कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) द्वारा NEET पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ दिल्ली के जंतर-मंतर पर किए जा रहे प्रदर्शन को लेकर अब विदेशी समर्थन और फंडिंग के आरोप सामने आए हैं। सोशल मीडिया पर प्रसारित कई वीडियो में दावा किया जा रहा है कि कतर और बांग्लादेश जैसे देशों से अज्ञात लोग फूड डिलीवरी ऐप के माध्यम से प्रदर्शनकारियों के लिए महँगा खाना मँगवा रहे हैं। वहीं नेपाल के कुछ युवाओं के वीडियो भी सामने आए हैं, जिनमें वे भारतीय युवाओं से कथित तौर पर “नेपाल जैसा” राजनीतिक बदलाव करने की अपील करते नजर आ रहे हैं।
हालाँकि, इन वीडियो और विदेशी फंडिंग से जुड़े दावों की स्वतंत्र या आधिकारिक पुष्टि अभी सामने नहीं आई है। सोशल मीडिया यूजर्स ने दिल्ली पुलिस और केंद्रीय गृह मंत्रालय से पूरे मामले की जाँच कराने की माँग की है।
कतर से जंतर-मंतर पर खाना भेजे जाने का दावा
एक वीडियो में एक डिलीवरी पार्टनर दावा करता दिखाई देता है कि उसे कतर से फोन कर जंतर-मंतर पर बैठे प्रदर्शनकारियों को खाना पहुँचाने के लिए कहा गया था।
डिलीवरी पार्टनर के मुताबिक, विदेश से ऑर्डर करने वाले व्यक्ति ने फोन पर निर्देश दिया था कि खाना प्रदर्शन स्थल पर मौजूद लोगों को दिया जाए। उसने यह भी दावा किया कि दिनभर में इस तरह के कई ऑर्डर प्राप्त हो रहे हैं।
बांग्लादेश से फूड डिलीवरी का वीडियो वायरल
एक अन्य वायरल वीडियो में रिपोर्टर दावा करता है कि देर रात करीब 11 बजे जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारियों के लिए बांग्लादेश से खाना भेजा गया। वीडियो में कहा गया कि स्विगी और जोमैटो जैसे फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म के माध्यम से ऑर्डर किए गए थे और उनका भुगतान पहले ही किया जा चुका था।
कुछ डिलीवरी एजेंटों के हवाले से दावा किया गया कि ऑर्डर करने वालों ने अपनी पहचान स्पष्ट नहीं की, लेकिन खाना विशेष रूप से प्रदर्शनकारियों को सौंपने के निर्देश दिए गए थे।
How can @Swiggy get orders from Bangladesh?
Is that possible? pic.twitter.com/JkOz8DL3il
— Kreately.in (@KreatelyMedia) July 22, 2026
प्रदर्शनकारी छात्रों ने भी वीडियो में किया दावा
सोशल मीडिया पर ऐसे वीडियो भी प्रसारित हो रहे हैं, जिनमें प्रदर्शन स्थल पर मौजूद कुछ छात्र दावा कर रहे हैं कि अज्ञात लोग उनके लिए बड़े फूड ब्रांड्स से खाना भेज रहे हैं।
इन वीडियो में खाने के पैकेट और डिलीवरी एजेंट दिखाई दे रहे हैं। हालाँकि, केवल विदेश से भुगतान या कॉल आने के आधार पर इसे संगठित विदेशी फंडिंग साबित नहीं माना जा सकता। इसके लिए डिजिटल भुगतान रिकॉर्ड, ऑर्डर विवरण और संबंधित खातों की आधिकारिक जाँच आवश्यक होगी।
Who is sending food to CJP protesters?
Nobody knows.
Probably from abroad. pic.twitter.com/Fa2uuvhpq6
— Paramjeet Singh Berwal (@ParamjeetBerwal) July 23, 2026
नेपाल के युवाओं के कथित भड़काऊ वीडियो
इस पूरे विवाद के बीच नेपाल के कुछ युवाओं के वीडियो भी वायरल हो रहे हैं। इनमें वे जंतर-मंतर के प्रदर्शन को समर्थन देते हुए भारत में भी नेपाल जैसी राजनीतिक गतिविधियाँ करने की बात कहते सुनाई देते हैं।
एक वायरल वीडियो में कुछ युवक कथित तौर पर कहते हैं कि जंतर-मंतर का प्रदर्शन देखकर उनका “खून खौल रहा है” और वे भारत में भी सरकार बदलने जैसे आंदोलन का समर्थन करते हैं। उन्होंने प्रदर्शन में शामिल होने के लिए भारत आने की बात भी कही।
इन बयानों के बाद सोशल मीडिया पर सवाल उठाए जा रहे हैं कि क्या भारतीय छात्रों के आंदोलन को पड़ोसी देशों से प्रभावित या भड़काने की कोशिश की जा रही है।
Nepalis want to enter India!
India needs to crush enemies outside its border. pic.twitter.com/mBUudpgx2U
— Vikas Pokhariyal (@vikasindiafirst) July 22, 2026
विदेशी फंडिंग की जाँच की माँग
कतर, बांग्लादेश और नेपाल से जुड़े कथित वीडियो सामने आने के बाद कई सोशल मीडिया यूजर्स ने आंदोलन के विदेशी कनेक्शन और संभावित फंडिंग की जाँच की माँग की है।
लोगों ने दिल्ली पुलिस, गृह मंत्रालय और सुरक्षा एजेंसियों से फूड डिलीवरी ऑर्डर के भुगतान स्रोत, विदेशी फोन नंबरों, डिजिटल लेनदेन और सोशल मीडिया अकाउंट्स की जाँच करने की अपील की है।
फिलहाल किसी सरकारी एजेंसी ने इन वायरल दावों के आधार पर विदेशी फंडिंग की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। इसलिए मामले से जुड़े निष्कर्ष जाँच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेंगे।
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