कर्नाटक में भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई करते हुए लोकायुक्त पुलिस ने बेंगलुरु के एक विशेष भूमि अधिग्रहण अधिकारी के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति के मामले में बड़ी तलाशी कार्रवाई की है। आरोपी सरकारी अधिकारी B. मल्लिकार्जुन के आवास, कार्यालय और रिश्तेदारों से जुड़े 11 से अधिक ठिकानों पर एक साथ सर्च ऑपरेशन चलाया गया।
तलाशी के दौरान अधिकारी से जुड़ी कुल संपत्ति करीब ₹18 करोड़ आंकी गई है। प्रारंभिक जांच में इनमें से लगभग ₹13 करोड़ की संपत्ति ज्ञात आय से अधिक होने का आरोप है। इस संबंध में KLA पुलिस स्टेशन में B. मल्लिकार्जुन के खिलाफ मामला दर्ज कर आगे की जांच की जा रही है।
कर्नाटक में लोकायुक्त पुलिस पहले भी आय से अधिक संपत्ति के मामलों में सरकारी अधिकारियों के घरों और कार्यालयों पर एक साथ छापेमारी करती रही है। उदाहरण के तौर पर जुलाई 2025 में लोकायुक्त ने आठ अधिकारियों से जुड़े 41 ठिकानों पर तलाशी अभियान चलाया था।
11 ठिकानों पर एक साथ लोकायुक्त की तलाशी
मिली जानकारी के अनुसार, लोकायुक्त पुलिस की अलग-अलग टीमों ने आरोपी अधिकारी से जुड़े 11 से ज्यादा स्थानों को खंगाला। इनमें अधिकारी का घर, कार्यालय और उनके रिश्तेदारों के आवास भी शामिल बताए जा रहे हैं।
जांच एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि अधिकारी की सेवा अवधि के दौरान हुई वैध आय और उनके नाम अथवा उनसे जुड़े लोगों के पास मिली चल-अचल संपत्ति के बीच कितना अंतर है।
₹2.53 करोड़ कैश मिलने का दावा
तलाशी अभियान के दौरान सबसे चौंकाने वाली बरामदगी नकदी की बताई गई है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, अधिकारी के आवास से करीब ₹2.53 करोड़ नकद बरामद किए गए।
इसके अलावा जमीन, मकान, बैंक बैलेंस, वाहन, आभूषण और घरेलू सामान समेत कई अन्य संपत्तियों का भी पता चला है।
100 एकड़ से ज्यादा कृषि भूमि, कीमत ₹14.28 करोड़
लोकायुक्त की कार्रवाई में अधिकारी से जुड़ी अचल संपत्तियों का बड़ा हिस्सा सामने आने का दावा किया गया है। तलाशी में मिली संपत्ति का ब्यौरा इस प्रकार बताया गया है:
- 2 मकान
- करीब 100 एकड़ 5 गुंटा कृषि भूमि
- कृषि भूमि का अनुमानित मूल्य करीब ₹14.28 करोड़
- करीब ₹2.53 करोड़ नकद
- लगभग ₹3.10 लाख के सोने और चांदी के आभूषण
- करीब ₹15 लाख मूल्य के वाहन
- लगभग ₹1 करोड़ बैंक बैलेंस
- करीब ₹33.40 लाख मूल्य का घरेलू सामान
इन सभी संपत्तियों और निवेश से जुड़े दस्तावेजों की जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि इनमें कितनी संपत्ति वैध आय से खरीदी गई और कितनी कथित रूप से आय से अधिक है।
₹18 करोड़ की कुल संपत्ति, ₹13 करोड़ आय से अधिक होने का आरोप
प्रारंभिक आकलन के मुताबिक अधिकारी से जुड़ी कुल संपत्ति करीब ₹18 करोड़ बताई जा रही है। इसमें लगभग ₹13 करोड़ की संपत्ति कथित तौर पर उनकी ज्ञात आय के अनुपात से अधिक पाई गई है।
हालांकि, आय से अधिक संपत्ति के मामले में अंतिम निष्कर्ष जांच, दस्तावेजों के सत्यापन और आगे की कानूनी प्रक्रिया के बाद ही सामने आएगा। फिलहाल लोकायुक्त पुलिस मामले में वित्तीय लेन-देन, जमीन की खरीद, बैंक खातों और अन्य निवेशों की जांच कर रही है।
बिहार के इंजीनियर गोपाल कुमार के यहां भी मिली थी करोड़ों की संपत्ति
इससे पहले बिहार में सरकारी इंजीनियर गोपाल कुमार के खिलाफ हुई कार्रवाई ने भी सुर्खियां बटोरी थीं। आपके उपलब्ध कराए विवरण के मुताबिक, जांच में उनकी ज्ञात आय से करीब ₹2.006 करोड़ अधिक की संपत्ति मिलने का दावा किया गया था, जो ज्ञात आय से लगभग 81.5 प्रतिशत अधिक बताई गई थी।
तलाशी के दौरान करीब ₹39.65 लाख नकद, आभूषण, व्यावसायिक दुकानें, जमीन और निर्माणाधीन भवन से जुड़े दस्तावेज मिलने की बात सामने आई थी। गोपाल कुमार ने वर्ष 2008 में बिहार सरकार में नौकरी शुरू की थी।
कर्नाटक के मौजूदा मामले में भी अब जांच का फोकस इस बात पर रहेगा कि बरामद नकदी और संपत्ति के लिए अधिकारी वैध आय का स्रोत साबित कर पाते हैं या नहीं।
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