वर्ष 2020 में उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हुए दंगों के दौरान मारे गए इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) अधिकारी अंकित शर्मा की हत्या मामले में आज एक महत्वपूर्ण मोड़ आने जा रहा है। दिल्ली की कड़कड़डूमा कोर्ट इस बहुचर्चित मामले में अपना फैसला सुनाएगी। इस मामले में पूर्व आम आदमी पार्टी (AAP) पार्षद और वर्तमान में AIMIM से जुड़े ताहिर हुसैन सहित कुल 11 लोगों को आरोपित बनाया गया है।
यह मामला दिल्ली दंगों के सबसे चर्चित और संवेदनशील मामलों में से एक रहा है, जिसमें अंकित शर्मा का शव चांद बाग इलाके के एक नाले से बरामद हुआ था।
क्या है अंकित शर्मा हत्याकांड?
फरवरी 2020 में नागरिकता संशोधन कानून (CAA) को लेकर उत्तर-पूर्वी दिल्ली में व्यापक हिंसा हुई थी। इसी दौरान 26 वर्षीय IB अधिकारी अंकित शर्मा की मौत हुई थी।
अंकित शर्मा के पिता रविंदर कुमार की शिकायत के अनुसार, 25 फरवरी 2020 को अंकित कार्यालय से घर लौटने के बाद शाम को बाहर निकले थे, लेकिन वापस नहीं लौटे। परिवार द्वारा खोजबीन के बाद स्थानीय लोगों ने जानकारी दी कि उनकी हत्या कर दी गई है और शव खजूरी खास नाले में फेंक दिया गया है।
बाद में पुलिस ने चांद बाग क्षेत्र स्थित नाले से उनका शव बरामद किया।
2020 IB official Ankit Sharma murder case | Delhi's Karkardooma Court is scheduled to deliver a verdict in IB official Ankit Sharma's murder case tomorrow, 4th June 2026. He was murdered during North East Delhi riots in February 2020. His body was recovered from a drain. Former…
— ANI (@ANI) June 3, 2026
परिवार ने ताहिर हुसैन पर लगाए थे आरोप
अंकित शर्मा के पिता ने अपनी शिकायत में तत्कालीन AAP पार्षद ताहिर हुसैन और उसके सहयोगियों पर हत्या का आरोप लगाया था। आरोपों के बाद आम आदमी पार्टी ने ताहिर हुसैन को पार्टी से निष्कासित कर दिया था, जबकि दिल्ली पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया था।
जांच एजेंसियों ने दावा किया था कि अंकित शर्मा को भीड़ ने पकड़कर ताहिर हुसैन के घर के आसपास ले जाया गया, जहां उनके साथ बर्बर हिंसा की गई।
चार्जशीट में क्या-क्या खुलासे हुए?
दिल्ली पुलिस द्वारा दाखिल लगभग 650 पृष्ठों की चार्जशीट में कई गंभीर दावे किए गए थे। चार्जशीट के अनुसार:
- अंकित शर्मा के शरीर पर 51 चोटों के निशान पाए गए थे।
- आरोप था कि पहचान छिपाने के लिए उनके चेहरे को तेजाब से जलाने की कोशिश की गई।
- हत्या के बाद शव को नाले में फेंक दिया गया।
- पुलिस ने दावा किया कि घटना एक सुनियोजित साजिश का हिस्सा थी।
- चार्जशीट में 96 गवाहों के बयान शामिल किए गए।
जांच एजेंसी ने ताहिर हुसैन को कथित साजिशकर्ताओं में प्रमुख भूमिका निभाने वाला बताया था।
किन-किन लोगों पर लगे आरोप?
मामले में ताहिर हुसैन के अलावा हसीन उर्फ मुल्लाजी उर्फ सलमान, नाजिम, कासिम, समीर खान, अनस, फिरोज, जावेद, गुलफाम, शोएब आलम उर्फ बॉबी और मुंतजिम उर्फ मूसा सहित कुल 11 लोगों को आरोपित बनाया गया।
इन सभी के खिलाफ दंगा, हत्या, आपराधिक साजिश, घातक हथियारों से लैस होकर दंगा करने और समुदायों के बीच वैमनस्य फैलाने जैसी धाराओं में आरोप तय किए गए थे।
कोर्ट में अब तक क्या हुआ?
मार्च 2023 में कड़कड़डूमा कोर्ट ने ताहिर हुसैन समेत सभी 11 आरोपितों के खिलाफ आरोप तय किए थे। इसके बाद अभियोजन और बचाव पक्ष की दलीलों पर विस्तृत सुनवाई चली।
सभी पक्षों की बहस पूरी होने के बाद अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश परवीन सिंह ने फैसला सुरक्षित रख लिया था और निर्णय सुनाने के लिए 4 जून 2026 की तारीख निर्धारित की थी।
फैसले पर टिकी देशभर की नजरें
अंकित शर्मा हत्याकांड को 2020 दिल्ली दंगों के सबसे महत्वपूर्ण मामलों में गिना जाता है। ऐसे में आज आने वाले फैसले पर पीड़ित परिवार, आरोपित पक्ष, राजनीतिक दलों और आम जनता की नजरें टिकी हुई हैं।
कड़कड़डूमा कोर्ट का यह फैसला न केवल इस मामले की कानूनी दिशा तय करेगा, बल्कि दिल्ली दंगों से जुड़े अन्य मामलों के संदर्भ में भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
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