6 जून को दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रस्तावित प्रदर्शन से पहले कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) से जुड़ा एक कथित वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो को लेकर विभिन्न पक्षों की ओर से अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कुछ सोशल मीडिया यूजर्स का दावा है कि वीडियो में एक व्यक्ति प्रदर्शन के दौरान आक्रामक रुख अपनाने की बात करता सुनाई दे रहा है।
हालांकि, वायरल वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और न ही संबंधित एजेंसियों की ओर से अभी तक इसकी प्रामाणिकता पर कोई आधिकारिक बयान जारी किया गया है।
वायरल वीडियो में क्या दावा किया जा रहा है?
सोशल मीडिया पर साझा किए जा रहे वीडियो में कथित तौर पर एक व्यक्ति प्रदर्शन और पार्टी संस्थापक अभिजीत दिपके के भारत आगमन को लेकर बयान देता दिखाई दे रहा है। वीडियो शेयर करने वाले कुछ लोगों का दावा है कि इसमें प्रदर्शन को लेकर उग्र भाषा का इस्तेमाल किया गया है।
हालांकि, वीडियो की तारीख, स्थान और वक्ता की आधिकारिक पहचान की पुष्टि अभी सार्वजनिक रूप से उपलब्ध नहीं है।
Cockroaches are openly inciting public for Riots in Delhi
"Bring Sticks and Pepper Spray at protest"
"We have to do it like Nepal"
"If immigration takes time, we will have to create chaos at Airport"
CJP says they only want to do peaceful protest but telling everyone to come… pic.twitter.com/jW9uoiOhCW
— Ankur Singh (@AnkurSingh) June 4, 2026
6 जून को प्रस्तावित है प्रदर्शन
CJP पहले ही केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर 6 जून को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने की घोषणा कर चुकी है। पार्टी के प्रवक्ताओं ने हालिया प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा था कि प्रदर्शन लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने के उद्देश्य से आयोजित किया जा रहा है।
इसी बीच वायरल वीडियो सामने आने के बाद प्रदर्शन की प्रकृति और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सोशल मीडिया पर बहस तेज हो गई है।
अनुमति को लेकर भी उठ रहे हैं सवाल
प्रदर्शन को लेकर पहले से ही अनुमति संबंधी मुद्दे चर्चा में हैं। पार्टी नेताओं ने कहा था कि वे प्रदर्शन के दिन ही आवश्यक अनुमति के लिए संपर्क करेंगे। इस मुद्दे पर राजनीतिक और सामाजिक हलकों में अलग-अलग राय सामने आ रही है।
प्रशासन की प्रतिक्रिया का इंतजार
फिलहाल दिल्ली पुलिस या अन्य सुरक्षा एजेंसियों की ओर से वायरल वीडियो पर कोई आधिकारिक टिप्पणी सामने नहीं आई है। यदि वीडियो की जांच की जाती है, तो उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जा सकती है।
विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी वायरल वीडियो के आधार पर निष्कर्ष निकालने से पहले उसकी सत्यता की जांच आवश्यक है। साथ ही सार्वजनिक आयोजनों के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखना सभी पक्षों की जिम्मेदारी होती है।
सोशल मीडिया पर बढ़ी चर्चा
वीडियो के वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर प्रदर्शन, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और सार्वजनिक सुरक्षा जैसे मुद्दों पर चर्चा तेज हो गई है। कई यूजर्स प्रशासन से मामले की जांच की मांग कर रहे हैं, जबकि कुछ लोग वीडियो की प्रामाणिकता की पुष्टि होने तक किसी निष्कर्ष पर न पहुंचने की बात कह रहे हैं।
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