भारतीय सिनेमा के प्रसिद्ध अभिनेता नसीरुद्दीन शाह एक बार फिर अपने बयान को लेकर चर्चा में हैं। सोशल मीडिया पर सामने आए एक वीडियो में अभिनेता खुद को ‘दिमागी नक्सल’ बताते हुए दिखाई दे रहे हैं। इस वीडियो को केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने सोशल मीडिया पर साझा करते हुए शाह के विचारों की आलोचना की है।
रिजिजू ने अपनी पोस्ट में कहा कि वह पहले नसीरुद्दीन शाह को एक सामान्य अभिनेता समझते थे और उनके अभिनय को पसंद करने के साथ उनका सम्मान भी करते थे। हालांकि, वीडियो सामने आने के बाद उन्होंने अभिनेता को लेकर अपनी राय बदलने की बात कही।
‘मैं फख्र से कहता हूं, मैं दिमागी नक्सल हूं’ — नसीरुद्दीन शाह
वायरल वीडियो में नसीरुद्दीन शाह कथित तौर पर कहते सुनाई दे रहे हैं:
“मैं फख्र के साथ कहता हूं, मैं दिमागी नक्सल हूं। एंटी नेशनल, टुकड़े-टुकड़े गैंग हूं। जो करना है, करके देख लो। देख लेंगे, कितना जोर है बाजू-ए-कातिल में।” वीडियो में शाह की ओर से इस्तेमाल किए गए ‘दिमागी नक्सल’, ‘एंटी नेशनल’ और ‘टुकड़े-टुकड़े गैंग’ जैसे शब्द राजनीतिक चर्चाओं में अक्सर सुनाई देते हैं।
I thought Naseeruddin Shah was just an ordinary actor. I used to respect & like him.. I never knew that he was a dangerous urban Dimagi Naxal !
मुझे उसके असली चरित्र के बारे में बहुत देर से पता चला।। भारत के लोकतंत्र के लिए अत्यंत हानिकारक है। pic.twitter.com/McSDNBJjPt
— Kiren Rijiju (@KirenRijiju) October 28, 2026
किरेन रिजिजू ने कहा — नसीरुद्दीन शाह के विचार लोकतंत्र के लिए हानिकारक
केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने नसीरुद्दीन शाह के वीडियो पर प्रतिक्रिया देते हुए उनके प्रति अपनी निराशा व्यक्त की।
उपलब्ध विवरण के अनुसार, रिजिजू ने कहा:
“मुझे लगता था कि नसीरुद्दीन शाह बस एक सामान्य से अभिनेता हैं। मैं उन्हें पसंद करने के साथ-साथ उनका सम्मान भी करता था। मैं बिल्कुल भी नहीं जानता था कि वह एक खतरनाक दिमागी नक्सल हैं। मुझे उनके असली चरित्र के बारे में बहुत देर से पता चला।”
उन्होंने शाह के विचारों को भारतीय लोकतंत्र के लिए अत्यंत हानिकारक भी बताया।
क्या है ‘अर्बन नक्सल’ शब्द और क्यों होता है विवाद?
नसीरुद्दीन शाह के वायरल वीडियो के बाद ‘अर्बन नक्सल’ शब्द भी चर्चा में है।
भारतीय राजनीतिक विमर्श में इस शब्द का इस्तेमाल अक्सर ऐसे व्यक्तियों या समूहों के लिए किया जाता है, जिन पर शहरी क्षेत्रों में माओवादी विचारधारा या गतिविधियों का समर्थन करने का आरोप लगाया जाता है।
हालांकि, ‘अर्बन नक्सल’ कोई अपने आप में स्थापित कानूनी अपराध की श्रेणी नहीं है। इस शब्द के उपयोग को लेकर लंबे समय से मतभेद रहे हैं। कुछ लोग इसे शहरी माओवादी नेटवर्क के संदर्भ में इस्तेमाल करते हैं, जबकि आलोचकों का कहना है कि कई बार इसका प्रयोग राजनीतिक असहमति व्यक्त करने वाले लोगों के लिए भी किया जाता है।
‘अर्बन नक्सल’ शब्द की चर्चा कैसे बढ़ी?
शहरी क्षेत्रों में माओवादी संगठनों की रणनीति को लेकर लंबे समय से बहस होती रही है। साल 2004 में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) से संबंधित ‘अर्बन पर्सपेक्टिव’ नामक दस्तावेज में शहरी क्षेत्रों में संगठनात्मक गतिविधियों और विभिन्न सामाजिक वर्गों के बीच काम करने की रणनीति पर चर्चा की गई थी।
इस दस्तावेज को बाद में शहरी माओवादी गतिविधियों पर होने वाली चर्चाओं में संदर्भित किया गया। साल 2017 में फिल्मकार विवेक अग्निहोत्री ने भी अपने एक लेख में ‘अर्बन नक्सल’ शब्द का इस्तेमाल किया था। इसके बाद 2018 के भीमा कोरेगांव मामले से जुड़ी राजनीतिक और सार्वजनिक बहसों में यह शब्द अधिक प्रमुखता से सामने आया।
कौन हैं नसीरुद्दीन शाह? भारतीय सिनेमा में लंबा करियर
नसीरुद्दीन शाह भारतीय फिल्म उद्योग के सबसे अनुभवी और प्रतिष्ठित अभिनेताओं में गिने जाते हैं। उन्होंने समानांतर सिनेमा के साथ मुख्यधारा की हिंदी फिल्मों में भी कई यादगार भूमिकाएं निभाई हैं।
अपने अभिनय करियर के दौरान शाह ने सामाजिक मुद्दों, मानवीय संबंधों, अपराध, राजनीति और व्यक्तिगत संघर्षों पर आधारित अनेक फिल्मों में काम किया है। उनके अभिनय को राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों सहित कई प्रतिष्ठित सम्मानों से सराहा गया है। फिल्मों के अलावा वह रंगमंच से भी लंबे समय से जुड़े रहे हैं।
नसीरुद्दीन शाह के परिवार में कौन-कौन हैं?
नसीरुद्दीन शाह का निजी जीवन भी फिल्म जगत से जुड़ा रहा है। उनकी पहली शादी परवीन मुराद, जिन्हें मनारा सिकरी के नाम से भी जाना जाता है, से हुई थी। इस विवाह से उनकी बेटी हीबा शाह हैं। बाद में नसीरुद्दीन शाह ने अभिनेत्री रत्ना पाठक शाह से शादी की।
रत्ना पाठक शाह स्वयं भारतीय सिनेमा, टेलीविजन और रंगमंच की जानी-मानी अभिनेत्री हैं। दोनों के दो बेटे हैं — इमाद शाह और विवान शाह। दोनों अभिनय और कला के क्षेत्र से जुड़े हैं।
नसीरुद्दीन शाह की पांच चर्चित फिल्में
- अ वेडनेसडे: साल 2008 में रिलीज हुई ये फिल्म एक आम आदमी के जीवन पर बनी है, जो बाद में सिस्टम के खिलाफ खड़ा हो जाता है।
- इकबाल: 2005 में सिनेमाघरों में दिखाई गई इस फिल्म में नसीरुद्दीन शाह ने एक शराबी कोच का किरदार निबाया है।
- सरफरोश: 1999 में आई इस फिल्म में नसीरुद्दीन शाह ने आतंकवादी का किरदार निभाया है। इस फिल्म में आमिर खान लीड एक्टर हैं।
- आक्रोश: साल 1980 में आई इस फिल्म ने सामाजिक अन्याय को बड़े पर्दे पर प्रदर्शित किया था।
- स्पर्श: 1980 में सिनेमाघरों में आई ये फिल्म दृष्टिबाधित लोगों पर बनाई गई थी।
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