केरल की राजधानी तिरुवनंतपुरम से नाबालिग छात्राओं की सुरक्षा से जुड़ा एक गंभीर मामला सामने आया है। पुलिस ने एक मदरसा शिक्षक के खिलाफ POCSO (Protection of Children from Sexual Offences) Act के तहत मामला दर्ज किया है। आरोपी पर आरोप है कि उसने ऑनलाइन शिक्षण समूह से जुड़ी कुछ नाबालिग छात्राओं को कथित रूप से आपत्तिजनक वीडियो और संदेश भेजे।
पुलिस के अनुसार, मामले की जांच जारी है और आरोपी की तलाश की जा रही है।
क्या है मामला?
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, आरोपी शिक्षक ने ऑनलाइन कक्षाओं के संचालन के लिए एक मैसेजिंग ग्रुप बनाया था, जिसमें नाबालिग छात्र-छात्राएं शामिल थे। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि इसी प्लेटफॉर्म का उपयोग करते हुए कुछ छात्राओं को कथित रूप से आपत्तिजनक सामग्री भेजी गई।
शिकायतकर्ताओं का दावा है कि कुछ संदेशों की प्रकृति अनुचित थी और उन्हें लेकर अभिभावकों ने गंभीर आपत्ति जताई।
अभिभावकों ने दर्ज कराई शिकायत
बताया जा रहा है कि जब अभिभावकों को कथित संदेशों और सामग्री की जानकारी मिली, तो उन्होंने मामले को संबंधित प्रबंधन और स्थानीय संस्थाओं के संज्ञान में लाने का प्रयास किया। बाद में पुलिस में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई गई।
पुलिस ने शिकायत मिलने के बाद मामले का संज्ञान लेते हुए जांच शुरू कर दी।
Madrasa teacher Sameer Asari of Jawahar Madrasa in Thiruvananthapuram, Kerala, created a WhatsApp group for "online classes" and sent pornographic videos and sexual messages to minor girls aged 12 to 14.
He made direct sexual suggestions to the children.
Parents complained to… pic.twitter.com/2mPVWmznrc
— Treeni (@treeni) June 4, 2026
POCSO एक्ट के तहत मामला दर्ज
कानून प्रवर्तन एजेंसियों ने आरोपी के खिलाफ POCSO Act के प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया है।
POCSO कानून बच्चों के खिलाफ यौन अपराधों से संबंधित मामलों में विशेष सुरक्षा और कड़ी कानूनी कार्रवाई का प्रावधान करता है।
आरोपी की तलाश जारी
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, आरोपी फिलहाल उपलब्ध नहीं है और उसकी तलाश की जा रही है। जांच के दौरान डिजिटल साक्ष्यों, मैसेजिंग रिकॉर्ड और अन्य संबंधित सामग्री की भी जांच की जा रही है।
अधिकारियों का कहना है कि मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए सभी तथ्यों की सावधानीपूर्वक जांच की जा रही है।
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ पुराना वीडियो
मामले के सामने आने के बाद आरोपी का एक पुराना वीडियो भी सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है। रिपोर्ट्स के अनुसार, उस वीडियो में वह बच्चों को ऑनलाइन सुरक्षा और सोशल मीडिया के संभावित खतरों के बारे में जागरूक करने की बात करता दिखाई देता है।
हालांकि, वायरल वीडियो का मौजूदा मामले की जांच से क्या संबंध है, इस पर पुलिस की ओर से कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की गई है।
बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा पर फिर उठे सवाल
इस घटना ने एक बार फिर बच्चों की डिजिटल सुरक्षा, ऑनलाइन शिक्षा प्लेटफॉर्म्स की निगरानी और अभिभावकीय सतर्कता की आवश्यकता को लेकर चर्चा तेज कर दी है।
विशेषज्ञों का कहना है कि:
- बच्चों के ऑनलाइन समूहों की नियमित निगरानी होनी चाहिए।
- अभिभावकों को डिजिटल गतिविधियों पर नजर रखनी चाहिए।
- किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत शिकायत करनी चाहिए।
- शिक्षण संस्थानों को बाल सुरक्षा संबंधी स्पष्ट नीतियां अपनानी चाहिए।
पुलिस ने भी लोगों से अपील की है कि वे किसी भी अपुष्ट जानकारी को साझा करने से बचें और जांच पूरी होने तक आधिकारिक तथ्यों पर भरोसा करें।
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