रुद्रप्रयाग जिले के नगरासू स्थित गुरुद्वारा परिसर में पिछले चार दिनों से जारी विवाद मंगलवार, 23 जून 2026 को समाप्त हो गया। पंजाब से पहुँचे आठ सदस्यीय धार्मिक शिष्टमंडल और वरिष्ठ जत्थेदारों की मध्यस्थता के बाद गुरुद्वारे की ऊपरी मंजिल एवं छत पर डटे पाँच निहंग सिख परिसर खाली करने के लिए सहमत हो गए। इसके बाद कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच सभी निहंगों को पंजाब के लिए रवाना कर दिया गया।
निहंगों के गुरुद्वारा परिसर छोड़ने के दौरान पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर मौजूद रहे। परिसर से बाहर निकलते समय कुछ निहंग जयकारे लगाते और नृत्य करते हुए भी दिखाई दिए। प्रशासन ने किसी भी अप्रिय स्थिति से बचने के लिए पूरे इलाके में सुरक्षा के अतिरिक्त इंतजाम किए थे।
सुबह से बढ़ी हलचल, बाहरी लोगों के प्रवेश पर लगाई गई रोक
मंगलवार सुबह से ही नगरासू गुरुद्वारा परिसर के आसपास गतिविधियाँ तेज हो गई थीं। सुरक्षा कारणों से प्रशासन ने बाहरी लोगों के गुरुद्वारा परिसर में प्रवेश पर अस्थायी रोक लगा दी थी। पुलिस बल को परिसर के मुख्य प्रवेश द्वार और आसपास के संवेदनशील स्थानों पर तैनात किया गया था।
दोपहर के समय पंजाब से आए धार्मिक प्रतिनिधियों और वरिष्ठ जत्थेदारों ने गुरुद्वारे में मौजूद निहंगों तथा गुरुद्वारा प्रबंधन के सदस्यों से अलग-अलग बातचीत की। दोनों पक्षों के बीच करीब तीन घंटे तक चर्चा चली। बातचीत के दौरान विवाद के कारणों, रहने की व्यवस्था और परिसर खाली करने की प्रक्रिया पर विस्तार से विचार किया गया।
लंबी बातचीत के बाद दोनों पक्षों के बीच सहमति बन गई। इसके बाद शाम तक गुरुद्वारे की ऊपरी मंजिल पर मौजूद सभी पाँच निहंग परिसर छोड़कर पंजाब के लिए रवाना हो गए।
20 जून से शुरू हुआ था विवाद
नगरासू गुरुद्वारा परिसर में विवाद की शुरुआत 20 जून 2026 को हुई थी। प्रशासन के अनुसार, निहंगों के ठहरने की व्यवस्था और प्रस्तावित प्रदर्शन के लिए स्थान उपलब्ध कराने को लेकर मतभेद पैदा हुआ था। बातचीत से तत्काल समाधान नहीं निकलने के बाद निहंग गुरुद्वारे की छत और ऊपरी मंजिल पर डटे रहे।
स्थिति को देखते हुए स्थानीय पुलिस और प्रशासन ने गुरुद्वारा परिसर के आसपास सुरक्षा बढ़ा दी थी। अधिकारियों ने विवाद को शांतिपूर्ण तरीके से समाप्त कराने के लिए गुरुद्वारा प्रबंधन, स्थानीय लोगों और धार्मिक प्रतिनिधियों के साथ लगातार संपर्क बनाए रखा।
इस पूरे घटनाक्रम को कर्णप्रयाग में 16 जून 2026 को हुई हिंसक झड़प से भी जोड़कर देखा जा रहा है। उस घटना में कुछ निहंगों की गिरफ्तारी हुई थी। हालाँकि नगरासू विवाद और कर्णप्रयाग की घटना के बीच प्रत्यक्ष संबंधों को लेकर पुलिस की जाँच जारी है।
स्थानीय लोगों में प्रशासन के रवैये को लेकर नाराजगी
गुरुद्वारा परिसर का विवाद समाप्त होने के बावजूद कुछ स्थानीय लोगों में प्रशासन की कार्रवाई और पूरे मामले को संभालने के तरीके को लेकर नाराजगी बनी हुई है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि विवाद को शुरुआती स्तर पर ही बातचीत के जरिए हल किया जा सकता था।
वहीं गुरुद्वारा प्रबंधन ने शांति बनाए रखने और विवाद को बिना किसी हिंसा के समाप्त कराने में सहयोग देने वाले धार्मिक प्रतिनिधियों, स्थानीय प्रशासन, पुलिस और क्षेत्र के लोगों का आभार व्यक्त किया है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, फिलहाल गुरुद्वारा परिसर में स्थिति पूरी तरह सामान्य और नियंत्रण में है। विवाद से जुड़े घटनाक्रम, शिकायतों और अन्य पहलुओं की जाँच अभी जारी है। जाँच पूरी होने के बाद आवश्यकता के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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