उत्तराखंड के चमोली जिले की सीमांत नीती घाटी में भारी बारिश के बीच बड़ा हादसा सामने आया है। जोशीमठ (ज्योतिर्मठ) से करीब 37 किलोमीटर आगे लोंग (तमक) क्षेत्र में उफनते तमक नाले के तेज बहाव की चपेट में आकर हाल ही में बनाया गया वैली ब्रिज क्षतिग्रस्त होकर बह गया। पुल बहने के बाद नीती घाटी की ओर जाने वाला सड़क संपर्क बाधित हो गया है। घटना में सीमा सड़क संगठन (BRO) का एक वाहन और उसका चालक भी लापता बताए जा रहे हैं, जिनकी तलाश के लिए अभियान चलाया जा रहा है।
भारी बारिश के बाद अचानक बढ़ा तमक नाले का जलस्तर
जानकारी के मुताबिक, क्षेत्र में लगातार बारिश हो रही है। इसी दौरान तमक नाले में अचानक पानी का बहाव काफी तेज हो गया। तेज धारा की चपेट में आने के बाद वहां बना वैली ब्रिज टिक नहीं पाया और बह गया।
पुल क्षतिग्रस्त होने से नीती घाटी के करीब 15 से 17 से अधिक गांवों का सड़क संपर्क प्रभावित होने की बात सामने आई है। सीमांत इलाके में सड़क संपर्क बाधित होने से स्थानीय ग्रामीणों की आवाजाही के साथ आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति और जरूरी सेवाओं पर भी असर पड़ सकता है।
#WATCH | Uttarakhand: Tamak drain in Chamoli’s border area of Niti Valley witnessed a sudden flash flood today, with a strong current sweeping away the Valley Bridge, along with a dozer and a vehicle, near Tamak Valley on the Niti-Malari road.
(Source: Chamoli Police) https://t.co/j86HPpA116 pic.twitter.com/eMMbop035P
— ANI UP/Uttarakhand (@ANINewsUP) August 10, 2026
BRO का वाहन और चालक लापता, तलाश जारी
चमोली के एडीएम विवेक प्रकाश के मुताबिक, शाम करीब 5:30 बजे तमक नाले में अचानक बेहद तेज पानी आया और घटनास्थल पर मौजूद वैली ब्रिज बह गया। उस समय आसपास BRO के अधिकारी और कर्मचारी भी मौजूद थे।
प्रशासन के अनुसार, BRO का एक वाहन और उसका चालक लापता है। दोनों की तलाश के लिए अभियान शुरू किया गया है। SDRF की टीम को भी घटनास्थल की ओर रवाना किया गया है।
SDRF, BRO और ITBP के साथ प्रशासन का समन्वय
प्रशासन सड़क संपर्क जल्द से जल्द बहाल करने की कोशिश कर रहा है। अधिकारियों के मुताबिक, ब्रिज के दूसरी तरफ करीब 15-16 गांव हैं। प्रशासन BRO के संपर्क में है और आवश्यक सहायता तथा संसाधन उपलब्ध कराने की कोशिश की जा रही है।
इसके अलावा ITBP के साथ भी समन्वय किया जा रहा है, ताकि पुल के दूसरी तरफ की स्थिति का आकलन किया जा सके। प्रशासन यह जानकारी भी जुटा रहा है कि प्रभावित क्षेत्र में कितने पर्यटक या अन्य लोग मौजूद हो सकते हैं।
नीती घाटी की यात्रा नहीं करने की अपील
मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए प्रशासन ने लोगों से फिलहाल नीती घाटी की ओर यात्रा नहीं करने की अपील की है। पुल बहने के कारण घटनास्थल से आगे सड़क मार्ग बाधित है। स्थानीय लोगों और यात्रियों को बारिश तथा उफनते नदी-नालों के बीच किसी तरह का जोखिम नहीं उठाने की सलाह दी गई है।
सीमांत गांवों के लिए सड़क है जीवनरेखा
उत्तराखंड के सीमांत क्षेत्रों में सड़क संपर्क स्थानीय आबादी के लिए जीवनरेखा की तरह है। इसके जरिए न केवल लोगों की आवाजाही होती है, बल्कि राशन, दवाइयां और अन्य आवश्यक सामान भी गांवों तक पहुंचता है।
ऐसे में तमक के पास वैली ब्रिज बहने से प्रभावित गांवों में आवश्यक सेवाओं पर असर पड़ने की आशंका है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन और संबंधित विभागों से जल्द वैकल्पिक व्यवस्था कर सड़क संपर्क बहाल करने की मांग की है।
फिलहाल राहत और तलाश अभियान जारी है। नीती घाटी जाने की योजना बना रहे लोगों को यात्रा से पहले प्रशासन की नवीनतम जानकारी लेने और खराब मौसम के दौरान जोखिम भरे क्षेत्रों में जाने से बचने की सलाह दी गई है।
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