फरार ड्रग किंगपिन वीरेंद्र सिंह बसोया को संयुक्त अरब अमीरात (UAE) से भारत वापस लाया गया है। नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) ने अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों और कूटनीतिक माध्यमों के सहयोग से बसोया की भारत वापसी सुनिश्चित की। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार, 14 अगस्त 2026 को इस कार्रवाई को नशीले पदार्थों के खिलाफ केंद्र सरकार की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति में नया मील का पत्थर बताया।
अमित शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर NCB की कार्रवाई की सराहना करते हुए कहा कि केंद्र सरकार विदेशों में छिपे ड्रग तस्करों का लगातार पीछा कर रही है और उनके पूरे नेटवर्क को खत्म करने के लिए सख्त कार्रवाई कर रही है। उन्होंने कहा कि भारतीय एजेंसियों ने एक बार फिर साबित किया है कि ड्रग तस्कर दुनिया के किसी भी हिस्से में छिप जाएं, वे भारतीय कानून की पहुंच से बच नहीं सकते।
NCB ने बसोया को हिरासत में ले लिया है। उसके खिलाफ दिल्ली की अदालत से गैर-जमानती वारंट जारी हुआ था और उसके प्रत्यर्पण के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई थी। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, भारत लाए जाने के बाद उसे संबंधित विशेष अदालत के सामने पेश किए जाने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
Modi govt is relentlessly tracking down drug traffickers hiding abroad and destroying their entire ecosystem with a ruthless approach.
Creating a new milestone in the policy of zero tolerance against narcotics, the NCB secured the return of fugitive drug kingpin Virender Singh…
— Amit Shah (@AmitShah) August 14, 2026
कौन है वीरेंद्र सिंह बसोया?
वीरेंद्र सिंह बसोया पर बड़े अंतरराष्ट्रीय ड्रग सिंडिकेट से जुड़े होने और विदेश से भारत में कोकीन समेत अन्य नशीले पदार्थों की सप्लाई नेटवर्क संचालित करने का आरोप है। दिल्ली पुलिस की जांच में उसका नाम अक्टूबर 2024 में सामने आए बड़े कोकीन तस्करी नेटवर्क से जुड़ा था। जांच एजेंसियों के मुताबिक, नेटवर्क के तार दुबई समेत कई देशों तक फैले हुए थे।
2024 में दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने दक्षिण दिल्ली के महिपालपुर इलाके से 560 किलोग्राम से अधिक कोकीन और करीब 40 किलोग्राम हाइड्रोपोनिक मारिजुआना जब्त किया था। इसके बाद पश्चिम दिल्ली के रमेश नगर से भी करीब 208 किलोग्राम कोकीन की एक और खेप बरामद हुई थी। जांच बढ़ने के साथ पुलिस ने पूरे नेटवर्क को एक बड़े अंतरराष्ट्रीय ड्रग कार्टेल से जोड़कर देखा।
बाद की जांच में इस नेटवर्क से जुड़े कुल ड्रग कारोबार और बरामदगी का दायरा काफी बड़ा सामने आया। इंडियन एक्सप्रेस की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, बसोया को दिल्ली पुलिस द्वारा जांचे गए करीब ₹13,000 करोड़ के ड्रग जब्ती मामले में वांछित बताया गया है। जांच में दक्षिण भारत और गुजरात की फार्मास्युटिकल कंपनियों के कथित इस्तेमाल तथा करीब 1,289 किलोग्राम कोकीन से जुड़े नेटवर्क का भी उल्लेख है।
तुषार गोयल और जितेंद्र सिंह से जुड़ा था नेटवर्क
जांच में बसोया के साथ तुषार गोयल और जितेंद्र गिल उर्फ जस्सी जैसे आरोपियों के नाम भी सामने आए थे। पुलिस का आरोप है कि भारत में ड्रग नेटवर्क के संचालन और खेप पहुंचाने के काम में इन लोगों की अलग-अलग भूमिकाएं थीं।
रिपोर्ट्स के अनुसार, जांचकर्ताओं का मानना है कि बसोया ने तुषार गोयल को ड्रग कारोबार से जोड़ा था। कुछ रिपोर्टों में दावा किया गया है कि उसे हर खेप की डिलीवरी के एवज में करोड़ों रुपये देने की पेशकश की गई थी। इस भुगतान को लेकर अलग-अलग शुरुआती मीडिया रिपोर्टों में ₹3 करोड़ और ₹4 करोड़ के आंकड़े सामने आए थे; इसलिए इसे जांच एजेंसियों के आरोप के रूप में ही देखा जाना चाहिए।
पुणे के हजारों करोड़ के ड्रग केस से भी जुड़ा नाम
बसोया का नाम पुणे पुलिस के एक बड़े मेफेड्रोन ड्रग मामले से भी जुड़ चुका है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, उसके बेटे की शादी से ठीक पहले पुणे पुलिस ने दिल्ली समेत कई ठिकानों पर कार्रवाई की थी और हजारों करोड़ रुपये मूल्य की ड्रग्स जब्त की थीं। पुलिस को शादी समारोह में बसोया की मौजूदगी की जानकारी मिलने के बावजूद वह बाद में दुबई भागने में सफल रहा था।
‘Vision Document on Drug Control 2026-2029’ से जुड़ी बड़ी रणनीति
बसोया की भारत वापसी ऐसे समय हुई है जब केंद्र सरकार ने नशीले पदार्थों के नेटवर्क को खत्म करने के लिए अगले तीन वर्षों की विस्तृत रणनीति तैयार की है। गृह मंत्री अमित शाह ने 26 जून 2026 को नई दिल्ली में NCORD की 10वीं शीर्ष स्तरीय बैठक के दौरान ‘Vision Document on Drug Control (2026-2029)’ और NCB Annual Report-2025 जारी की थी।
इस विजन डॉक्यूमेंट में सिंथेटिक ड्रग्स, डार्कनेट नेटवर्क, सीमा पार तस्करी और अंतरराष्ट्रीय ड्रग सिंडिकेट जैसी चुनौतियों से निपटने पर जोर दिया गया है। सरकार की रणनीति ‘Detect, Disrupt and Destroy’ के सिद्धांत पर आधारित है, जिसका उद्देश्य ड्रग नेटवर्क के स्रोत से लेकर उसके किंगपिन, फंडिंग और सप्लाई चेन तक को निशाना बनाना है।
अमित शाह ने उस बैठक में कहा था कि सरकार अगले तीन वर्षों में ड्रग कारोबार के पूरे इकोसिस्टम पर इतनी निर्णायक कार्रवाई करना चाहती है कि वह दशकों तक दोबारा खड़ा न हो सके। सरकार ने विदेशों में छिपे ड्रग तस्करों और गैंगस्टरों के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस, प्रत्यर्पण और अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों के सहयोग की प्रक्रिया तेज करने पर भी जोर दिया है।
बसोया की UAE से भारत वापसी इसी नीति के तहत अंतरराष्ट्रीय सहयोग और एजेंसियों के बीच समन्वय की एक महत्वपूर्ण सफलता के तौर पर देखी जा रही है।
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