बांग्लादेश में हिंदू समुदाय से जुड़े दो लोगों की अलग-अलग हिंसक घटनाओं में मौत के बाद अल्पसंख्यकों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर चर्चा तेज हो गई है। सोमवार, 7 सितंबर को नौगांव जिले के महादेवपुर में एक हिंदू स्वर्णकार की धारदार हथियार से हमला कर हत्या कर दी गई, जबकि कॉक्स बाजार जिले के महेशखाली में एक हिंदू महिला की घर में घुसे एक कथित चोर ने चाकू मारकर हत्या कर दी।
दोनों मामलों में पुलिस जांच कर रही है। फिलहाल उपलब्ध पुलिस और स्थानीय मीडिया रिपोर्टों में यह स्थापित नहीं हुआ है कि इन वारदातों को पीड़ितों की धार्मिक पहचान के कारण अंजाम दिया गया। एक मामले में लूट और दूसरे में कथित चोरी का एंगल सामने आया है।
नौगांव में घर लौट रहे स्वर्णकार पर हमला
पहली घटना बांग्लादेश के नौगांव जिले के महादेवपुर उपजिला की है। यहां स्वर्णकार अलिफ/ओलिफ चंद्र दत्ता सोमवार रात अपनी आभूषण की दुकान बंद करके घर लौट रहे थे।
स्थानीय मीडिया के मुताबिक, घर के पास पहुंचने पर अज्ञात हमलावरों ने उन पर धारदार हथियार से हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल दत्ता को पहले स्थानीय अस्पताल और बाद में राजशाही मेडिकल कॉलेज अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
रिपोर्ट्स के मुताबिक हमलावर उनके पास मौजूद करीब छह भरी सोना, यानी लगभग 70 ग्राम सोने के आभूषण, और बड़ी मात्रा में नकदी लेकर फरार हो गए। कुछ स्थानीय रिपोर्टों में नकदी की रकम सात लाख बांग्लादेशी टका बताई गई है।
महादेवपुर पुलिस मामले में शामिल लोगों की पहचान और हमले के वास्तविक मकसद का पता लगाने में जुटी है।
महेशखाली में महिला की चाकू मारकर हत्या
दूसरी वारदात कॉक्स बाजार जिले के महेशखाली उपजिला में हुई। यहां शिल्पी रानी शील नाम की महिला अपने घर में थीं, तभी कथित रूप से चोरी के इरादे से एक अज्ञात व्यक्ति घर में घुस आया।
स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार, महिला ने संदिग्ध व्यक्ति को देखकर ‘चोर-चोर’ चिल्लाते हुए आसपास के लोगों को बुलाने की कोशिश की। इसके बाद हमलावर ने उन पर कई बार चाकू से वार किया और मौके से फरार हो गया।
गंभीर रूप से घायल रानी शील को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। महेशखाली पुलिस आरोपी की पहचान और गिरफ्तारी के लिए जांच कर रही है।
रंगपुर में भी हुई थी एक हिंदू परिवार के चार सदस्यों की हत्या
ये दोनों वारदातें ऐसे समय सामने आई हैं जब कुछ सप्ताह पहले रंगपुर में एक सेवानिवृत्त हिंदू शिक्षक गणपति चक्रवर्ती, उनकी पत्नी और दो बच्चों की हत्या ने भी व्यापक ध्यान खींचा था।
चारों शव एक बंद मकान से बरामद किए गए थे। बाद की पुलिस जांच में अधिकारियों ने बताया कि परिवार के सदस्यों की गला घोंटकर हत्या की गई थी और दो संदिग्धों के खिलाफ जांच आगे बढ़ाई गई। पुलिस ने उस मामले में नशीले पदार्थों के इस्तेमाल को लेकर हुए विवाद समेत अन्य पहलुओं की जांच की।
अल्पसंख्यकों की सुरक्षा को लेकर फिर चर्चा
लगातार सामने आ रही हिंसक घटनाओं के कारण बांग्लादेश में हिंदुओं और अन्य अल्पसंख्यकों की सुरक्षा का मुद्दा फिर चर्चा में है। हालांकि नौगांव और महेशखाली की इन दोनों ताजा घटनाओं में जांच एजेंसियों ने अभी तक धार्मिक पहचान को हत्या का कारण घोषित नहीं किया है।
ऐसे में यह स्पष्ट होना अभी बाकी है कि नौगांव के स्वर्णकार की हत्या केवल लूट के दौरान हुई या इसके पीछे कोई दूसरा मकसद था। इसी तरह महेशखाली की घटना में पुलिस कथित चोरी और हमले से जुड़े तथ्यों की जांच कर रही है।
दोनों मामलों में आरोपियों की पहचान, गिरफ्तारी और हत्या के वास्तविक मकसद को लेकर पुलिस जांच जारी है।
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