पश्चिम बंगाल के Cooch Behar जिले में भारत-बांग्लादेश सीमा की सुरक्षा को मजबूत करने के लिए ग्रामीणों ने सराहनीय पहल की है। माथाभांगा-1 ब्लॉक के सतग्राम मानाबाड़ी इलाके में तीन स्थानीय लोगों ने सीमा पर बाड़बंदी के लिए अपनी जमीन Border Security Force (BSF) को दान कर दी है।
33 डिसमिल जमीन दान, सुरक्षा को मिलेगा बल
ग्रामीणों ने कुल 33 डिसमिल (करीब 14,375 वर्ग फुट) जमीन स्वेच्छा से BSF को सौंपी है, ताकि सीमा पर कंटीले तार (फेंसिंग) का काम तेजी से पूरा किया जा सके।
इस कदम को सीमा सुरक्षा और देशहित में एक बड़ा योगदान माना जा रहा है।
घुसपैठ और चोरी से परेशान थे ग्रामीण
स्थानीय निवासी बिकाश राय ने बताया:
- लंबे समय से सीमा पर बाड़बंदी नहीं होने के कारण समस्या थी
- रात के समय बांग्लादेशी घुसपैठिए गाँव में प्रवेश कर जाते थे
- मवेशी चोरी और तस्करी की घटनाएँ आम थीं
उन्होंने कहा कि बाड़बंदी पूरी होने के बाद न सिर्फ गाँव बल्कि पूरे देश की सुरक्षा मजबूत होगी।
सरकार ने भी तेज किया अभियान
राज्य सरकार ने हाल ही में सीमा सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए:
- BSF को 142.79 एकड़ जमीन सौंपी है
- 45 दिनों के भीतर 600 एकड़ जमीन हस्तांतरित करने का लक्ष्य रखा है
इससे सीमा पर तेजी से फेंसिंग और चौकियों का निर्माण किया जाएगा।
ग्रामीणों की मांग: जल्द पूरा हो काम
स्थानीय लोगों का कहना है कि:
- बाड़बंदी का काम जल्द पूरा होना चाहिए
- इससे सीमा से सटे गाँवों को राहत मिलेगी
- अवैध गतिविधियों जैसे घुसपैठ और तस्करी पर रोक लगेगी
सीमा सुरक्षा में जनता की भागीदारी
यह घटना दिखाती है कि सीमा क्षेत्रों में रहने वाले लोग देश की सुरक्षा के लिए कितने जागरूक हैं। ग्रामीणों द्वारा जमीन दान करना एक बड़ी मिसाल के रूप में देखा जा रहा है।
निष्कर्ष
कूचबिहार के ग्रामीणों की यह पहल भारत-बांग्लादेश सीमा सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यदि इसी तरह सरकार और जनता मिलकर काम करें, तो सीमावर्ती इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत हो सकती है।
हमारी यूट्यूब चैनल को लाइक, शेयर और सब्सक्राइब करे
Like, Share and Subscribe our YouTube channel