गुजरात के अहमदाबाद रेलवे स्टेशन पर रेलवे सुरक्षा बल (RPF) ने एक संवेदनशील मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए जोधपुर की दो नाबालिग लड़कियों को ट्रेन से सुरक्षित बचाया है। घटना 13 अगस्त 2026 की बताई गई है। मामले में दो आरोपियों को हिरासत में लेकर आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए संबंधित पुलिस एजेंसियों को सौंप दिया गया।
प्राप्त जानकारी के मुताबिक, जोधपुर की रहने वाली 15 और 17 वर्ष की दो नाबालिग लड़कियां सोशल मीडिया और ऑनलाइन गेमिंग प्लेटफॉर्म के माध्यम से आरोपियों के संपर्क में आई थीं। आरोप है कि लड़कियों से संपर्क स्थापित करने के लिए फर्जी पहचान और हिंदू नाम वाले सोशल मीडिया अकाउंट का इस्तेमाल किया गया।
फर्जी पहचान के जरिए नाबालिग लड़कियों से संपर्क का आरोप
मामले में पकड़े गए आरोपियों की पहचान Aquib Ansari (24) और Syed Ibrahim के रूप में बताई गई है। दोनों के बेंगलुरु से जुड़े होने की जानकारी सामने आई है।
आरोप है कि लड़कियों का विश्वास हासिल करने के लिए फर्जी ऑनलाइन प्रोफाइल तैयार किए गए थे। इसके अलावा “Aryan” नाम से कथित फर्जी e-Aadhaar का इस्तेमाल किए जाने की बात भी सामने आई है। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि इन फर्जी दस्तावेजों को किस तरह तैयार किया गया और उनका इस्तेमाल कहां-कहां किया गया।
जोधपुर से बेंगलुरु ले जाने की थी योजना
जानकारी के अनुसार, दोनों लड़कियों को घर से निकलने के बाद जोधपुर रेलवे स्टेशन तक पहुंचाया गया। इसके बाद उन्हें Jodhpur–KSR Bengaluru Superfast Express (Train No. 20693) में बैठाया गया। कथित तौर पर उन्हें बेंगलुरु ले जाया जा रहा था।
इस बीच जोधपुर के कुड़ी भगतासनी पुलिस थाने को मामले की सूचना मिली। इसके बाद अहमदाबाद RPF को अलर्ट किया गया और ट्रेन के अहमदाबाद पहुंचने पर कार्रवाई की तैयारी की गई।
अहमदाबाद रेलवे स्टेशन पर RPF का ऑपरेशन
सूचना मिलते ही अहमदाबाद रेलवे स्टेशन पर RPF की टीम सक्रिय हो गई। ट्रेन के स्टेशन पहुंचने पर टीम ने संदिग्धों और लड़कियों की तलाश शुरू की।
बताया गया है कि इस दौरान एक लड़की की पहचान कर ली गई। एक आरोपी ने कथित तौर पर मौके से भागने की कोशिश की और मोबाइल फोन फेंककर उसमें मौजूद डेटा मिटाने का प्रयास भी किया। हालांकि RPF टीम ने पीछा कर उसे पकड़ लिया।
इसके बाद दूसरे आरोपी और दूसरी नाबालिग लड़की का भी पता लगाया गया। दोनों को प्लेटफॉर्म नंबर 1 के आसपास ट्रेस किया गया और दूसरी लड़की को भी सुरक्षित संरक्षण में लिया गया।
फर्जी दस्तावेज और आधार कार्ड की तस्वीरें मिलने का दावा
कार्रवाई के दौरान आरोपियों के पास से कथित फर्जी दस्तावेज और लड़कियों के आधार कार्ड की तस्वीरें मिलने की जानकारी सामने आई है। बरामद सामग्री की जांच संबंधित एजेंसियों द्वारा की जा रही है।
दोनों नाबालिग लड़कियों को सुरक्षित बचाने के बाद आवश्यक प्रक्रिया पूरी की गई। वहीं, आरोपियों और मामले से संबंधित जानकारी को आगे की जांच के लिए GRP तथा जोधपुर पुलिस को सौंपा गया है।
सोशल मीडिया पर नाबालिगों की सुरक्षा फिर बनी चिंता
यह मामला सोशल मीडिया, ऑनलाइन गेमिंग और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर नाबालिगों की सुरक्षा से जुड़ी गंभीर चिंताओं को एक बार फिर सामने लाता है। फर्जी नाम, फोटो और दस्तावेजों के सहारे ऑनलाइन पहचान छिपाना अभिभावकों और जांच एजेंसियों के लिए बड़ी चुनौती बनता जा रहा है।
ऐसे मामलों में बच्चों की ऑनलाइन गतिविधियों को लेकर जागरूकता, संदिग्ध ऑनलाइन संपर्कों की समय पर पहचान और पुलिस को तत्काल सूचना देना बेहद महत्वपूर्ण है।
अहमदाबाद RPF और जोधपुर पुलिस के बीच समय पर सूचना साझा होने और त्वरित कार्रवाई के कारण दोनों नाबालिग लड़कियों को सुरक्षित बचाया जा सका। मामले की आगे की जांच में आरोपों और घटनाक्रम से जुड़े अन्य पहलुओं की पुष्टि की जाएगी।
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