हैदराबाद की एक विशेष अदालत ने नाबालिग के साथ यौन उत्पीड़न के मामले में कड़ा फैसला सुनाते हुए एक 23 वर्षीय ऑटो चालक को 20 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने दोषी पर 6,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया है और पीड़ित को 75,000 रुपये मुआवजा देने का निर्देश दिया है।
अदालत का सख्त रुख
अदालत ने इस गंभीर अपराध पर कड़ी नाराजगी जताते हुए कहा कि ऐसे मामलों में सख्त सजा जरूरी है, ताकि समाज में गलत संदेश न जाए और पीड़ितों को न्याय मिल सके।
2019 की घटना
यह मामला 29 अक्टूबर 2019 का है, जब पीड़ित बच्चा रानीगंज जाने के लिए आरोपी के ऑटो में सवार हुआ था। आरोप है कि चालक उसे रास्ते से भटकाकर एक सुनसान स्थान पर ले गया, जहां उसने अपराध को अंजाम दिया।
राहगीरों ने बचाई जान
घटना के दौरान बच्चे की आवाज सुनकर राहगीरों ने हस्तक्षेप किया और आरोपी को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। बाद में पुलिस ने POCSO (Protection of Children from Sexual Offences) एक्ट के तहत मामला दर्ज किया।
बच्चों की सुरक्षा पर जोर
इस फैसले को बच्चों की सुरक्षा और कानून के सख्त अनुपालन के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे मामलों में त्वरित न्याय और सख्त सजा से अपराध पर अंकुश लगाने में मदद मिलती है।
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