उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में आयोजित मेधावी विद्यार्थी सम्मान समारोह के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बच्चों के सर्वांगीण और रचनात्मक विकास पर जोर दिया। उन्होंने अभिभावकों को महत्वपूर्ण संदेश देते हुए कहा कि बच्चों को मोबाइल और वीडियो गेम से दूर रखकर उन्हें रचनात्मक गतिविधियों की ओर प्रेरित करना चाहिए।
‘बच्चे को रोने दीजिए, मोबाइल मत दीजिए’
सीएम योगी ने कहा कि आजकल माता-पिता बच्चों को चुप कराने के लिए मोबाइल थमा देते हैं, जो एक गलत प्रवृत्ति है। उन्होंने कहा,
“अगर बच्चा जिद में रो रहा है, तो उसे रोने दीजिए, लेकिन उसे किसी दूसरे काम में व्यस्त करने के लिए प्रेरित करिए।”
उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि बच्चों को छोटी उम्र से ही सकारात्मक और रचनात्मक दिशा देना बेहद जरूरी है।
लखनऊ में आयोजित मेधावी विद्यार्थी सम्मान समारोह में… https://t.co/0TYX723wR8
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) June 1, 2026
मोबाइल और वीडियो गेम की लत पर चिंता
मुख्यमंत्री ने कहा कि वीडियो गेम और मोबाइल की लत बच्चों के भविष्य के लिए नुकसानदायक साबित हो सकती है। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे बच्चों को खेल, पढ़ाई और अन्य रचनात्मक कार्यों में लगाएं, ताकि उनका समग्र विकास हो सके।
मेधावी छात्रों का हुआ सम्मान
इस कार्यक्रम का आयोजन माध्यमिक शिक्षा विभाग द्वारा किया गया था, जिसमें केंद्र और राज्य स्तरीय बोर्ड परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं, उनके अभिभावकों और प्रधानाचार्यों को सम्मानित किया गया।
गुरु की महिमा पर भी दिया संदेश
अपने संबोधन में सीएम योगी ने भारतीय संस्कृति में गुरु की महत्ता को भी रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि भगवान राम को दिव्य अस्त्र गुरु विश्वामित्र से प्राप्त हुए और भगवान कृष्ण को गुरु संदीपन से मार्गदर्शन मिला।
उन्होंने कहा कि गुरु का मार्गदर्शन व्यक्ति के जीवन को दिशा देता है और उसे महान बनाता है।
जनता से मिले, समस्याएं सुनीं
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने राज्यभर से आए विद्यार्थियों और आम लोगों से मुलाकात की। कई लोगों ने अपनी समस्याओं से जुड़े पत्र उन्हें सौंपे, जिन पर उन्होंने उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया।
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