई महीनों से लगातार बातचीत चल रही है और अब केवल अंतिम बाधाओं को दूर किया जाना बाकी है। लैंडाउ के इस बयान को भारत-अमेरिका आर्थिक संबंधों के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
“भारत दुनिया की सबसे बड़ी शक्तियों में शामिल”
मैरीलैंड में आयोजित SelectUSA Investment Summit के दौरान मीडिया से बातचीत में क्रिस्टोफर लैंडाउ ने भारत की आर्थिक क्षमता और वैश्विक प्रभाव की खुलकर सराहना की।
BREAKING: "India is one of the great powers in the world. There is no question about that. India now has the greatest population in the world and probably will for the rest of our lives," says US Deputy Secretary of State Landau pic.twitter.com/8a7iqDFyhJ
— Shashank Mattoo (@MattooShashank) May 7, 2026
उन्होंने कहा:
“भारत अब दुनिया का सबसे अधिक आबादी वाला देश है। उसके पास जबरदस्त आर्थिक ताकत और आगे बढ़ने की असाधारण क्षमता है।”
लैंडाउ ने यह भी कहा कि अमेरिका भारत को केवल एक व्यापारिक साझेदार नहीं, बल्कि भविष्य की वैश्विक आर्थिक और रणनीतिक शक्ति के रूप में देखता है।
भारत-अमेरिका ट्रेड डील अंतिम चरण में
अमेरिकी अधिकारी के अनुसार भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित ट्रेड डील अब लगभग पूरी होने की स्थिति में है। उन्होंने कहा कि:
- दोनों देशों के बीच कई महीनों से बातचीत जारी है
- समझौते की अधिकांश शर्तों पर सहमति बन चुकी है
- अब केवल अंतिम तकनीकी और नीतिगत बाधाएं बची हैं
हालांकि उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि यह समझौता कब तक आधिकारिक रूप से घोषित किया जाएगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह ट्रेड डील टेक्नोलॉजी, मैन्युफैक्चरिंग, रक्षा, डिजिटल व्यापार और निवेश के क्षेत्र में दोनों देशों के रिश्तों को नई ऊंचाई दे सकती है।
भारत-अमेरिका संबंध क्यों हैं महत्वपूर्ण?
भारत और अमेरिका के बीच पिछले कुछ वर्षों में रणनीतिक साझेदारी तेजी से मजबूत हुई है। दोनों देश:
- इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में सहयोग बढ़ा रहे हैं
- रक्षा और तकनीकी समझौतों को मजबूत कर रहे हैं
- सेमीकंडक्टर, AI और ऊर्जा क्षेत्र में निवेश बढ़ा रहे हैं
- चीन के बढ़ते प्रभाव को संतुलित करने के लिए साथ काम कर रहे हैं
विशेषज्ञों का मानना है कि प्रस्तावित ट्रेड डील वैश्विक सप्लाई चेन में भारत की भूमिका को और मजबूत कर सकती है।
निवेश और व्यापार के नए अवसर
SelectUSA Investment Summit जैसे मंचों पर भारत को लेकर अमेरिकी कंपनियों की रुचि लगातार बढ़ रही है। भारत की बड़ी उपभोक्ता आबादी, तेजी से बढ़ती डिजिटल अर्थव्यवस्था और मैन्युफैक्चरिंग क्षमता विदेशी निवेशकों को आकर्षित कर रही है।
भारत सरकार की “मेक इन इंडिया” और “डिजिटल इंडिया” जैसी नीतियों ने भी अंतरराष्ट्रीय निवेशकों का भरोसा बढ़ाया है।
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