अमेरिका के ओकलाहोमा राज्य की मस्कोगी काउंटी से इंसानियत को शर्मसार कर देने वाला एक खौफनाक मामला सामने आया है। यहाँ अपनी ही 11 साल की मासूम बच्ची के साथ यौन शोषण कराने, मामले को छिपाने और बच्चों की उपेक्षा करने के आरोप में कोर्ट ने बच्ची की माँ चेरी वॉकर (Cherie Walker) को दोषी ठहराया है। अदालत की जूरी ने चेरी को इस संगीन जुर्म के लिए उम्रकैद की सजा देने की सिफारिश की है।
DNA टेस्ट से बेनकाब हुआ सौतेला पिता
इस दरिंदगी का भंडाफोड़ तब हुआ जब पुलिस को मस्कोगी स्थित एक घर में 11 साल की बच्ची द्वारा बच्चे को जन्म देने की सूचना मिली। इसके तुरंत बाद बच्ची को अस्पताल पहुँचाया गया। शुरुआती पूछताछ में माँ चेरी और सौतेले पिता डस्टिन वॉकर (Dustin Walker) ने पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की और दावा किया कि उन्हें बच्ची के गर्भवती होने की कोई जानकारी नहीं थी।
हालाँकि, नवजात के डीएनए (DNA) सैंपल की जाँच में 99.9% सटीकता के साथ यह साबित हो गया कि नवजात शिशु का जैविक पिता बच्ची का सौतेला पिता डस्टिन वॉकर ही है। डीएनए रिपोर्ट के सामने आते ही अभियोजकों ने आरोप कड़े कर दिए। डस्टिन वॉकर ने नाबालिग से दुष्कर्म और बच्चों की उपेक्षा का जुर्म कबूल कर लिया, जिसके बाद अदालत ने उसे बिना किसी पैरोल की छूट के उम्रकैद की सजा सुनाई और उसे रजिस्टर्ड सेक्स ऑफेंडर घोषित कर दिया।
नारकीय हालात में रह रहे थे 6 मासूम बच्चे
मस्कोगी काउंटी की सहायक जिला अटॉर्नी जेनेट हटसन (Janet Hutson) ने इस घटना को अपने पूरे करियर का सबसे दिल दहला देने वाला और दुखद केस करार दिया। जाँच में सामने आया कि मासूम बच्ची का करीब एक साल से शोषण किया जा रहा था। शोषण और गर्भावस्था को छिपाने के लिए बच्ची को स्कूल से भी हटवा दिया गया था।
पुलिस जब आरोपी दंपत्ति के घर पहुँची तो वहाँ के हालात देखकर दंग रह गई। घर के भीतर नरक जैसा मंजर था—चारों तरफ गंदगी, कचरा और कुत्तों का मल फैला हुआ था। हैरान करने वाली बात यह थी कि पिछले 2-3 सालों से घर के नलों में पानी तक नहीं आ रहा था। इस अमानवीय माहौल में पीड़ित बच्ची के अलावा 2 से 9 साल की उम्र के 5 अन्य बच्चे भी रह रहे थे। घटना के तुरंत बाद पुलिस ने पाँचों बच्चों को घर से सुरक्षित निकालकर चाइल्ड प्रोटेक्टिव सर्विसेज (सरकारी संरक्षण) के हवाले कर दिया।
बच्ची की नानी पर भी कसेगा कानून का शिकंजा
इस दिल दहला देने वाले मामले में बच्ची की नानी मिशेल जस्टिस (Michelle Justus) की भूमिका भी संदिग्ध पाई गई है। शुरुआती बयानों में नानी ने बेटी और दामाद का बचाव करते हुए दावा किया था कि उनका परिवार निर्दोष है और उन्हें इस घटना की भनक तक नहीं थी।
लेकिन पुलिस पड़ताल में खुलासा हुआ कि नानी का घर सड़क के ठीक दूसरी तरफ ही था और वह रोज बच्चों से मिलती थीं। बच्ची की डिलीवरी के दौरान भी उनकी मौजूदगी की बात सामने आई। पुलिस ने बच्चों की घोर उपेक्षा करने के आरोप में नानी मिशेल जस्टिस के खिलाफ भी 6 आपराधिक मामले दर्ज किए हैं।
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