मध्य पूर्व में पहले से जारी तनाव के बीच संयुक्त अरब अमीरात (UAE) और ईरान के रिश्तों में एक बार फिर बड़ा संकट पैदा हो गया है। UAE ने ईरान के साथ सभी व्यापारिक गतिविधियों, कमर्शियल एक्सचेंज और वित्तीय लेनदेन को अगले आदेश तक रोकने का फैसला किया है। यह कदम उस घटना के बाद उठाया गया है, जिसमें UAE ने ईरान की ओर से दो बैलिस्टिक मिसाइलें दागे जाने का आरोप लगाया है। ईरान ने हालांकि इन आरोपों को खारिज किया है।
UAE ने ईरान के साथ व्यापार पर लगाई रोक
UAE के विदेश मंत्रालय ने क्षेत्र में बढ़ते तनाव को फैसले की वजह बताया है। मंत्रालय के मुताबिक ऐसी घटनाएं क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय शांति एवं सुरक्षा को प्रभावित कर रही हैं। इसी के चलते ईरान के साथ सभी व्यापारिक गतिविधियों, कारोबारी आदान-प्रदान और वित्तीय ट्रांजैक्शन को अगले आदेश तक रोक दिया गया है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि प्रतिबंध कितने समय तक लागू रहेगा।
यह फैसला इसलिए भी अहम माना जा रहा है क्योंकि हाल के महीनों में दोनों देशों के बीच सीमित व्यापारिक संपर्क दोबारा शुरू होने लगे थे। Reuters के मुताबिक UAE और ईरान के बीच डायरेक्ट कार्गो शिपिंग जून के आखिर में दुबई के जेबेल अली पोर्ट के रास्ते बहाल हुई थी।
दो बैलिस्टिक मिसाइलों को लेकर विवाद
UAE के रक्षा मंत्रालय ने कहा कि उसके एयर डिफेंस सिस्टम ने ईरान की दिशा से लॉन्च की गई दो बैलिस्टिक मिसाइलों का पता लगाया। मंत्रालय के आकलन के अनुसार इन मिसाइलों का निशाना समुद्री यातायात था। एक मिसाइल UAE के क्षेत्रीय जल के बाहर और दूसरी उसके क्षेत्रीय जल में समुद्र में गिरी। घटना में किसी बड़े नुकसान की जानकारी नहीं दी गई।
मिसाइलों का पता चलने के बाद UAE में लोगों के मोबाइल फोन पर कुछ समय के लिए इमरजेंसी अलर्ट भी जारी किया गया। Financial Times की रिपोर्ट के मुताबिक इस घटनाक्रम को हाल के महीनों में UAE की तरफ बढ़े मिसाइल खतरे के बीच एक अहम घटना माना जा रहा है।
ईरान ने आरोपों को किया खारिज
दूसरी ओर ईरान ने UAE के आरोपों से इनकार किया है। ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने मिसाइल लॉन्च में ईरान की भूमिका से इनकार करते हुए UAE के आरोपों को बेबुनियाद बताया। ऐसे में घटना को लेकर दोनों देशों के दावे एक-दूसरे के विपरीत हैं।
पहले भी जहाजों पर हमले का आरोप लगा चुका है UAE
मिसाइल विवाद ऐसे समय सामने आया है जब होर्मुज स्ट्रेट में समुद्री सुरक्षा को लेकर पहले से तनाव बना हुआ है। इससे कुछ दिन पहले UAE ने ईरान पर ADNOC से जुड़े जहाजों पर हमले करने का आरोप लगाया था। Reuters ने 14 अगस्त को बताया था कि होर्मुज में जहाजों की आवाजाही बेहद कम हो गई थी और UAE की तेल कंपनी से जुड़े दो जहाजों पर हमलों की सूचना सामने आई थी।
दुनिया के लिए क्यों अहम है Strait of Hormuz?
होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण एनर्जी ट्रेड रूट्स में शामिल है। International Energy Agency के मुताबिक 2025 में करीब 20 मिलियन बैरल प्रतिदिन तेल, यानी दुनिया के समुद्री तेल व्यापार का लगभग 25 प्रतिशत, इस रास्ते से गुजरता था। इसी रास्ते से होने वाला LNG व्यापार वैश्विक LNG ट्रेड का करीब 19 प्रतिशत था।
अमेरिकी Energy Information Administration के आंकड़ों में भी होर्मुज से गुजरने वाले तेल को वैश्विक तेल खपत के लगभग पांचवें हिस्से और LNG को वैश्विक LNG व्यापार के करीब पांचवें हिस्से के बराबर बताया गया है। इसलिए यहां लंबे समय तक तनाव रहने पर तेल-गैस की वैश्विक सप्लाई, शिपिंग लागत और ऊर्जा कीमतों पर व्यापक प्रभाव पड़ सकता है।
UAE-Iran संबंधों को बड़ा झटका
UAE का ताजा फैसला दोनों देशों के आर्थिक संबंधों के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। हाल में सीमित कारोबारी संपर्क बहाल होने के बाद यह उम्मीद बनी थी कि संबंधों में धीरे-धीरे स्थिरता आ सकती है, लेकिन नए मिसाइल विवाद और व्यापारिक रोक ने हालात फिर बदल दिए हैं।
अब सबसे ज्यादा नजर इस बात पर रहेगी कि ईरान इस आर्थिक कदम के जवाब में क्या कार्रवाई करता है और क्या इसका असर होर्मुज स्ट्रेट में समुद्री यातायात पर और बढ़ता है।
हमारी यूट्यूब चैनल को लाइक, शेयर और सब्सक्राइब करे
Like, Share and Subscribe our YouTube channel