पश्चिम बंगाल में समुद्री और तटीय बुनियादी ढांचे के विकास को लेकर कई बड़े प्रोजेक्ट्स पर काम शुरू करने की तैयारी की जा रही है। राज्य सरकार ने ताजपुर डीप-सी पोर्ट, कोलकाता वॉटर मेट्रो, नई जेट्टी निर्माण परियोजनाओं और सागरमाला-2 कार्यक्रम के तहत हजारों करोड़ रुपये की योजनाओं का खाका तैयार किया है।
सरकार का दावा है कि इन परियोजनाओं से राज्य की समुद्री अर्थव्यवस्था, पर्यटन, परिवहन और रोजगार के अवसरों को नई गति मिलेगी।
ताजपुर डीप-सी पोर्ट के लिए नए स्थान का प्रस्ताव
राज्य सरकार के अनुसार, ताजपुर में प्रस्तावित गहरे समुद्री बंदरगाह (Deep Sea Port) परियोजना को लेकर हाल ही में उद्योगपति Karan Adani के साथ बैठक हुई।
सरकारी पक्ष का कहना है कि मूल स्थान पर आवश्यक भूमि उपलब्ध नहीं होने के कारण अब एक वैकल्पिक स्थान पर विचार किया जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार, ताजपुर से लगभग 10 किलोमीटर दूर करीब 1,700 एकड़ भूमि उपलब्ध है, जहां बंदरगाह परियोजना विकसित किए जाने की संभावना पर चर्चा की जा रही है।
यदि यह परियोजना आगे बढ़ती है तो इसे राज्य के समुद्री व्यापार और लॉजिस्टिक्स क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
कोलकाता पोर्ट क्षेत्र में सुरक्षा और समन्वय पर जोर
सरकार ने कोलकाता पोर्ट क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए नियमित समन्वय बैठकों का फैसला किया है।
अधिकारियों के अनुसार:
- CISF और स्थानीय पुलिस के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया जाएगा।
- हर महीने संयुक्त समीक्षा बैठक होगी।
- बंदरगाह क्षेत्रों में गैरकानूनी गतिविधियों पर निगरानी बढ़ाई जाएगी।
इस कदम का उद्देश्य पोर्ट संचालन को अधिक सुरक्षित और प्रभावी बनाना बताया गया है।
Kolkata: West Bengal CM Suvendu Adhikari says, "Kolkata will be connected through a Water Metro system, making it the 18th city in India to adopt this mode of transport. The previous government did not actively participate in several key projects of the Central Government. As a… pic.twitter.com/48mZLVroOd
— ANI (@ANI) June 4, 2026
कोलकाता को मिलेगा वॉटर मेट्रो नेटवर्क
राज्य सरकार ने कोलकाता को वॉटर मेट्रो सिस्टम से जोड़ने की योजना का भी ऐलान किया है। इस परियोजना के लागू होने पर कोलकाता जल-आधारित सार्वजनिक परिवहन अपनाने वाले भारत के प्रमुख शहरों में शामिल हो जाएगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि वॉटर मेट्रो से:
- यातायात दबाव कम होगा
- नदी आधारित परिवहन को बढ़ावा मिलेगा
- पर्यटन और शहरी कनेक्टिविटी में सुधार होगा
- पर्यावरण-अनुकूल परिवहन विकल्प उपलब्ध होगा
सागरमाला-2 के तहत ₹22,700 करोड़ के प्रोजेक्ट्स
सरकार ने केंद्र सरकार द्वारा स्वीकृत सागरमाला-2 कार्यक्रम में भागीदारी का निर्णय लिया है। इसके तहत अगले पांच वर्षों के लिए लगभग ₹22,700 करोड़ की परियोजनाओं का प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है।
इन परियोजनाओं का फोकस निम्न क्षेत्रों पर होगा:
- तटीय मत्स्य अवसंरचना
- द्वीप विकास
- समुद्री परिवहन
- बंदरगाह आधारित आर्थिक गतिविधियां
- तटीय पर्यटन
44 नई जेट्टी निर्माण की योजना
राज्य सरकार ने विभिन्न नदी और समुद्री क्षेत्रों में 44 नई जेट्टी बनाने की योजना भी घोषित की है।
अधिकारियों के अनुसार:
- परियोजना के लिए आवश्यक अनुमतियों की प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ रही है।
- अधिकांश आवश्यक अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) प्राप्त किए जा चुके हैं।
- इससे नदी परिवहन और स्थानीय कनेक्टिविटी को बढ़ावा मिलेगा।
सागर द्वीप और गंगा घाटों के विकास पर भी फोकस
राज्य सरकार ने सागर द्वीप के समुद्र तट संरक्षण और तटीय पुनर्स्थापन (Beach Restoration) परियोजनाओं को भी प्राथमिकता दी है।
इसके अलावा:
- कोलकाता में छह गंगा घाट विकसित किए जा रहे हैं।
- इनमें से दो घाटों का सौंदर्यीकरण कार्य पूरा हो चुका है।
- अन्य घाटों के आधुनिकीकरण पर काम जारी है।
सागर मेले को वैश्विक पहचान दिलाने की तैयारी
सरकार ने प्रसिद्ध Gangasagar Mela को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रचारित करने की योजना भी शुरू कर दी है।
उद्देश्य है:
- धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देना
- विदेशी पर्यटकों को आकर्षित करना
- पश्चिम बंगाल की सांस्कृतिक पहचान को वैश्विक मंच पर स्थापित करना
समुद्री अर्थव्यवस्था को मिलेगा नया प्रोत्साहन
विश्लेषकों का मानना है कि यदि प्रस्तावित बंदरगाह, वॉटर मेट्रो, जेट्टी निर्माण और सागरमाला परियोजनाएं समय पर लागू होती हैं, तो पश्चिम बंगाल पूर्वी भारत के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री और लॉजिस्टिक्स हब के रूप में उभर सकता है।
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