महाराष्ट्र के पुणे में लोहागढ़ किले पर हुई 26 वर्षीय कारोबारी केतन विशाल अग्रवाल की मौत ने सनसनीखेज मोड़ ले लिया है। शुरुआत में इस घटना को ट्रेकिंग के दौरान हुआ हादसा बताया गया था, लेकिन पुणे ग्रामीण पुलिस की जाँच में इसे कथित रूप से पूर्व नियोजित हत्या का मामला बताया गया है।
पुलिस का आरोप है कि केतन की 20 वर्षीय मंगेतर सिया गोयल ने अपने कथित प्रेमी 22 वर्षीय चेतन चौधरी के साथ मिलकर उसे लोहागढ़ किले की गहरी खाई में धकेल दिया। आरोपितों ने कथित तौर पर पूरी घटना को हादसा दिखाने का प्रयास किया, लेकिन परिवार की आशंका, CCTV फुटेज, कॉल रिकॉर्ड और चेतन की संदिग्ध गतिविधियों ने मामले की दिशा बदल दी।
पुलिस ने सिया गोयल और चेतन चौधरी को गिरफ्तार कर हत्या एवं आपराधिक साजिश से संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया है। पुणे की अदालत ने दोनों आरोपितों को 29 जून तक पुलिस हिरासत में भेज दिया है। मामले की आगे की जाँच जारी है।
18 जून को लोहागढ़ किले पर क्या हुआ था?
पुलिस के मुताबिक, 18 जून 2026 को केतन अग्रवाल अपनी मंगेतर सिया गोयल और अन्य परिचितों के साथ पुणे के पास स्थित लोहागढ़ किले पर गया था। केतन को ट्रेकिंग और फोटोग्राफी का शौक था। बताया जा रहा है कि यह यात्रा सिया के आगामी जन्मदिन से पहले किए जा रहे सेलिब्रेशन का हिस्सा थी।
कुछ समय बाद सिया ने लोनावला ग्रामीण पुलिस को सूचना दी कि तस्वीरें खींचते समय तेज हवा के कारण केतन का संतुलन बिगड़ गया और वह खाई में गिर गया। शुरुआती जानकारी के आधार पर पुलिस ने इसे दुर्घटना मानते हुए आकस्मिक मृत्यु का मामला दर्ज किया।
केतन लगभग 400 फीट गहरी खाई में गिरा था। दुर्गम इलाका होने के कारण बचाव दल को उसका शव निकालने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। 19 जून को शव बरामद कर अस्पताल ले जाया गया, जहाँ उसे मृत घोषित कर दिया गया।
परिवार को सिया की कहानी पर क्यों हुआ संदेह?
केतन के परिवार ने शुरुआत से ही उसकी मौत को सामान्य हादसा मानने से इनकार कर दिया था। परिवार का कहना था कि केतन अनुभवी ट्रेकर था और ऐसी जगहों पर जाते समय काफी सावधानी रखता था। इसलिए उसका अचानक खाई में गिर जाना उन्हें संदिग्ध लगा।
परिवार के अनुसार, घटना के बाद सिया के व्यवहार और उसके द्वारा बताए गए घटनाक्रम में भी कई असंगतियाँ दिखाई दीं। केतन के पिता विशाल अग्रवाल ने आरोप लगाया कि बेटे का शव देखने के बाद भी सिया की प्रतिक्रिया सामान्य नहीं थी।
परिवार के सदस्यों ने सिया से घटना वाले दिन के बारे में कई सवाल किए। आरोप है कि उसके जवाब स्पष्ट नहीं थे और अलग-अलग समय पर बताई गई बातों में विरोधाभास दिखाई दिया। इसके बाद परिवार ने पुलिस से मामले की विस्तृत जाँच करने और हत्या का मुकदमा दर्ज करने की माँग की।
केतन के पिता की शिकायत के आधार पर पुलिस ने हत्या और आपराधिक साजिश का मामला दर्ज करते हुए व्यक्तिगत संबंधों, कारोबारी विवाद और अन्य संभावित कारणों की जाँच शुरू की।
CCTV में दिखा 33 डिग्री तापमान में हुडी पहना व्यक्ति
पुलिस ने लोहागढ़ किले के प्रवेश द्वार और टिकट काउंटर के आसपास लगे CCTV कैमरों की जाँच की। एक फुटेज में केतन और सिया साथ चलते दिखाई दिए। उनसे कुछ मीटर पीछे एक संदिग्ध व्यक्ति भी चल रहा था।
इस व्यक्ति ने जून की गर्मी और लगभग 33 डिग्री सेल्सियस तापमान के बावजूद हुडी पहन रखी थी। हुडी से उसका चेहरा ढका हुआ था और उसने ऊपर से हेडफोन भी लगा रखे थे। पुलिस के अनुसार उसका पहनावा और गतिविधियाँ सामान्य नहीं लग रही थीं।
एक अन्य फुटेज में सिया पीछे मुड़कर देखती दिखाई दी और उसी समय हुडी पहना व्यक्ति अचानक नीचे बैठ गया। इस गतिविधि ने पुलिस का संदेह और गहरा कर दिया।
जाँच के दौरान पुलिस ने CCTV में दिखे व्यक्ति की पहचान चेतन चौधरी के रूप में की। पुलिस का आरोप है कि चेतन अपनी पहचान छिपाने के लिए हुडी पहनकर सिया और केतन का पीछा कर रहा था।
फोन दुकान पर छोड़ा, कर्मचारी का मोबाइल लेकर पहुँचा किला
चेतन की मोबाइल गतिविधियों की जाँच से भी पुलिस को कई अहम सुराग मिले। जाँच में सामने आया कि घटना वाले दिन चेतन अपना निजी मोबाइल फोन अपनी दुकान पर ही छोड़ गया था।
पुलिस का मानना है कि उसने ऐसा अपनी लोकेशन दुकान पर दिखाने और जाँच एजेंसियों को भ्रमित करने के लिए किया। वह कथित तौर पर अपने एक कर्मचारी का मोबाइल फोन लेकर लोहागढ़ किले पहुँचा था।
चेतन के मोबाइल का इंटरनेट 18 जून की सुबह लगभग सात बजे से शाम 5:40 बजे तक बंद मिला। पुलिस ने उस दिन चेतन के नंबर पर फोन करने वाले लोगों से भी पूछताछ की। कथित तौर पर कॉल करने वालों ने बताया कि चेतन के बजाय दुकान के कर्मचारियों ने फोन उठाया था।
CCTV फुटेज, मोबाइल गतिविधियों और सोशल मीडिया पर मौजूद चेतन की तस्वीरों की तुलना के बाद पुलिस ने उस पर अपना ध्यान केंद्रित किया। पूछताछ के बाद चेतन को हिरासत में लिया गया और बाद में गिरफ्तार कर लिया गया।
कॉल रिकॉर्ड से सामने आया सिया और चेतन का कथित संबंध
पुलिस ने सिया गोयल के मोबाइल कॉल रिकॉर्ड और डिजिटल संचार की जाँच की। जाँच में सिया और चेतन के बीच लंबे समय से लगातार बातचीत होने की जानकारी सामने आई।
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, जनवरी से जून 2026 के बीच दोनों के बीच 2,004 कॉल का रिकॉर्ड मिला और उन्होंने लगभग 238 घंटे फोन पर बातचीत की। पुलिस अधिकारियों ने आधिकारिक रूप से दोनों के बीच हजारों कॉल और कई घंटों तक चली बातचीत मिलने की बात कही है।
कॉल रिकॉर्ड, डिजिटल संवाद और व्यक्तिगत संबंधों की जाँच के आधार पर पुलिस ने दावा किया कि सिया और चेतन एक-दूसरे के साथ संबंध में थे। सिया की सगाई केतन से हो चुकी थी, लेकिन वह कथित तौर पर उससे शादी नहीं करना चाहती थी।
पुलिस का आरोप है कि सिया और चेतन ने केतन को अपने संबंध के बीच बाधा मानते हुए उसे रास्ते से हटाने की योजना बनाई। हालाँकि इस कथित उद्देश्य और साजिश से जुड़ी सभी परिस्थितियों की जाँच अभी जारी है।
खाई के पास पहुँचते ही पीछे से आया चेतन
पुलिस द्वारा तैयार किए जा रहे घटनाक्रम के अनुसार, चेतन शुरुआत में सिया और केतन के समूह का खुला हिस्सा नहीं था। वह कुछ दूरी बनाकर उनके पीछे चलता रहा और अपनी पहचान छिपाने का प्रयास करता रहा।
जब केतन और सिया किले के उस हिस्से में पहुँचे जहाँ से नीचे गहरी खाई थी, तब चेतन कथित तौर पर उनके पास पहुँचा। पुलिस का आरोप है कि इसके बाद सिया और चेतन ने मिलकर केतन को खाई में धकेल दिया।
केतन के पिता ने यह भी आरोप लगाया है कि उनके बेटे पर किसी वस्तु से हमला करने के बाद उसे नीचे फेंका गया। हालाँकि हमले के तरीके, घटनास्थल पर हुई गतिविधियों और प्रत्येक आरोपित की भूमिका की पुष्टि फॉरेंसिक जाँच तथा अदालत में प्रस्तुत साक्ष्यों के बाद ही होगी।
घटना के बाद सिया ने पुलिस और परिवार के सामने इसे तेज हवा के कारण हुआ हादसा बताया। लेकिन पुलिस का दावा है कि यह कहानी कथित हत्या को दुर्घटना का रूप देने के लिए बनाई गई थी।
पहले भी केतन को मारने की कोशिश का आरोप
पुलिस और केतन के परिवार का दावा है कि 18 जून से पहले भी सिया ने केतन को लोहागढ़ किले पर ले जाकर नुकसान पहुँचाने की कोशिश की थी।
जाँच में सामने आए घटनाक्रम के मुताबिक, सिया 31 मई को केतन को लोहागढ़ किले पर ले गई थी। केतन के पिता का आरोप है कि वहाँ उसे खाई की ओर धकेलने की कोशिश की गई, लेकिन उसने झाड़ी पकड़कर खुद को बचा लिया।
परिवार का दावा है कि घटना के बाद सिया ने साँप दिखाई देने की बात कही और यह दिखाने की कोशिश की कि उसने केतन को साँप से बचाने के लिए धक्का दिया था। पुलिस इस कथित ‘साँप वाली कहानी’ और उस दिन हुई गतिविधियों की भी जाँच कर रही है।
इसके बाद सिया कथित तौर पर चार जून को दोबारा केतन को लोहागढ़ ले जाना चाहती थी, लेकिन उसकी माँ ने उसे जाने से रोक दिया। पुलिस के अनुसार 14 जून को भी केतन को उसी स्थान पर ले जाकर धक्का देने की कोशिश की गई थी।
इन घटनाओं के संबंध में परिवार के दावे और पुलिस को मिली जानकारी की स्वतंत्र पुष्टि जाँच का हिस्सा है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि हत्या की कथित योजना कब बनाई गई और उसमें कौन-कौन शामिल था।
बाली यात्रा और गायब पासपोर्ट भी जाँच के दायरे में
केतन और सिया की बाली यात्रा भी पुलिस जाँच का हिस्सा बन गई है। परिवार के अनुसार, केतन, सिया और दो अन्य परिजनों को छह जून को बाली जाना था। चारों के पासपोर्ट एक ही बैग में रखे गए थे, लेकिन मुंबई एयरपोर्ट पहुँचने पर केवल केतन का पासपोर्ट गायब मिला।
परिवार का आरोप है कि लोनावला के एक फूड मॉल पर रुकने के दौरान सिया फोन लेने के बहाने कार में वापस गई थी। इसके बाद पासपोर्ट गायब मिला और पूरी यात्रा रद्द करनी पड़ी।
पुलिस अधिकारियों ने कहा है कि पासपोर्ट जानबूझकर गायब किया गया था या वास्तव में कहीं खो गया था, इसकी अभी पूछताछ की जानी है। इसलिए इसे फिलहाल हत्या की साजिश का प्रमाण नहीं, बल्कि जाँच के अंतर्गत एक संदिग्ध परिस्थिति माना जा रहा है।
उदयपुर में प्रस्तावित थी शादी
केतन अग्रवाल और सिया गोयल की फरवरी 2026 में सगाई हुई थी। दोनों परिवार एक-दूसरे को कई वर्षों से जानते थे और रिश्ते के बाद शादी की तैयारियाँ शुरू हो चुकी थीं।
पुलिस और परिवार के मुताबिक, शादी वर्ष 2026 के अंत में राजस्थान के उदयपुर स्थित एक पैलेस में प्रस्तावित थी। हालाँकि केतन के पिता ने स्पष्ट किया है कि शादी की अंतिम तारीख तय नहीं हुई थी।
कुछ मीडिया रिपोर्टों में 25 नवंबर की तारीख, ₹17 करोड़ के खर्च और मेहमानों के लिए चार्टर्ड विमानों की व्यवस्था जैसे दावे किए गए हैं, लेकिन परिवार के नवीनतम बयान और विश्वसनीय पुलिस जानकारी से इन विवरणों की एक समान पुष्टि नहीं हुई है।
इसलिए खबर में केवल इतना कहना अधिक सटीक है कि शादी साल के अंत में उदयपुर के एक पैलेस में प्रस्तावित थी और दोनों परिवार उसकी तैयारियाँ कर रहे थे।
केतन के पिता ने फास्ट ट्रैक सुनवाई की माँग की
केतन के पिता विशाल अग्रवाल ने आरोपितों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई और मामले की फास्ट ट्रैक अदालत में सुनवाई की माँग की है। उनका कहना है कि सिया यदि शादी नहीं करना चाहती थी तो रिश्ता तोड़ सकती थी और परिवार इसे स्वीकार कर लेता।
परिवार ने आरोप लगाया है कि हत्या के पीछे और भी लोग शामिल हो सकते हैं। पुलिस से सिया और चेतन के अतिरिक्त अन्य लोगों की संभावित भूमिका की भी जाँच करने की माँग की गई है।
केतन की माँ ने भी सिया और चेतन पर विश्वासघात करने का आरोप लगाते हुए आरोपितों के लिए कठोरतम सजा की माँग की है। परिवार द्वारा अन्य रिश्तेदारों पर लगाए गए आरोपों की पुलिस ने अभी पुष्टि नहीं की है और उनके विरुद्ध कोई निष्कर्ष सामने नहीं आया है।
सोशल मीडिया पर दिखती थी खुशहाल जोड़ी
केतन और सिया की सगाई तथा अन्य कार्यक्रमों के कई वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आए हैं। इनमें केतन अपनी मंगेतर के लिए फूलों से कार सजाते, उसे सरप्राइज देते और शादी के लिए प्रपोज करते दिखाई देता है।
परिवार और दोस्तों के अनुसार, केतन रिश्ते को लेकर काफी उत्साहित था और सिया के जन्मदिन के लिए विशेष तैयारियाँ कर रहा था। घटना वाले दिन भी वह कथित तौर पर सिया का प्री-बर्थडे सेलिब्रेशन करने लोहागढ़ गया था।
केतन की मौत के बाद सिया ने सोशल मीडिया पर शोक व्यक्त करने वाली पोस्ट भी साझा की थी। पुलिस अब सोशल मीडिया गतिविधियों, पोस्ट के समय, निजी बातचीत और डिजिटल उपकरणों की फॉरेंसिक जाँच कर रही है।
दोनों आरोपित 29 जून तक पुलिस हिरासत में
सिया गोयल और चेतन चौधरी की गिरफ्तारी के बाद उन्हें पुणे की मजिस्ट्रेट अदालत में पेश किया गया। अदालत ने दोनों को 29 जून तक पुलिस हिरासत में भेज दिया है।
पुलिस हिरासत के दौरान हत्या के कथित उद्देश्य, योजना तैयार करने की तारीख, घटनास्थल पर इस्तेमाल किए गए वाहनों और मोबाइल फोन, डिजिटल संदेशों तथा अन्य व्यक्तियों की संभावित भूमिका के बारे में पूछताछ की जा रही है।
पुलिस घटनास्थल का पुनर्निर्माण कराने, दोनों आरोपितों को आमने-सामने बैठाकर पूछताछ करने और CCTV तथा कॉल रिकॉर्ड से सामने आई जानकारी का सत्यापन करने की तैयारी कर रही है।
यह ध्यान रखना आवश्यक है कि सिया गोयल और चेतन चौधरी पर हत्या तथा आपराधिक साजिश के आरोप हैं। अदालत में मुकदमे और साक्ष्यों के परीक्षण से पहले उन्हें कानूनी रूप से दोषी नहीं माना जा सकता।
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