झारखंड के कोडरमा जिले से एक बेहद चिंताजनक तस्वीर सामने आई है, जिसने विकास और बुनियादी सुविधाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मरकच्चो प्रखंड के डगरनवां पंचायत स्थित कारी पहाड़ी चटनिया दह गांव में रहने वाले जनजातीय समुदाय के लोग पिछले दो दशकों से साफ पेयजल के लिए संघर्ष कर रहे हैं।
दूषित पानी पीने को मजबूर ग्रामीण
ग्रामीणों के पास पीने के पानी का कोई स्थायी स्रोत नहीं है। मजबूरी में लोग:
- नदी किनारे गड्ढा खोदकर पानी निकालते हैं
- जोरिया और डोभा जैसे असुरक्षित स्रोतों का उपयोग करते हैं
चिंताजनक बात यह है कि यही पानी जंगली सूअर भी इस्तेमाल करते हैं—वे उसी में नहाते और पानी पीते हैं, जिससे संक्रमण और बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है।
.@dckoderma यह स्थिति स्वीकार्य नहीं है। मामले की जांच कर डगरगांव पंचायत के प्रभावित लोगों को शीघ्र मदद पहुंचाते हुए सूचित करें। https://t.co/Bfjw1PvQWz
— Hemant Soren (@HemantSorenJMM) May 11, 2026
स्वास्थ्य सुविधाओं का भी अभाव
गांव में:
- कोई अस्पताल या स्वास्थ्य केंद्र नहीं है
- बीमार पड़ने पर कई किलोमीटर दूर जाना पड़ता है
दूषित पानी के कारण ग्रामीणों में बीमारियां फैलने की शिकायतें भी सामने आ रही हैं।
वायरल वीडियो ने खोली हकीकत
पत्रकार सुतिब्रो गोस्वामी ने इस गांव की स्थिति को उजागर करते हुए सोशल मीडिया पर वीडियो साझा किया, जो तेजी से वायरल हो गया। वीडियो में ग्रामीणों की बदहाल स्थिति साफ नजर आ रही है।
सरकार ने लिया संज्ञान
वायरल वीडियो के बाद झारखंड के मुख्यमंत्री Hemant Soren ने मामले का संज्ञान लिया है। उन्होंने कोडरमा के जिलाधिकारी को तत्काल राहत और आवश्यक सुविधाएं पहुंचाने के निर्देश दिए हैं।
हालांकि, अब तक जमीनी स्तर पर प्रशासन की कार्रवाई को लेकर कोई ठोस अपडेट सामने नहीं आया है।
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