पश्चिम बंगाल के कूचबिहार जिले के माथाभंगा क्षेत्र में एक स्थानीय TMC नेता के खिलाफ लोगों का आक्रोश उस समय सामने आया जब बड़ी संख्या में ग्रामीण उनके घर के बाहर इकट्ठा हो गए। प्रदर्शन कर रहे लोगों ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) के तहत लाभ दिलाने के नाम पर उनसे पैसे लिए गए थे।
स्थिति तनावपूर्ण होने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और संबंधित नेता को हिरासत में लेकर पूछताछ के लिए अपने साथ ले गई। फिलहाल मामले की जांच की जा रही है।
क्या हैं आरोप?
स्थानीय लोगों का आरोप है कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मकान स्वीकृत कराने या लाभ दिलाने के नाम पर विभिन्न लोगों से धनराशि ली गई थी। प्रदर्शनकारियों का दावा है कि कुछ लोगों से 5 हजार रुपये तो कुछ से 20 हजार रुपये तक लिए गए।
हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और मामले में आधिकारिक जांच जारी है।
The cut-money scam in West Bengal is now producing scenes straight out of a political farce.
In Mathabhanga, Cooch Behar, local residents surrounded the residence of TMC leader Shahidul Miya, accusing him of extorting between ₹5,000 and ₹20,000 from beneficiaries of government… pic.twitter.com/NtfwX94vIQ
— Amit Malviya (@amitmalviya) June 4, 2026
घर के बाहर जुटी भीड़
गुरुवार को बड़ी संख्या में लोग संबंधित नेता के आवास के बाहर पहुंचे और कथित धन वसूली को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, प्रदर्शन के दौरान माहौल तनावपूर्ण हो गया था और लोगों ने मामले में कार्रवाई की मांग की।
पुलिस ने संभाला मोर्चा
हंगामे की सूचना मिलने के बाद स्थानीय पुलिस टीम मौके पर पहुंची। पुलिस अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को शांत करने का प्रयास किया और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए।
पुलिस ने संबंधित नेता को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि सभी शिकायतों और आरोपों की जांच की जाएगी तथा उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
जांच के बाद होगी आगे की कार्रवाई
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, यदि जांच में आरोपों की पुष्टि होती है तो संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जा सकती है। फिलहाल पुलिस शिकायतकर्ताओं के बयान और अन्य तथ्यों की जांच कर रही है।
राजनीतिक माहौल में बढ़ी चर्चा
घटना के बाद क्षेत्र में राजनीतिक चर्चाएं भी तेज हो गई हैं। स्थानीय स्तर पर यह मामला प्रधानमंत्री आवास योजना के क्रियान्वयन और लाभार्थियों तक योजनाओं की पारदर्शिता से जुड़ा मुद्दा बन गया है।
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों से बचें और जांच पूरी होने तक आधिकारिक जानकारी पर ही भरोसा करें।
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