पश्चिम बंगाल की राजधानी Kolkata की रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण Red Road Kolkata को लेकर इस साल एक बड़ा प्रशासनिक बदलाव देखने को मिला है। साल 2026 में ईद की मुख्य नमाज को रेड रोड से हटाकर पास के Brigade Parade Ground में आयोजित किया गया, जिससे यह VIP कॉरिडोर वर्षों बाद पूरी तरह चालू रहा।
क्या बदला 2026 में?
राज्य में सत्ता परिवर्तन के बाद प्रशासन ने ट्रैफिक और आपात सेवाओं को प्राथमिकता देते हुए यह फैसला लिया। इससे:
- रेड रोड पर ट्रैफिक सामान्य रहा
- एंबुलेंस और दमकल सेवाओं को सुगमता मिली
- नमाजियों को अधिक खुला स्थान उपलब्ध हुआ
WHEN RELIGION ISN'T PUT ON A PEDESTAL ABOVE THE LAW.
Eid prayers offered in government mandated Kolkata Bridage Parade Ground and NOT on the RED ROAD for the first time in a very long time. pic.twitter.com/Bvvot33MWw
— Rahul Shivshankar (@RShivshankar) May 28, 2026
पहले क्या होती थी व्यवस्था?
साल 2011 के बाद, जब Mamata Banerjee के नेतृत्व में सरकार बनी, तब रेड रोड पर ईद की नमाज का आयोजन नियमित रूप से होने लगा।
- इस दौरान सड़क को कई घंटों तक बंद रखा जाता था
- मुख्यमंत्री स्वयं कार्यक्रम में शामिल होती थीं
- ट्रैफिक और आम नागरिकों को परेशानी का सामना करना पड़ता था
कोविड काल में लगी थी रोक
साल 2020 और 2021 में कोविड-19 महामारी के कारण सार्वजनिक आयोजन पर प्रतिबंध था, जिससे रेड रोड पर नमाज की अनुमति नहीं दी गई। हालांकि 2022 में फिर से यहां आयोजन शुरू हुआ।
2026 का प्रशासनिक फैसला
नए प्रशासन के नेतृत्व में, जिसमें Suvendu Adhikari प्रमुख भूमिका में बताए जा रहे हैं, ईद की नमाज को रेड रोड से हटाकर ब्रिगेड परेड ग्राउंड में शिफ्ट किया गया।
यह कदम:
- शहर के ट्रैफिक प्रबंधन के लिहाज से अहम माना जा रहा है
- धार्मिक आयोजन और नागरिक सुविधाओं के बीच संतुलन बनाने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है
Today I attended Eid prayer at Red Road in the morning pic.twitter.com/jTHo9V81pm
— Mamata Banerjee (@MamataOfficial) July 18, 2015
सभी पक्षों की प्रतिक्रिया
कुछ धार्मिक संगठनों ने इस बदलाव का स्वागत किया, क्योंकि:
- नमाज के लिए ज्यादा बड़ा और खुला स्थान मिला
- भीड़ प्रबंधन बेहतर हुआ
वहीं प्रशासन का कहना है कि यह फैसला नागरिक सुविधाओं को ध्यान में रखकर लिया गया है।
ऐतिहासिक महत्व भी है खास
रेड रोड का ऐतिहासिक महत्व भी काफी बड़ा है:
- ब्रिटिश काल में निर्मित
- द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान विमान लैंडिंग के लिए इस्तेमाल
- कोलकाता की प्रमुख यातायात धमनियों में से एक
निष्कर्ष
कोलकाता की रेड रोड पर ईद नमाज को लेकर 2026 में हुआ बदलाव प्रशासनिक दृष्टिकोण में बदलाव को दर्शाता है। यह कदम दर्शाता है कि किस तरह शहरी प्रबंधन और धार्मिक आयोजनों के बीच संतुलन बनाकर दोनों पक्षों की जरूरतों को पूरा किया जा सकता है।
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