Hubli के श्री सिद्धरूढ़ रेलवे स्टेशन के बाहर हाल ही में हुए विरोध प्रदर्शन के बाद कर्नाटक में अवैध घुसपैठ का मुद्दा फिर से चर्चा में आ गया है। प्रदर्शन में हिंदू संगठनों ने पश्चिम बंगाल और पूर्वी राज्यों से आने वाले यात्रियों की सख्त जांच की मांग की।
Sri Ram Sena के प्रमुख Pramod Muthalik और उनके कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि कथित अवैध घुसपैठिए पहचान छिपाकर दक्षिण भारत के राज्यों में बस रहे हैं। प्रदर्शनकारियों का दावा है कि हाल के समय में कुछ संदिग्ध लोग पश्चिम बंगाल से कर्नाटक, केरल और तमिलनाडु की ओर जा रहे हैं।
प्रदर्शनकारियों ने यह भी आरोप लगाया कि फर्जी आधार कार्ड के आधार पर यात्रियों को बिना पर्याप्त जांच के यात्रा की अनुमति दी जा रही है। उनका कहना है कि केवल आधार कार्ड नागरिकता का प्रमाण नहीं हो सकता और गहन जांच आवश्यक है।
रिपोर्ट के अनुसार, हाल ही में हुबली रेलवे स्टेशन पर पश्चिम बंगाल से आए कुछ यात्रियों से पूछताछ की गई थी, जिन्हें मजदूरी के लिए बागलकोट जा रहा बताया गया। दस्तावेज जांच के बाद उन्हें आगे जाने दिया गया।
प्रमोद मुथालिक ने पुलिस और रेलवे प्रशासन से मांग की कि संदिग्ध यात्रियों की सख्त जांच की जाए और सुरक्षा एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल स्थापित किया जाए।
इसी बीच, कथित खुफिया रिपोर्टों के हवाले से दावा किया गया है कि कर्नाटक में बड़ी संख्या में अवैध बांग्लादेशी प्रवासी रह सकते हैं, जिनमें से कई के पास भारतीय पहचान पत्र भी मौजूद हैं। हालांकि इन दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि ये लोग बेंगलुरु, मालनाड और तटीय क्षेत्रों में निर्माण स्थलों, कॉफी बागानों, होटल, सफाई और अन्य श्रमिक कार्यों में कम मजदूरी पर काम कर रहे हैं।
कुछ क्षेत्रों में इनके लंबे समय से रहने और पहचान पत्र प्राप्त करने के दावों ने प्रशासनिक और सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है। हालांकि, सरकार या आधिकारिक एजेंसियों की ओर से इस पर कोई ठोस सार्वजनिक पुष्टि सामने नहीं आई है।
फिलहाल, यह मामला राजनीतिक और सामाजिक बहस का विषय बना हुआ है और राज्य में पहचान सत्यापन और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चर्चाएं तेज हैं।
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