गुजरात में साइबर अपराध के खिलाफ चलाए गए विशेष अभियान ‘ऑपरेशन म्यूल हंट 1.0’ के तहत पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है। इस अभियान में हजारों करोड़ रुपये की ऑनलाइन धोखाधड़ी से जुड़े नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए सैकड़ों आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
2289 करोड़ की साइबर ठगी का खुलासा
जांच के दौरान करीब 2289 करोड़ रुपये की आर्थिक धोखाधड़ी का खुलासा हुआ है। यह रकम विभिन्न ऑनलाइन फ्रॉड के जरिए म्यूल अकाउंट्स के माध्यम से इधर-उधर ट्रांसफर की गई थी, ताकि असली स्रोत को छिपाया जा सके।
म्यूल अकाउंट नेटवर्क पर बड़ा प्रहार
साइबर अपराधी ठगी की रकम को छिपाने के लिए ‘म्यूल अकाउंट्स’ का इस्तेमाल करते हैं। इन खातों के जरिए पैसे को कई खातों में घुमाकर जांच एजेंसियों से बचने की कोशिश की जाती है।
गुजरात पुलिस ने बैंकिंग संस्थानों और अन्य एजेंसियों के साथ मिलकर ऐसे संदिग्ध खातों की पहचान की और उनके खिलाफ कार्रवाई की।
638 आरोपी गिरफ्तार, 565 FIR दर्ज
इस अभियान के तहत:
- 638 साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया गया
- 565 FIR दर्ज की गईं
- 193 म्यूल अकाउंट्स पर कार्रवाई की गई
- 4052 साइबर अपराध मामलों की पहचान हुई
इनमें से कई मामले गुजरात से जुड़े पाए गए हैं।
तकनीक और समन्वय से मिली सफलता
अभियान के दौरान पुलिस ने विशेष टीमों का गठन किया और बैंकिंग संस्थानों के साथ रियल-टाइम डेटा शेयरिंग की व्यवस्था विकसित की।
इस समन्वित प्रयास के कारण संदिग्ध लेनदेन, ATM से नकद निकासी और चेक के जरिए पैसे निकालने जैसे मामलों में कमी दर्ज की गई है।
भविष्य में AI आधारित सिस्टम लागू होगा
साइबर अपराध पर और प्रभावी नियंत्रण के लिए गुजरात पुलिस कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) आधारित जोखिम मूल्यांकन प्रणाली लागू करने की तैयारी कर रही है। इसके साथ ही म्यूल अकाउंट्स की पहचान के लिए आधुनिक डिजिटल प्लेटफॉर्म भी विकसित किए जाएंगे।
लोगों की जमा पूंजी सुरक्षित करने पर फोकस
अधिकारियों के अनुसार, इस अभियान का मुख्य उद्देश्य आम लोगों की मेहनत की कमाई को साइबर ठगों से बचाना और वित्तीय नेटवर्क को मजबूत करना है।
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