उत्तर प्रदेश के संभल जिले में वर्ष 1978 के दंगों से प्रभावित और विस्थापित हुए परिवारों के पुनर्वास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। दशकों से न्याय और पुनर्वास की प्रतीक्षा कर रहे परिवारों को अब सरकार की ओर से राहत मिलनी शुरू हो गई है। प्रशासन ने खाली कराई गई भूमि पर दंगा पीड़ित परिवारों को बसाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
गुरुवार को इस अभियान के तहत दंगा पीड़ित रामशरण रस्तोगी के परिवार को 100 वर्ग मीटर भूमि का आवासीय पट्टा प्रदान किया गया। इस अवसर पर भूमि पूजन भी संपन्न कराया गया।
दंगा पीड़ित परिवार को मिला पहला आवासीय पट्टा
पुनर्वास योजना के तहत पहला आवासीय पट्टा दंगा पीड़ित रामशरण रस्तोगी के परिवार को दिया गया। कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश सरकार के प्रभारी मंत्री JPS Rathore ने परिवार को भूमि संबंधी प्रमाण-पत्र सौंपा।
इसके साथ ही वैदिक मंत्रोच्चार के बीच भूमि पूजन कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिससे पुनर्वास प्रक्रिया का औपचारिक शुभारंभ हुआ।
मुख्यमंत्री के निर्देश पर शुरू हुई कार्रवाई
प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार यह पहल मुख्यमंत्री Yogi Adityanath के निर्देशों के बाद शुरू की गई है। सरकार का उद्देश्य उन परिवारों को पुनर्वास प्रदान करना है जो 1978 की हिंसा के बाद अपना घर-बार छोड़ने को मजबूर हुए थे।
अधिकारियों का कहना है कि यह अभियान चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया जाएगा ताकि पात्र परिवारों को उनका अधिकार मिल सके।
खाली कराई गई भूमि पर होगा पुनर्वास
संभल के शेर खाँ सराय क्षेत्र में लगभग 3 बीघा भूमि को खाली कराकर पुनर्वास योजना के लिए चिन्हित किया गया है। प्रशासन का कहना है कि इसी भूमि पर पात्र परिवारों को आवासीय भूखंड आवंटित किए जाएंगे।
स्थानीय प्रशासन के अनुसार पुनर्वास का उद्देश्य केवल भूमि आवंटन नहीं, बल्कि विस्थापित परिवारों को स्थायी सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा प्रदान करना भी है।
दस्तावेजों के साथ आगे आएं प्रभावित परिवार
मुरादाबाद मंडल के आयुक्त Anjaneya Kumar Singh ने कहा कि जो लोग दंगों के बाद पलायन कर गए थे या जिनके परिवार प्रभावित हुए थे, वे अपने उपलब्ध दस्तावेजों के साथ प्रशासन से संपर्क करें।
उन्होंने कहा कि पात्रता और दस्तावेजों के सत्यापन के बाद ऐसे परिवारों को भी पुनर्वास योजना का लाभ दिया जाएगा।
दशकों पुरानी पीड़ा को कम करने की कोशिश
1978 की घटनाओं के बाद अनेक परिवारों को अपना निवास स्थान छोड़ना पड़ा था। लंबे समय से पुनर्वास और अधिकारों की मांग कर रहे इन परिवारों के लिए यह कदम महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि वर्षों से लंबित इस मुद्दे पर प्रशासनिक पहल से प्रभावित परिवारों को राहत मिलने की उम्मीद जगी है।
पुनर्वास अभियान को मिलेगा विस्तार
अधिकारियों के अनुसार यह प्रक्रिया आगे भी जारी रहेगी और पात्र दंगा पीड़ित परिवारों की पहचान कर उन्हें पुनर्वास योजना में शामिल किया जाएगा। प्रशासन का दावा है कि सरकार प्रभावित परिवारों को न्याय दिलाने और उन्हें स्थायी आवास उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।
हमारी यूट्यूब चैनल को लाइक, शेयर और सब्सक्राइब करे
Like, Share and Subscribe our YouTube channel