झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों और अनियमितताओं को लेकर छात्रों का आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। विभिन्न भर्ती परीक्षाओं में सुधार और जांच की मांग को लेकर JLKM नेता देवेंद्र महतो पिछले 11 दिनों से भूख हड़ताल पर हैं। तबीयत बिगड़ने के बाद उनका इलाज झारखंड के सदर अस्पताल में चल रहा है। अस्पताल में भर्ती होने के बावजूद महतो ने आंदोलन जारी रखने का फैसला किया है और अब उन्होंने रांची के सिविल सर्जन को पत्र लिखकर जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम स्थित आंदोलन स्थल पर वापस जाने की अनुमति मांगी है।
देवेंद्र महतो ने अपने पत्र में कहा है कि भर्ती परीक्षाओं को लेकर आंदोलन कर रहे हजारों छात्र और युवा इस संघर्ष में उनके साथ खड़े हैं। उनका कहना है कि यह आंदोलन केवल एक विरोध-प्रदर्शन नहीं है, बल्कि युवाओं के भविष्य, अधिकारों और न्याय से जुड़ी लड़ाई है।
सत्याग्रह स्थल जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम रांची जाने की अनुमती हेतु सदर अस्पताल के सिविल सर्जन महोदय को लिखा पत्र , मेरा शरीर अस्पताल के बिस्तर में उपचाररत है, लेकिन मेरी आत्मा और संकल्प सत्याग्रह स्थल पर है जहां छात्र- युवा अपनी भविष्य के लिए न्यायिक संघर्ष कर रहें हैं,… pic.twitter.com/Wkei0OWZxs
— Devendra Nath Mahto (@DevendraNathMa9) August 12, 2026
‘शरीर अस्पताल में, आत्मा सत्याग्रह स्थल पर’
देवेंद्र महतो ने सोशल मीडिया के जरिए भी अपने आंदोलन को लेकर भावनाएं जाहिर कीं। उन्होंने बताया कि उन्होंने सिविल सर्जन को पत्र लिखकर जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम स्थित विरोध स्थल पर वापस जाने की अनुमति मांगी है।
महतो ने कहा कि भले ही उनका शरीर इस समय अस्पताल के बेड पर इलाज करा रहा है, लेकिन उनका मन और आत्मा आंदोलन स्थल पर मौजूद छात्रों और युवाओं के साथ है। उन्होंने कहा कि हजारों छात्र अपने भविष्य और अधिकारों के लिए न्यायपूर्ण संघर्ष कर रहे हैं और वह इस आंदोलन से खुद को अलग नहीं कर सकते।
19 दिनों से आंदोलन कर रहे छात्र
झारखंड में भर्ती परीक्षाओं के आयोजन में कथित अनियमितताओं को लेकर छात्र और अभ्यर्थी पिछले 19 दिनों से आंदोलन कर रहे हैं। प्रदर्शनकारी भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने, कथित गड़बड़ियों की निष्पक्ष जांच कराने और परीक्षा व्यवस्था में जरूरी बदलाव करने की मांग उठा रहे हैं।
जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम आंदोलन का प्रमुख केंद्र बना हुआ है, जहां बड़ी संख्या में अभ्यर्थी अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं।
पूर्व मुख्यमंत्री रघुबर दास ने छात्रों से की मुलाकात
इस बीच झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और बीजेपी नेता रघुबर दास भी बुधवार को जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम पहुंचे और आंदोलन कर रहे छात्रों से मुलाकात की। उन्होंने भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों के मामले में राज्य सरकार से CBI जांच की सिफारिश करने की मांग की है।
रघुबर दास ने हेमंत सोरेन सरकार को इसके लिए एक सप्ताह का समय दिया है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर राज्य सरकार तय समय के भीतर CBI जांच की सिफारिश नहीं करती है तो वह खुद छात्रों के समर्थन में भूख हड़ताल पर बैठेंगे।
‘एक हफ्ते में CBI जांच की सिफारिश करे सरकार’
प्रदर्शनकारी छात्रों को संबोधित करते हुए रघुबर दास ने कहा कि अगर राज्य सरकार एक सप्ताह के भीतर भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों की CBI जांच की सिफारिश नहीं करती है तो उन्हें भी आंदोलन स्थल पर भूख हड़ताल शुरू करनी पड़ेगी।
उनके इस ऐलान के बाद भर्ती परीक्षा विवाद ने राजनीतिक रूप भी ले लिया है। एक तरफ छात्र और अभ्यर्थी परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता तथा जांच की मांग कर रहे हैं, वहीं विपक्ष भी इस मुद्दे पर राज्य सरकार पर दबाव बढ़ा रहा है।
झारखंड भर्ती परीक्षा विवाद पर बढ़ा सियासी दबाव
देवेंद्र महतो की लंबी भूख हड़ताल और रघुबर दास की चेतावनी के बाद झारखंड भर्ती परीक्षा का मामला और गरमा गया है। आने वाले दिनों में सरकार इस मामले में क्या कदम उठाती है, इस पर आंदोलनकारी छात्रों और राजनीतिक दलों की निगाहें टिकी रहेंगी।
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