पश्चिम बंगाल के चर्चित आरजी कर मेडिकल कॉलेज रेप-मर्डर केस में एक नया घटनाक्रम सामने आया है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) के पूर्व विधायक निर्मल घोष को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, उन्हें ओडिशा के संबलपुर से हिरासत में लिया गया। यह कार्रवाई 2024 में आरजी कर अस्पताल की पीजी ट्रेनी डॉक्टर की मौत के बाद उसके कथित तौर पर जल्दबाजी में किए गए अंतिम संस्कार और सबूतों से छेड़छाड़ के आरोपों से जुड़े अलग मामले में की गई है।
पुलिस ने निर्मल घोष के खिलाफ गिरफ्तारी से करीब दो दिन पहले एक नई FIR दर्ज की थी। इस FIR में पीड़िता के अंतिम संस्कार की प्रक्रिया, परिवार की कथित सहमति न लिए जाने और सबूतों को नष्ट या छिपाने की आशंका से जुड़े आरोपों की जांच की जा रही है। बैरकपुर पुलिस कमिश्नरेट द्वारा दर्ज मामले में निर्मल घोष के अलावा सोमनाथ डे और संजीव मुखर्जी को भी नामजद किया गया है।
9 अगस्त 2024 को सामने आया था आरजी कर मामला
कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में 9 अगस्त 2024 को 31 वर्षीय पीजी ट्रेनी डॉक्टर का शव अस्पताल के सेमिनार रूम में मिला था। जांच में डॉक्टर के साथ बलात्कार और हत्या की बात सामने आई थी। घटना के बाद पश्चिम बंगाल के साथ-साथ पूरे देश में विरोध प्रदर्शन हुए और डॉक्टरों की सुरक्षा को लेकर व्यापक बहस छिड़ गई।
मूल रेप-मर्डर केस और डॉक्टर के अंतिम संस्कार को लेकर दर्ज नया मामला अलग-अलग जांच के दायरे में हैं। अंतिम संस्कार से जुड़ी नई जांच खास तौर पर इस सवाल पर केंद्रित है कि पीड़िता के शव को इतनी जल्दी क्यों जलाया गया और पूरी प्रक्रिया में नियमों का पालन किया गया था या नहीं।
दूसरी बरसी पर फिर उठा अंतिम संस्कार का मुद्दा
मामले की दूसरी बरसी के आसपास मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने पीड़िता के अंतिम संस्कार से जुड़े घटनाक्रम की अलग से जांच कराने की बात कही थी। इसके बाद पुलिस ने इस पहलू पर नया मामला दर्ज किया। उन्होंने अंतिम संस्कार की कथित जल्दबाजी, फीस माफ किए जाने और दस्तावेजों पर परिवार के सदस्यों के हस्ताक्षर नहीं होने जैसे मुद्दों पर सवाल उठाए थे।
पीड़िता के परिवार का आरोप है कि उनकी सहमति के बिना शव का जल्दबाजी में अंतिम संस्कार किया गया था। परिवार ने यह आशंका भी जताई थी कि ऐसा करने के पीछे दूसरी पोस्टमॉर्टम जांच को रोकने या महत्वपूर्ण सबूतों को खत्म करने की कोशिश हो सकती थी। ये फिलहाल आरोप हैं और पुलिस इन्हीं परिस्थितियों की जांच कर रही है।
कतार में तीसरे नंबर पर था शव, पहले अंतिम संस्कार करने का आरोप
रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि पीड़िता का शव नाटागढ़ कदमतला श्मशान घाट में अंतिम संस्कार के लिए ले जाया गया था। आरोप है कि उस समय पीड़िता का शव कतार में तीसरे स्थान पर था, लेकिन अन्य शवों से पहले उसका अंतिम संस्कार कर दिया गया। इस घटनाक्रम को भी नई जांच का हिस्सा बनाया गया है।
अंतिम संस्कार से संबंधित दस्तावेजों को लेकर भी सवाल खड़े किए गए हैं। आरोप है कि जरूरी दस्तावेजों पर पीड़िता के किसी नजदीकी परिजन के हस्ताक्षर नहीं थे। साथ ही अंतिम संस्कार की निर्धारित फीस माफ किए जाने को लेकर भी जांच की मांग उठी थी।
निर्मल घोष समेत तीन लोगों की भूमिका की जांच
नई FIR में पूर्व TMC विधायक निर्मल घोष, पानीहाटी से जुड़े सोमनाथ डे और पीड़िता के परिवार के पड़ोसी संजीव मुखर्जी का नाम सामने आया है। पीड़िता के पिता ने शिकायत में आरोप लगाया है कि इन लोगों की पोस्टमॉर्टम और जल्दबाजी में हुए अंतिम संस्कार की प्रक्रिया में भूमिका थी। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि अंतिम संस्कार के समय किस व्यक्ति ने कौन-सा निर्णय लिया और क्या किसी स्तर पर सबूत मिटाने या छिपाने का प्रयास हुआ था।
निर्मल घोष से आरजी कर मामले के शुरुआती दौर में भी पूछताछ हो चुकी है। सितंबर 2024 में CBI ने कथित जल्दबाजी में अंतिम संस्कार से जुड़े सवालों को लेकर उनसे पूछताछ की थी।
अब 13 अगस्त 2026 को हुई उनकी गिरफ्तारी से आरजी कर केस में अंतिम संस्कार से जुड़ा विवाद एक बार फिर केंद्र में आ गया है। हालांकि, निर्मल घोष के खिलाफ नई FIR में लगे आरोपों पर अंतिम निष्कर्ष जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही सामने आएगा।
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