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दिवाली से पहले अग्निवीरों को बड़ी सौगात! 4 से 6 साल होगी सेवा अवधि, 25% बनेंगे नियमित सैनिक

केंद्र सरकार ने अग्निवीरों के लिए बड़े बदलावों की घोषणा की है। पहले चार साल के बाद 25% अग्निवीर नियमित सैनिक बनेंगे, जबकि बाकी 75% को दो साल की अतिरिक्त सेवा का अवसर मिलेगा।

दिवाली से पहले अग्निवीरों को बड़ी सौगात! 4 से 6 साल होगी सेवा अवधि, 25% बनेंगे नियमित सैनिक

केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने दिवाली से पहले देश के अग्निवीरों के लिए एक महत्वपूर्ण फैसले की जानकारी दी है। उपलब्ध घोषणा के अनुसार, अग्निपथ योजना के तहत भर्ती होने वाले अग्निवीरों की सेवा व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया गया है। अब चार साल की प्रारंभिक सेवा पूरी करने वाले 25 प्रतिशत अग्निवीरों को मेरिट के आधार पर नियमित सैनिक के रूप में शामिल किया जाएगा, जबकि शेष 75 प्रतिशत अग्निवीरों को दो साल की अतिरिक्त सेवा अवधि का अवसर दिया जाएगा। इस तरह अतिरिक्त सेवा का विकल्प स्वीकार करने वाले अग्निवीर कुल छह साल तक सशस्त्र बलों में सेवाएं दे सकेंगे।

इस बदलाव का सबसे महत्वपूर्ण पहलू यह है कि चार साल की सेवा के बाद नियमित सैनिक के रूप में चयनित नहीं होने वाले अग्निवीरों के लिए भी सेना में आगे बढ़ने का रास्ता उपलब्ध कराया जाएगा। दो साल की अतिरिक्त सेवा पूरी करने के बाद इच्छुक अग्निवीरों को निर्धारित चयन मानदंडों के आधार पर नियमित सैनिक बनने का अवसर दिया जाएगा।

चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ की ओर से साझा किए गए विवरण के अनुसार, यह फैसला अग्निपथ योजना के पिछले चार वर्षों के प्रदर्शन, सशस्त्र बलों की परिचालन आवश्यकताओं और अग्निवीरों की भविष्य संबंधी आकांक्षाओं को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।

अग्निपथ योजना में बड़ा बदलाव, 75 प्रतिशत अग्निवीरों को मिलेगी दो साल की अतिरिक्त सेवा

अग्निपथ योजना की शुरुआत 14 जून 2022 को की गई थी। इस योजना के तहत युवाओं को चार साल के लिए भारतीय सशस्त्र बलों में अग्निवीर के रूप में भर्ती करने की व्यवस्था बनाई गई थी। मूल योजना के अनुसार, चार साल की सेवा पूरी होने के बाद अधिकतम 25 प्रतिशत अग्निवीरों को उनकी योग्यता, प्रदर्शन और संगठन की जरूरतों के आधार पर नियमित सेवा में शामिल किया जाना था, जबकि शेष 75 प्रतिशत अग्निवीरों को सेवा से मुक्त होना था।

अब उपलब्ध घोषणा के मुताबिक, सरकार ने शेष 75 प्रतिशत अग्निवीरों के लिए दो साल की दूसरी सेवा अवधि का प्रावधान मंजूर किया है। इससे ऐसे अग्निवीरों को कुल छह साल तक सशस्त्र बलों में सेवा देने का अवसर मिलेगा।

हालांकि, इसका अर्थ यह नहीं है कि सभी अग्निवीर स्वतः नियमित सैनिक बन जाएंगे। चार साल बाद पहले चरण में 25 प्रतिशत का चयन मेरिट के आधार पर होगा। शेष अग्निवीरों को अतिरिक्त दो साल की सेवा का विकल्प मिलेगा और उसके बाद नियमित सेवा में शामिल होने के लिए निर्धारित चयन प्रक्रिया पूरी करनी होगी।

चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ के हवाले से दी गई जानकारी के अनुसार, चार साल की सेवा पूरी करने वाले अग्निवीरों में से 25 प्रतिशत को नियमित सैनिक के रूप में शामिल करने की मौजूदा व्यवस्था जारी रहेगी। इसके लिए जवानों के प्रदर्शन, शारीरिक क्षमता, अनुशासन और अन्य निर्धारित मानदंडों को आधार बनाया जाएगा।

वहीं, बाकी 75 प्रतिशत अग्निवीरों को दो साल की अतिरिक्त सेवा का प्रस्ताव दिया जाएगा। इस अतिरिक्त अवधि के दौरान उन्हें सशस्त्र बलों में कार्य करने और अपने कौशल तथा अनुभव को और बेहतर बनाने का अवसर मिलेगा।

दूसरी सेवा अवधि समाप्त होने के बाद इच्छुक अग्निवीर नियमित सेवा में शामिल होने के लिए चयन प्रक्रिया में भाग ले सकेंगे। यह अवसर उनकी इच्छा और वस्तुनिष्ठ चयन मानदंडों पर निर्भर करेगा।

पहले बैच के अग्निवीरों का प्रदर्शन रहा शानदार, सरकार ने समीक्षा के बाद लिया निर्णय

अग्निपथ योजना के तहत वर्ष 2022 में भर्ती हुए पहले बैच के अग्निवीर अब अपनी चार साल की प्रारंभिक सेवा अवधि पूरी करने की ओर बढ़ रहे हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए सशस्त्र बलों ने पिछले चार वर्षों के दौरान अग्निवीरों के प्रदर्शन और योजना के परिणामों की विस्तृत समीक्षा की है।

उपलब्ध विवरण के मुताबिक, समीक्षा में अग्निवीरों की शारीरिक फिटनेस, अनुशासन, तकनीकी दक्षता, मनोबल और कार्य के प्रति समर्पण को लेकर सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली है। सशस्त्र बलों ने पाया कि अग्निवीरों ने कठिन सैन्य प्रशिक्षण और विभिन्न परिचालन परिस्थितियों में अपनी क्षमता का प्रदर्शन किया है। उनकी तकनीकी समझ और नई तकनीकों को अपनाने की क्षमता को भी महत्वपूर्ण माना गया है।

इसी समीक्षा के आधार पर अग्निवीरों को अतिरिक्त सेवा अवधि उपलब्ध कराने की सिफारिश की गई, जिसे कैबिनेट की मंजूरी मिलने की जानकारी दी गई है।

अतिरिक्त दो साल की सेवा में मिलेगा अधिक वेतन और बढ़ी हुई सेवा निधि

नई व्यवस्था के तहत अतिरिक्त दो साल की सेवा स्वीकार करने वाले अग्निवीरों को पहले की तुलना में अधिक पारिश्रमिक और बढ़ी हुई सेवा निधि का लाभ मिलने की बात कही गई है।

सीडीएस जनरल एनएस राजा सुब्रमणि ने बताया कि दूसरे सेवा कार्यकाल के दौरान अग्निवीरों के लिए बेहतर आर्थिक प्रावधान किए गए हैं। इससे अतिरिक्त अवधि में सेवा देने वाले जवानों को आर्थिक लाभ के साथ भविष्य के लिए अधिक बचत का अवसर मिल सकेगा। हालांकि, बढ़े हुए वेतन और सेवा निधि की सटीक राशि तथा भुगतान संबंधी शर्तें विस्तृत सरकारी दिशानिर्देशों से स्पष्ट होंगी।

अग्निवीरों की भर्ती प्रक्रिया में भी हुए महत्वपूर्ण बदलाव

अग्निपथ योजना की समीक्षा के दौरान भर्ती प्रक्रिया में किए गए सुधारों पर भी जानकारी दी गई। सीडीएस के मुताबिक, अग्निवीर भर्ती का दायरा देश के लगभग सभी जिलों तक पहुंच चुका है। इससे विभिन्न राज्यों और क्षेत्रों के युवाओं को सशस्त्र बलों में शामिल होने का अवसर मिला है।

भर्ती प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने के लिए लिखित परीक्षा को शारीरिक परीक्षा से पहले आयोजित करने की व्यवस्था अपनाई गई है। इससे लिखित परीक्षा में सफल उम्मीदवारों का शारीरिक और मेडिकल परीक्षण अधिक व्यवस्थित तरीके से किया जा सकता है। इसके अतिरिक्त अग्निवीरों को सेवा के दौरान कौशल विकास और शैक्षणिक योग्यता बढ़ाने के अवसर भी दिए जा रहे हैं।

10वीं पास अग्निवीरों को 12वीं और 12वीं पास को ग्रेजुएशन का अवसर

सीडीएस ने अग्निवीरों के शैक्षणिक विकास को भी योजना की महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। उनके अनुसार, सेवा के दौरान जवानों को अपनी पढ़ाई जारी रखने और शैक्षणिक योग्यता बढ़ाने के अवसर उपलब्ध कराए गए हैं।

दसवीं पास अग्निवीरों को बारहवीं स्तर की पढ़ाई पूरी करने तथा बारहवीं पास अग्निवीरों को स्नातक स्तर की शिक्षा प्राप्त करने के अवसर दिए गए हैं। इसके साथ ही सेवा के दौरान हासिल कौशल को मान्यता देने के लिए कौशल प्रमाणपत्र भी उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इन प्रमाणपत्रों का उद्देश्य अग्निवीरों के प्रशिक्षण और व्यावहारिक अनुभव को औपचारिक मान्यता देना है, जिससे भविष्य में अन्य रोजगार के अवसरों में भी मदद मिल सके।

दिसंबर 2026 में पूरा होना था पहले बैच का कार्यकाल

अग्निपथ योजना के तहत भर्ती हुए पहले बैच के हजारों अग्निवीर वर्ष 2026 के अंत तक अपनी प्रारंभिक चार साल की सेवा अवधि पूरी करने वाले थे।

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, पहले बैच के लगभग 18,000 से अधिक अग्निवीरों को दिसंबर 2026 तक नियमित सेवा में चयन न होने की स्थिति में सशस्त्र बलों से बाहर होना था। लेकिन अब सरकार के नए फैसले के बाद ऐसे अग्निवीरों के लिए दो साल की अतिरिक्त सेवा का विकल्प उपलब्ध होगा। यह निर्णय ऐसे समय लिया गया है, जब पहले बैच की सेवा अवधि समाप्त होने में कुछ ही सप्ताह बचे हैं।

गुजरात में पूर्व अग्निवीरों के लिए पुलिस भर्ती में भी राहत

अग्निवीरों के भविष्य को लेकर केंद्र सरकार के इस फैसले से पहले गुजरात सरकार ने भी पूर्व अग्निवीरों के लिए महत्वपूर्ण घोषणा की थी। गुजरात के उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने अक्टूबर 2026 में पूर्व अग्निवीरों को राज्य पुलिस भर्ती में परीक्षा संबंधी छूट देने की घोषणा की थी। इस कदम का उद्देश्य सैन्य प्रशिक्षण प्राप्त युवाओं के अनुभव और अनुशासन का उपयोग राज्य की सुरक्षा व्यवस्था में करना है।

केंद्र सरकार की ओर से अतिरिक्त दो साल की सैन्य सेवा का विकल्प और राज्य सरकारों की ओर से रोजगार के अवसर अग्निवीरों के भविष्य के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकते हैं।

अग्निवीरों के भविष्य और भारतीय सशस्त्र बलों के लिए महत्वपूर्ण फैसला

अग्निपथ योजना में किया गया यह बदलाव सशस्त्र बलों की परिचालन आवश्यकताओं और अग्निवीरों के करियर के बीच संतुलन स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

चार साल के बाद 25 प्रतिशत अग्निवीरों को नियमित सैनिक बनाने की व्यवस्था जारी रहेगी, जबकि शेष 75 प्रतिशत को अतिरिक्त दो साल तक सेवा करने का विकल्प मिलेगा। इसके बाद उन्हें भी निर्धारित चयन मानदंडों के आधार पर नियमित सेवा में शामिल होने का अवसर दिया जाएगा।

इस फैसले का सबसे महत्वपूर्ण पहलू यह है कि छह साल की सेवा पूरी करने से नियमित सैनिक के रूप में नियुक्ति की स्वतः गारंटी नहीं मिलेगी। नियमित नियुक्ति के लिए प्रदर्शन, पात्रता और सशस्त्र बलों की चयन प्रक्रिया महत्वपूर्ण रहेगी।

 

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