उत्तराखंड में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया शुरू होने से पहले ही राज्य के कई इलाकों में गतिविधियां तेज हो गई हैं। देहरादून समेत विभिन्न क्षेत्रों की मस्जिदों और मदरसों में पोस्टर लगाकर लोगों से पुराने दस्तावेज तैयार रखने की अपील की जा रही है।
क्या है पूरा मामला?
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, देहरादून की आजाद कॉलोनी स्थित जमात-ए-उल-इस्लाम-अल-इस्लामिया मदरसा मस्जिद सहित कई स्थानों पर ऐसे पोस्टर लगाए गए हैं। इन पोस्टरों में लोगों को 40 साल पुराने दस्तावेज निकालकर तैयार रखने को कहा गया है।
बताया जा रहा है कि ये पोस्टर Jamiat Ulema-e-Hind द्वारा लगाए गए हैं, जो लोगों को SIR प्रक्रिया के लिए जरूरी दस्तावेज जुटाने में मदद कर रहा है।

पोस्टर में क्या लिखा है?
पोस्टर में मतदाताओं को जानकारी दी गई है कि:
- अगर नाम पहले से मतदाता सूची में है, तो दस्तावेज देने की जरूरत नहीं
- अगर नाम सूची में नहीं है, तो जन्मतिथि के अनुसार दस्तावेज तैयार रखें
- चुनाव आयोग की वेबसाइट पर भी जानकारी उपलब्ध है
SIR प्रक्रिया क्या है?
विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) चुनाव आयोग द्वारा की जाने वाली प्रक्रिया है, जिसमें:
- मतदाता सूची की सत्यता की जांच की जाती है
- नए मतदाताओं को जोड़ा जाता है
- फर्जी या डुप्लीकेट नाम हटाए जाते हैं
तैयारियों की स्थिति
सूत्रों के मुताबिक:
- SIR प्रक्रिया जल्द शुरू होने वाली है
- करीब 88% तैयारी पूरी हो चुकी है
- बाकी 12% मतदाताओं की जांच जारी है
डेमोग्राफी पर भी चर्चा
राज्य में लंबे समय से जनसंख्या संरचना (डेमोग्राफी) को लेकर बहस जारी है। रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि मतदाता सूची में कुछ ऐसे नाम भी शामिल हैं, जो मौके पर मौजूद नहीं हैं। हालांकि, इस पर आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है।
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